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साढ़े बाइस हजार बच्चे अति कुपोषित
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 04 Jan 2016 11:27 PM IST
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बच्चों के पोषण के मामले में जनपद की दशा बदहाल है। जनपद में अतिकुपोषित बच्चों की संख्या 22,483 है। इसके अलावा कुपोषित बच्चों की संख्या में भी करीब एक लाख दस हजार है। इन बच्चों की ऑन लाइन फीडिंग का कार्य किया जा रहा है लेकिन फीडिंग का कार्य सुस्त रफ्तार से चल रहा है।
नौनिहालों को कुपोषण से बचाने के लिए बाल विकास पुष्टाहार का गठन किया गया है। लेकिन विभाग की लापरवाही के चलते बच्चों को कुपोषण से बचाने की मंशा पर पानी फिर गया है। जनपद में सितंबर में चलाए गए वजन दिवस के अभियान में जनपद में 5.8 फीसद बच्चे अतिकुपोषित पाए गए हैं।
जनपद में अति कुपोषित बच्चों की संख्या 22,483 है। इसके अलावा अभियान में 28.1 फीसद बच्चे कुपोषित पाए गए। इनकी संख्या 1,09,496 है। बताते चलें कि जनपद में बच्चों की कुल संख्या 3,89,321 है। विभाग द्वारा कुपोषित पाए गए इन बच्चों की सेहत में सुधार के लिए कोई खास प्रयास नहीं किया गया है। जिसके चलते बच्चों की सेहत में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।
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नौनिहालों को कुपोषण से बचाने के लिए बाल विकास पुष्टाहार का गठन किया गया है। लेकिन विभाग की लापरवाही के चलते बच्चों को कुपोषण से बचाने की मंशा पर पानी फिर गया है। जनपद में सितंबर में चलाए गए वजन दिवस के अभियान में जनपद में 5.8 फीसद बच्चे अतिकुपोषित पाए गए हैं।
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जनपद में अति कुपोषित बच्चों की संख्या 22,483 है। इसके अलावा अभियान में 28.1 फीसद बच्चे कुपोषित पाए गए। इनकी संख्या 1,09,496 है। बताते चलें कि जनपद में बच्चों की कुल संख्या 3,89,321 है। विभाग द्वारा कुपोषित पाए गए इन बच्चों की सेहत में सुधार के लिए कोई खास प्रयास नहीं किया गया है। जिसके चलते बच्चों की सेहत में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।
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