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दीवार ढही, मासूम की मौत, मां घायल

Sat, 22 Jul 2017 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Sat, 22 Jul 2017 12:04 AM IST
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Wall collapse, innocent death, mother injured
गमगीन परिवारीजन - फोटो : अमर उजाला
 देवा क्षेत्र के सिसवारा गांव में गुरुवार की रात एक मकान की कच्ची दीवार ढह जाने से मां व बेटा उसके नीचे दब गए। परिवारीजनों की चीख पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह दोनों को मलबे से बाहर निकाला और उन्हें सीएचसी देवा भिजवाया। जहां डेढ़ वर्षीय पुत्र को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल मां को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।      
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देवा कोतवाली क्षेत्र के सिसवारा गांव में बीती रात लवकुश की पत्नी कामिनी (28) अपने डेढ़ वर्षीय पुत्र अनमोल के साथ कच्चे घर के बरामदे में चारपाई पर सो रही थी। देर रात करीब 12 बजे बारिश से नम घर की कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई। जिससे दीवार के बगल में सो रही कामिनी व बेटा अनमोल मलबे के नीचे दब गए।
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हादसे के वक्त लवकुश अपने पिता के साथ घर के बाहर सो रहा था। दीवार ढहने के बाद चीख पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह मलबे में दबी मां व पुत्र को बाहर निकाला। इस बीच मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को सीएचसी देवा भिजवाया। जहां पर पुत्र को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
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वहीं, मां की हालत गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उधर, बारिश के मौसम में देर रात हुए दीवार ढहने के इस हादसे के बाद अगले दिन दोपहर तक कोई भी राजस्वकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा था। शाम तीन बजे राजस्वकर्मी पहुंचे और निरीक्षण कर चले गए। ग्रामीणों के मुताबिक मकान ढहने के बाद अब इस परिवार के पास खाने व पहनने को कुछ भी नहीं बचा है।      


पोते की मौत से सदमे में आए वृद्ध रामगुलाम पर मानों दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हो। भूखे व प्यासे रामगुलाम उस पलंग को दिन भर निहारते रहे, जिस पर उसका पोता सो रहा था। हादसे के बाद परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। 


मजदूर पेशा इस गरीब परिवार के पास अब सिर छुपाने की भी जगह नहीं बची है। लवकुश के परिवार को आज तक सरकारी योजनाओं का लाभ तक नहीं दिया गया। गरीब होने के बावजूद आज तक उसे कॉलोनी आदि का लाभ नहीं मिल सका। जिसके चलते यह गरीब परिवार आज भी कच्चे मकान में किसी तरह गुजर-बसर करने को मजबूर था। 
 
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