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Barabanki News: बुखार से महिला समेत दो की मौत, कई पीडि़त
Sat, 09 Nov 2024 01:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 09 Nov 2024 01:17 AM IST
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जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए टोकन प्राप्त करते मरीज। संवाद
बाराबंकी। डेंगू जानलेवा होने लगा है। रोग की चपेट में आकर एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं तेज बुखार से एक महिला की मौत हो गई। इसके अलावा कई लोग डेंगू जैसे लक्षण व तेज बुखार से पीड़ित होकर निजी चिकित्सकों से इलाज करा रहे हैं। पिछले साल इस माह में 356 लोग डेंगू से पीड़ित पाए गए थे और आठ से ज्यादा लोगों की मौत भी हो चुकी थी। इसके बाद भी विभाग चेत नहीं रहा है।
निंदूरा के कस्बा टिकैतगंज निवासी साबिर (55) पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। परिजनों ने बताया कि हालत गंभीर होने पर दो दिन पहले लखनऊ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां पर शुक्रवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि चिकित्सकों द्वारा कराई गई जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी।
वहीं रामनगर क्षेत्र के रेलीबाजार निवासी माया देवी (62) की तेज बुखार से मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि वह एक सप्ताह से पीड़ित थीं और गांव में ही चिकित्सक से इलाज चल रहा था। इसके अलावा वसीम, जितेंद्र उर्फ लवी गुप्ता, अब्दुल हई, मोहम्मद ताहिर, निशू वाजपेयी, टिंकू गुप्ता, लवकुश विश्वकर्मा, पूनम जायसवाल, रमाकांत वाजपेयी उर्फ मुनुवा काका, नूरजहां, अमित गुप्ता, पूजा गुप्ता, रामशंकर गुप्ता, साबिया व रफी अहमद आदि तेज बुखार व डेंगू जैसे लक्षणों से पीड़ित हैं।
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जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं जिससे पीड़ित निजी चिकित्सकों से अपना इलाज कराने के लिए मजबूर हैं। एसीएमओ डॉ. डीके श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों जगहों पर चिकित्सकों की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। जिले में मौजूदा समय में डेंगू के 68 मरीज हैं जिनका इलाज चल रहा है।
ओपीडी में सबसे ज्यादा रहे बुखार के मरीज
जिला अस्पताल की ओपीडी में बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं। शुक्रवार को टोकन लेने के लिए अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में मरीज खड़े रहे। वहीं पर्चा बनवाने के लिए भी लोग लाइन में लगे रहे। यहां इलाज के लिए आए केशव, इस्माइल, चांद व बाबा आदि ने बताया कि एक सप्ताह से वे तेज बुखार से पीड़ित हैं। निजी चिकित्सक से इलाज चल रहा था पर सुधार न होने पर अस्पताल में दिखाकर दवा ली। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश कुशवाहा ने बताया कि ओपीडी में करीब 1220 मरीज देख गए, इनमें सबसे ज्यादा मरीज बुखार के रहे।
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निंदूरा के कस्बा टिकैतगंज निवासी साबिर (55) पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। परिजनों ने बताया कि हालत गंभीर होने पर दो दिन पहले लखनऊ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां पर शुक्रवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि चिकित्सकों द्वारा कराई गई जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी।
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वहीं रामनगर क्षेत्र के रेलीबाजार निवासी माया देवी (62) की तेज बुखार से मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि वह एक सप्ताह से पीड़ित थीं और गांव में ही चिकित्सक से इलाज चल रहा था। इसके अलावा वसीम, जितेंद्र उर्फ लवी गुप्ता, अब्दुल हई, मोहम्मद ताहिर, निशू वाजपेयी, टिंकू गुप्ता, लवकुश विश्वकर्मा, पूनम जायसवाल, रमाकांत वाजपेयी उर्फ मुनुवा काका, नूरजहां, अमित गुप्ता, पूजा गुप्ता, रामशंकर गुप्ता, साबिया व रफी अहमद आदि तेज बुखार व डेंगू जैसे लक्षणों से पीड़ित हैं।
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जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं जिससे पीड़ित निजी चिकित्सकों से अपना इलाज कराने के लिए मजबूर हैं। एसीएमओ डॉ. डीके श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों जगहों पर चिकित्सकों की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। जिले में मौजूदा समय में डेंगू के 68 मरीज हैं जिनका इलाज चल रहा है।
ओपीडी में सबसे ज्यादा रहे बुखार के मरीज
जिला अस्पताल की ओपीडी में बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं। शुक्रवार को टोकन लेने के लिए अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में मरीज खड़े रहे। वहीं पर्चा बनवाने के लिए भी लोग लाइन में लगे रहे। यहां इलाज के लिए आए केशव, इस्माइल, चांद व बाबा आदि ने बताया कि एक सप्ताह से वे तेज बुखार से पीड़ित हैं। निजी चिकित्सक से इलाज चल रहा था पर सुधार न होने पर अस्पताल में दिखाकर दवा ली। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश कुशवाहा ने बताया कि ओपीडी में करीब 1220 मरीज देख गए, इनमें सबसे ज्यादा मरीज बुखार के रहे।