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Barabanki News: सामाजिक विज्ञान में समय प्रबंधन से मिलेगी सफलता
Sat, 31 Jan 2026 12:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 31 Jan 2026 12:36 AM IST
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बाराबंकी। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं नजदीक आते ही छात्र-छात्राओं ने अपनी तैयारी को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा विषयवार मार्गदर्शन भी प्रदान किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थी सही रणनीति के साथ परीक्षा में शामिल कर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
जिला विद्यालय निरीक्षक ओपी त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे पिछले दो-तीन वर्षों के प्रश्नपत्रों को बोर्ड परीक्षा की तरह समय निर्धारित कर उन्हें समयबद्ध स्तर पर हल करें। प्रश्नपत्र हल करने के बाद उसे अपने विषय शिक्षक को अवश्य दिखाएं, ताकि उत्तर लेखन में होने वाली कमियों को समझकर उनमें आपेक्षित सुधार किया जा सके। शहर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की शिक्षिका संतोष कुमारी ने बताया कि सामाजिक विज्ञान केवल तिथियों और तथ्यों का विषय नहीं है, बल्कि यह समाज, इतिहास, शासन व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ विकसित करता है।
उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी प्रत्येक अध्याय के मूल विचारों और उनके वर्तमान संदर्भ को समझकर अध्ययन करें, तो विषय पर पकड़ मजबूत होती है और उत्तर अधिक प्रभावी बनते हैं। उत्तर लेखन को परीक्षा में सफलता की कुंजी बताते हुए कहा कि इतिहास में विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण, भूगोल में मानचित्र व आरेखों का प्रयोग तथा नागरिक शास्त्र और अर्थशास्त्र में समकालीन उदाहरणों का उल्लेख उत्तरों को अधिक सशक्त बनाता है।
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उन्होंने बताया कि सामाजिक विज्ञान के सभी घटकों इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र और अर्थशास्त्र—का संतुलित अध्ययन आवश्यक है। विद्यार्थी पाठ्यक्रम के अनुसार रूपरेखा बनाकर प्रत्येक अध्याय के मुख्य बिंदु, तिथियां और परिभाषाएं संक्षेप में नोट का याद कर लें, इससे परीक्षा में बिंदुवार तरीके से उत्तर लिखने और समय प्रबंधन में मदद मिलेगी।
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जिला विद्यालय निरीक्षक ओपी त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे पिछले दो-तीन वर्षों के प्रश्नपत्रों को बोर्ड परीक्षा की तरह समय निर्धारित कर उन्हें समयबद्ध स्तर पर हल करें। प्रश्नपत्र हल करने के बाद उसे अपने विषय शिक्षक को अवश्य दिखाएं, ताकि उत्तर लेखन में होने वाली कमियों को समझकर उनमें आपेक्षित सुधार किया जा सके। शहर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की शिक्षिका संतोष कुमारी ने बताया कि सामाजिक विज्ञान केवल तिथियों और तथ्यों का विषय नहीं है, बल्कि यह समाज, इतिहास, शासन व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ विकसित करता है।
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उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी प्रत्येक अध्याय के मूल विचारों और उनके वर्तमान संदर्भ को समझकर अध्ययन करें, तो विषय पर पकड़ मजबूत होती है और उत्तर अधिक प्रभावी बनते हैं। उत्तर लेखन को परीक्षा में सफलता की कुंजी बताते हुए कहा कि इतिहास में विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण, भूगोल में मानचित्र व आरेखों का प्रयोग तथा नागरिक शास्त्र और अर्थशास्त्र में समकालीन उदाहरणों का उल्लेख उत्तरों को अधिक सशक्त बनाता है।
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उन्होंने बताया कि सामाजिक विज्ञान के सभी घटकों इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र और अर्थशास्त्र—का संतुलित अध्ययन आवश्यक है। विद्यार्थी पाठ्यक्रम के अनुसार रूपरेखा बनाकर प्रत्येक अध्याय के मुख्य बिंदु, तिथियां और परिभाषाएं संक्षेप में नोट का याद कर लें, इससे परीक्षा में बिंदुवार तरीके से उत्तर लिखने और समय प्रबंधन में मदद मिलेगी।