फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   villager drowned in Ghaghra river

घाघरा नदी में डूबा ग्रामीण

Sat, 15 Jul 2017 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Sat, 15 Jul 2017 11:50 PM IST
विज्ञापन
villager drowned in Ghaghra river
घर में घुसा पानी - फोटो : अमर उजाला
 जमीन को लील रही घाघरा नदी ने एक अधेड़ की जान ले ली। शनिवार को डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बाढ़ पीड़ित गांवों में हालात और बिगड़ने के आसार हैं। नेपाल से छोड़े गए पानी के पहुंचते ही खतरे के निशान से चार सेंटीमीटर नीचे पहुंची घाघरा का जलस्तर फिर बढ़ने से नदी भयावह रूप धारण करेगी।
विज्ञापन


जलस्तर कम होने के बाद कंचनापुर, जमका, खुज्जी, कमियार व अलीनगर-रानीमऊ तटबंध के पास खेतों में कटान तेज हो गई है। घाघरा के कटान को लेकर तराई के लोग काफी परेशान हैं। लगातार घाघरा में छोडे़ जा रहे पानी से तराई के और गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
विज्ञापन


सिरौलीगौसपुर, रामसनेहीघाट व रामनगर तहसील के करीब एक दर्जन गांव करीब 12 दिनों से बाढ़ की चपेट में हैं। इन गांवों में पानी भरा है तो लोगों के आने-जाने के संपर्क मार्ग तक पानी में डूबे हैं। उधर, चरपुरवा, नाउनपुरवा, बेटटा, नैपुरा, परसावल, रायपुर मांझा, कमियार गांवों में प्रशासन लगातार राहत सामग्री व तिरपाल बांट रहा है। रामनगर तहसील के जमका व खुज्जी पंचायत व कंचनापुर के खेतों में कटान तेजी से हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शनिवार को घाघरा में गिरिजा बैराज व शारदा बैराज से घाघरा नदी में 1,59790 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे तराई के हालात और बिगड़ने की बात से इन्कार नहीं किया जा सकता है। उधर, शुक्रवार को रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के घाघरा के उस पार बसे कोयलावर गांव निवासी रामकरन (52) अपने दो बेटों के साथ फैजाबाद के शुजागंज बाजार गया था। देर रात लौटा तो अपने बेटों को नदी पार कराने के बाद साइकिल लेने उस पार गया।

साइकिल लेकर तैरते हुए आ ही रहा था, तभी वह घाघरा के तेज बहाव में बह कर डूब गया। पिता को डूबता देख घाघरा के किनारे खड़े बेटों ने शोर मचाया। मौके पर पहुंचे कई ग्रामीण घाघरा में उसे बचाने के लिए कूदे, मगर, जब तक उसे निकाला जाता, तब तक उसकी मौत हो गई। सूचना पाकर रामसनेहीघाट के तहसीलदार पंकज दीक्षित कोयलावर गांव पहुंचे और परिवारीजनों को मदद का भरोसा दिलाया। एसडीएम राहुल यादव ने बताया कि मृतक की पत्नी को किसान बीमा योजना, दैवीय आपदा व पारिवारिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।   
    
अलीनगर-रानीमऊ बांध में रैनकट से बांध को कटने की खबर अमर उजाला में प्रमुखता के साथ प्रकाशित होने के बाद बाढ़ विभाग सजग हुआ। शनिवार को विभाग के जेई शैलेश कुमार की देखरेख में बंधे पर रैनकट में मिट्टी डालकर उसकी कुटाई का काम कराया गया। हालांकि खेतों की कटान के बाद बंधे को खतरा बना हुआ है।       



घाघरा के उस पार बसे सिरौलीगौसपुर व रामसनेहीघाट तहसील के छह गांवों के 1380 परिवारों को जिला प्रशासन की ओर से राहत सामग्री उपलब्ध कराने का दावा किया गया है। प्रशासन की मानें तो नाउनपुरवा के 317, चरपुरवा के 31, नयापुरवा के 207,नैपुरा के 325, परसावल के 696 व कमियार के 476 बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री व तिरपाल उपलब्ध कराए गए हैं।       
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed