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बंधे पर तिरपाल के नीचे मनेगी बाढ़ पीड़ितों की दिवाली

Sun, 23 Oct 2022 12:43 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 23 Oct 2022 12:43 AM IST
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Tied but under the tarpaulin, the flood victims will celebrate Diwali
बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर गुजर बसर कर रहे बाढ़ पीड़ित ग? - फोटो : BARABANKI
कोटवाधाम (बाराबंकी)। बाढ़ पीड़ितों की दिवाली इस बार भी तिरपाल और पन्नी के बीच बंधे पर ही मनेगी क्योंकि इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। हालात इतने ज्यादा खराब हो गए हैं कि बाढ़ पीड़ितों के पास मिठाई तो दूर की बात, घर में दीया जलाने की खरीद करने के लिए पैसा तक नहीं है। क्योंकि जो कुछ था वह बाढ़ में बह गया है। अब जैसे-तैसे परिवार का भरण पोषण किया जा रहा है।
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अक्तूबर माह में बाढ़ से सैकड़ों परिवारों को घर से बेघर कर दिया। ये परिवार अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर तिरपाल और पन्नी के नीचे जीवन गुजार रहे हैं। पीड़ितों के मन में दीपावली की खुशी कम बाढ़ का गम और खौफ ज्यादा है। बंधे पर रह रहे लोग बच्चों की मिठाई तो दूर दीपक खरीदने को भी मोहताज दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में जब पूरा देश दीपावली की रोशनी में नहाया होगा तो ये लोग तटबंध पर अंधेरे में रात गुजार रहे होंगे। लेकिन तटबंध पर रह रहे लोगों को किसी प्रकार की कोई राहत नहीं मिल पाई है। बाढ़ के समय लोगों को राहत सामग्री का वितरण किया गया था जो अब खत्म हो गई है। ऐसे में लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट भी गहराता जा रहा है।
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बाढ़ में सब बह गया, कैसे मनाएं पर्व
तटबंध पर रह रहे टेपरा, बघौलीपुरवा, पसिनपुरवा, कहारन पुरवा आदि गांवों के लोगों से बात की गई तो उनका दर्द कुछ इस प्रकार छलक आया। तटबंध पर रह रही जगपता ने कहा कि हम लोग इस बार दीपावली मजबूर होकर तटबंध पर ही मनाएंगे क्योंकि घर में कुछ बचा ही नहीं है। चंदू ने कहा कि जो कुछ था वह सब बाढ़ में बह गया ऐसे में कौन सा पर्व और कैसा त्योहार। सुबह शाम का खाना मिल जाए वही बहुत है। लहुरका बोली, ई बार लड़िकन केर कपड़ा लत्ता तव दूर, मिठाई लावयक रुपया पैसा हय नाहीं, न तव कौनव सरकारी मदद त्योहारन पर मिली है। महावीर बताते हैं कि घर और गांव में पानी है। कुछ जगहों से पानी निकल गया है। जिसके बाद भी सीपेज है। इसी कारण हम लोग तटबंध पर ही दीपावली मनाएंगे। जो हमारे पास है उसी के सहारे काम चल रहा है। कोई सरकारी मदद अभी यहां तक नहीं आई है।
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