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शहर में नो इंट्री में वाहन आने से परेशानी
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बाराबंकी। नगर पालिका परिषद का बढ़ता दायरा और बढ़ती आबादी के बाद शहर के हालात दिनों-दिन खराब होते जा रहे हैं। जिला मुख्यालय वाली पालिका परिषद नगर के विकास में सहयोग के मामले में बैकफुट पर है।
इतने बड़े शहर में ट्रांसपोर्ट नगर तो दूर, वेंडिग जोन व पार्किंग तक का इंतजाम नहीं है। कई बार कार्ययोजना बनी, मगर उस पर अमल नहीं हुआ। ऐसे में नो इंट्री में बड़े वाहन शहरवासियों की समस्या और बढ़ा रहे हैं। ठेले-खोमचे वालों ने शहर के फुटपाथ तक पर कब्जा कर रखा है। ऐेसे में त्योहारों पर डायवर्जन व्यवस्था के बाद लगने वाले जाम से निजात दिलाने में यातायात और स्थानीय पुलिस को पसीना बहाना पड़ रहा है।
शहर में जहां साढ़े तीन लाख की आबादी निवास करती है। वहीं जिला मुख्यालय होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र से भी हजारों की संख्या में वाहन यहां पहुंचते हैं। ऐसे में शहर के नाका, पल्हरी, लखपेड़ाबाग, देवा तिराहा और बस स्टेशन चौराहा के पास जाम के हालात पैदा होते है। स्थाई हल निकालने को लेकर यातायात पुलिस ने शहर के फुटपाथ को एक फिट ऊंचा करने के साथ चौराहों को बांए और फ्री करने की कार्ययोजना तैयार कर जिलाधिकारी को भेजी। इस कार्य के दौरान कई बिजली के खंभे भी हटाए जाने थे।
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इसके साथ शहर में वेंडिंग जोन, पार्किंग स्थल, ट्रांसपोर्ट नगर व वैकल्पिक मार्ग के रूप में लखनऊ अयोध्या हाईवे से जयपुरिया स्कूल से होकर बहराइच हाईवे पर स्थित शहाबपुर और असेनी से देवा और कुर्सी मार्ग का जोड़ने वाली सड़कों को फोरलेन करने का प्रस्ताव भी था। मगर, यह सब ठंडे बस्ते में पड़े हैं। ऐसे में त्योहारों पर वाहनों के डायवर्जन के बाद भी जाम की समस्या का हल नहीं निकल पा रहा है।
नागेश्वरनाथ मंदिर से पल्हरी चौराहे को जोड़ने वाले मार्ग पर हमेशा माल वाहनों का जमावड़ा रहता है। वहीं हैदरगढ़ मार्ग पर मौरंग मंडी से हालात बेकाबू होते हैं। यहां तक कि पल्हरी चौराहे पर एक पेट्रोल पंप को लाभ पहुंचाने के लिए नो इंट्री में वाहनों को छूट दी जाती है। इससे शहर की यातायात व्यवस्था आए दिन ध्वस्त होती है।
डीएम को भेजा प्रस्ताव
त्योहारों को लेकर शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर डायवर्जन किया गया है। समस्या के स्थाई हल को लेकर कई प्रस्ताव तैयार कर भेजे गए। मगर, नगर के विकास में पालिका परिषद का सहयोग न मिलने पर उन पर अमल नहीं हो सका। इस बार प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेजा गया है। कार्ययोजना पर अमल हुआ तो शहर को जाम समस्या से निजात मिल जाएगी।
- पूर्णेंदु सिंह, एसपी यातायात
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इतने बड़े शहर में ट्रांसपोर्ट नगर तो दूर, वेंडिग जोन व पार्किंग तक का इंतजाम नहीं है। कई बार कार्ययोजना बनी, मगर उस पर अमल नहीं हुआ। ऐसे में नो इंट्री में बड़े वाहन शहरवासियों की समस्या और बढ़ा रहे हैं। ठेले-खोमचे वालों ने शहर के फुटपाथ तक पर कब्जा कर रखा है। ऐेसे में त्योहारों पर डायवर्जन व्यवस्था के बाद लगने वाले जाम से निजात दिलाने में यातायात और स्थानीय पुलिस को पसीना बहाना पड़ रहा है।
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शहर में जहां साढ़े तीन लाख की आबादी निवास करती है। वहीं जिला मुख्यालय होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र से भी हजारों की संख्या में वाहन यहां पहुंचते हैं। ऐसे में शहर के नाका, पल्हरी, लखपेड़ाबाग, देवा तिराहा और बस स्टेशन चौराहा के पास जाम के हालात पैदा होते है। स्थाई हल निकालने को लेकर यातायात पुलिस ने शहर के फुटपाथ को एक फिट ऊंचा करने के साथ चौराहों को बांए और फ्री करने की कार्ययोजना तैयार कर जिलाधिकारी को भेजी। इस कार्य के दौरान कई बिजली के खंभे भी हटाए जाने थे।
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इसके साथ शहर में वेंडिंग जोन, पार्किंग स्थल, ट्रांसपोर्ट नगर व वैकल्पिक मार्ग के रूप में लखनऊ अयोध्या हाईवे से जयपुरिया स्कूल से होकर बहराइच हाईवे पर स्थित शहाबपुर और असेनी से देवा और कुर्सी मार्ग का जोड़ने वाली सड़कों को फोरलेन करने का प्रस्ताव भी था। मगर, यह सब ठंडे बस्ते में पड़े हैं। ऐसे में त्योहारों पर वाहनों के डायवर्जन के बाद भी जाम की समस्या का हल नहीं निकल पा रहा है।
नागेश्वरनाथ मंदिर से पल्हरी चौराहे को जोड़ने वाले मार्ग पर हमेशा माल वाहनों का जमावड़ा रहता है। वहीं हैदरगढ़ मार्ग पर मौरंग मंडी से हालात बेकाबू होते हैं। यहां तक कि पल्हरी चौराहे पर एक पेट्रोल पंप को लाभ पहुंचाने के लिए नो इंट्री में वाहनों को छूट दी जाती है। इससे शहर की यातायात व्यवस्था आए दिन ध्वस्त होती है।
डीएम को भेजा प्रस्ताव
त्योहारों को लेकर शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर डायवर्जन किया गया है। समस्या के स्थाई हल को लेकर कई प्रस्ताव तैयार कर भेजे गए। मगर, नगर के विकास में पालिका परिषद का सहयोग न मिलने पर उन पर अमल नहीं हो सका। इस बार प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेजा गया है। कार्ययोजना पर अमल हुआ तो शहर को जाम समस्या से निजात मिल जाएगी।
- पूर्णेंदु सिंह, एसपी यातायात