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रैली के लिए गई बसें, भटकते रहे यात्री
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बाराबंकी। जिले में संचालित बाराबंकी डिपो की 120 अनुबंधित बसों में से 20 बसों को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में भेजा गया है। जिससे कई रूटों पर दैनिक यात्रियों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। दिन भर यात्रियों को वाहनों के लिए भटकना पड़ा। वहीं 50 निजी बसों को भी कार्यक्रम में भेजा गया है। वाहनों को भेजवाने की जिम्मेदारी एआरटीओ को सौंपी गई थी।
प्रधानमंत्री की रैली ने कई यात्रियों को पैदल कर दिया। रैली में शामिल होने के लिए 20 अनुबंधित और 50 निजी बसें चली गईं। ऐसे में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गंतव्य तक पहुंचने के लिए बेबस यात्री सड़क किनारे खड़े घंटों इंतजार करते रहे। बसों की कमी होने के कारण रोडवेज बस अड्डे पर सुबह से देर शाम तक यात्री वाहन के लिए भटकते दिखे।
तमाम यात्री घंटों इंतजार के बाद निराश होकर लौट गए। जैसे तैसे बस मिली तो उनमें सीट को लेकर धक्कामुक्की होती दिखी। निजी बस चालक भी रोडवेज बस अड्डे पर वाहन खड़ाकर सवारियां भरते दिखे। निजी वाहन मिले भी उनमें सवारियों को भूसे की तरह भरकर मनमाना किराया वसूला गया। जब यात्री बस स्टेशन पहुंचे तो वहां बसों का टोटा दिखा।
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अपने परिवारजनों व सामान के साथ यात्री बस स्टेेशन परिसर में घंटों बस का इंतजार करते नजर आए। यही नहीं कई तो बस अड्डे से पटेल तिराहा की तरफ दौड़ लगाते हुए भी दिखे। लोग जैसे-तैसे गंतव्य को रवाना हुए। मैजिक, टेंपो व ट्रक जो भी मिला लटकते हुए और प्रशासन को कोसते हुए अपने घरों को वापस गए। एआरटीओ प्रशासन पंकज सिंह ने बताया कि जिले से 50 बसें भेजी गई हैं।
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प्रधानमंत्री की रैली ने कई यात्रियों को पैदल कर दिया। रैली में शामिल होने के लिए 20 अनुबंधित और 50 निजी बसें चली गईं। ऐसे में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गंतव्य तक पहुंचने के लिए बेबस यात्री सड़क किनारे खड़े घंटों इंतजार करते रहे। बसों की कमी होने के कारण रोडवेज बस अड्डे पर सुबह से देर शाम तक यात्री वाहन के लिए भटकते दिखे।
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तमाम यात्री घंटों इंतजार के बाद निराश होकर लौट गए। जैसे तैसे बस मिली तो उनमें सीट को लेकर धक्कामुक्की होती दिखी। निजी बस चालक भी रोडवेज बस अड्डे पर वाहन खड़ाकर सवारियां भरते दिखे। निजी वाहन मिले भी उनमें सवारियों को भूसे की तरह भरकर मनमाना किराया वसूला गया। जब यात्री बस स्टेशन पहुंचे तो वहां बसों का टोटा दिखा।
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अपने परिवारजनों व सामान के साथ यात्री बस स्टेेशन परिसर में घंटों बस का इंतजार करते नजर आए। यही नहीं कई तो बस अड्डे से पटेल तिराहा की तरफ दौड़ लगाते हुए भी दिखे। लोग जैसे-तैसे गंतव्य को रवाना हुए। मैजिक, टेंपो व ट्रक जो भी मिला लटकते हुए और प्रशासन को कोसते हुए अपने घरों को वापस गए। एआरटीओ प्रशासन पंकज सिंह ने बताया कि जिले से 50 बसें भेजी गई हैं।