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तीन मंजिला इमारत ढही: धूल का गुबार छंटा तो बिखरा नजर आया आशियाना, देर रात तेज धमाके से दहल उठे लोग; टॉर्च...
Tue, 05 Sep 2023 11:37 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी
अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 05 Sep 2023 11:37 AM IST
सार
बाराबंकी जिले के फतेहपुर कस्बे में सोमवार की भोर एक तीन मंजिला इमारत तेज धमाके साथ भरभराकर ढह गई। मलबे में दबने से चार की मौत हो गई। जबकि 10 लोग घायल हो गए। घायलों में आठ की हालत गंभीर बनी हुई है।
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बाराबंकी में इमारत गिरी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बाराबंकी नगर पंचायत फतेहपुर के मोहल्ला काजीपुर की तंग गलियों में बने हाशिम के तीन मंजिला मकान में उसका भरा-पूरा परिवार रहता था। करीब 20 साल पुरानी नींव पर पिछले कुछ वर्षों के दौरान एक के बाद एक दो और मंजिलें बना दी गईं। रात करीब तीन बजे परिवार और आसपड़ोस के सभी लोग जब गहरी नींद सो रहे थे, ठीक उसी समय हुए तेज धमाके से हर कोई दहल उठा।
आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकले, जहां धूल ही धूल थी। कुछ देर बाद धूल का गुबार छंटा तो लोगों ने देखा कि हाशिम का तीन मंजिला मकान ताश के पत्तों की तरह बिखर गया है। हर तरफ चीख पुकार मच गई। तार टूटने से बिजली भी जा चुकी थी। मोहल्ले के सैकड़ों लोग मोबाइल की टॉर्च जलाकर हाशिम के घर की ओर भागने लगे।
मलबे के ढेर के बीच से आ रहीं चीखों और सिसकियों की ओर मदद का हाथ बढ़ाने लोग आगे आ रहे थे। स्थानीय लोगों का संबल पुलिस के पहुंचने पर बढ़ गया और लोग तेजी से राहत कार्य में जुट गए। पहले 12 लोगों को तो कुछ देर बाद निकाल लिया गया, लेकिन दो सगे भाई गुड्डू व दानिश मलबे में गहराई में जा फंसे।
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सुबह छह बजे एसडीआरएफ, तो सात बजे एनडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाल लिया, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया दोनों के जीवित बाहर निकलने की आस भी कम होने लगी। 10 घंटे की मशक्कत के बाद दानिश का शव जैसे-तैसे निकाला गया, लेकिन गुड्डू काे तलाशने में दोनों टीमों के पसीने छूट गए।
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आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकले, जहां धूल ही धूल थी। कुछ देर बाद धूल का गुबार छंटा तो लोगों ने देखा कि हाशिम का तीन मंजिला मकान ताश के पत्तों की तरह बिखर गया है। हर तरफ चीख पुकार मच गई। तार टूटने से बिजली भी जा चुकी थी। मोहल्ले के सैकड़ों लोग मोबाइल की टॉर्च जलाकर हाशिम के घर की ओर भागने लगे।
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मलबे के ढेर के बीच से आ रहीं चीखों और सिसकियों की ओर मदद का हाथ बढ़ाने लोग आगे आ रहे थे। स्थानीय लोगों का संबल पुलिस के पहुंचने पर बढ़ गया और लोग तेजी से राहत कार्य में जुट गए। पहले 12 लोगों को तो कुछ देर बाद निकाल लिया गया, लेकिन दो सगे भाई गुड्डू व दानिश मलबे में गहराई में जा फंसे।
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सुबह छह बजे एसडीआरएफ, तो सात बजे एनडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाल लिया, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया दोनों के जीवित बाहर निकलने की आस भी कम होने लगी। 10 घंटे की मशक्कत के बाद दानिश का शव जैसे-तैसे निकाला गया, लेकिन गुड्डू काे तलाशने में दोनों टीमों के पसीने छूट गए।
पुलिस विभाग की डॉग स्क्वॉयड टीम भी कोई सुराग नहीं लगा सकी। देर शाम तक टीमें पहली मंजिल का मलबा हटाने में जुटी हुई थी। खबर लिखे जाने तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी था। रात होने की वजह से मौके पर हैलोजन लाइटें लगाकर तलाश की जा रही हैं।
छह घंटे बाद बाहर निकाला जा सका नवी अहमद का परिवार
तीन मंजिला इमारत ढहने के बाद आसपड़ोस के कई घरों के आगे मलबे का ढेर लग गया था। पड़ोसी नवी हसन का परिवार घर में फंस गया था। एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम ने छह घंटे की मशक्कत के बाद नवी हसन, उसकी पत्नी अफसर जहां, पुत्री शब्बो, पुत्र शोएब, उसकी पत्नी शायरा, पुत्र शाकिब को बाहर निकाला।
तीन मंजिला इमारत ढहने के बाद आसपड़ोस के कई घरों के आगे मलबे का ढेर लग गया था। पड़ोसी नवी हसन का परिवार घर में फंस गया था। एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम ने छह घंटे की मशक्कत के बाद नवी हसन, उसकी पत्नी अफसर जहां, पुत्री शब्बो, पुत्र शोएब, उसकी पत्नी शायरा, पुत्र शाकिब को बाहर निकाला।
तंग गलियों से मलबा निकालने में आई दिक्कत
काजीपुर की तंग गलियों में हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ तो मलबा निकालने में आ रही कठिनाई इसमें बाधा पहुंचाने लगी। मलबा निकालने के लिए वाहन न पहुंच पाने के कारण मलबे को घटनास्थल के पूरब मस्जिद की जमीन के पास एकत्रित किया गया।
काजीपुर की तंग गलियों में हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ तो मलबा निकालने में आ रही कठिनाई इसमें बाधा पहुंचाने लगी। मलबा निकालने के लिए वाहन न पहुंच पाने के कारण मलबे को घटनास्थल के पूरब मस्जिद की जमीन के पास एकत्रित किया गया।
मासूम परी ने बताया, कहां सो रहे थे पिता व चाचा
मलबे के नीचे से सुरक्षित निकाली गई गुड्डू की 10 वर्षीय पुत्री परी ने मलबे में फंसे अपने पिता व चाचा दानिश को ढूंढने में अहम भूमिका निभाई। टीम के सदस्यों को परी ने बताया कि उसके पिता व चाचा कहां सोेए थे और कहां उनके मिलने की उम्मीद है। इस दौरान परी अपने पिता की शर्ट बाहर निकलने पर उसे सहेजती नजर आई।
मलबे के नीचे से सुरक्षित निकाली गई गुड्डू की 10 वर्षीय पुत्री परी ने मलबे में फंसे अपने पिता व चाचा दानिश को ढूंढने में अहम भूमिका निभाई। टीम के सदस्यों को परी ने बताया कि उसके पिता व चाचा कहां सोेए थे और कहां उनके मिलने की उम्मीद है। इस दौरान परी अपने पिता की शर्ट बाहर निकलने पर उसे सहेजती नजर आई।
डिप्टी कमांडेंट की अगुवाई में चला अभियान
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट अनिल कुमार पाल की अगुवाई में उनकी व एसडीआरएफ की टीम अभियान चलाया। इसमें टीम के 50 सदस्यों के अलावा स्थानीय पुलिस, दमकल कर्मी, आम नागरिकों के साथ चार जेसीबी, चार ट्रैक्टर ट्रॉली, ड्रिल मशीन, कटर, जनरेटर के अलावा अन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट अनिल कुमार पाल की अगुवाई में उनकी व एसडीआरएफ की टीम अभियान चलाया। इसमें टीम के 50 सदस्यों के अलावा स्थानीय पुलिस, दमकल कर्मी, आम नागरिकों के साथ चार जेसीबी, चार ट्रैक्टर ट्रॉली, ड्रिल मशीन, कटर, जनरेटर के अलावा अन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
भीड़ काबू करने में छूटे पसीने
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान आसपास की सड़कों से लेकर घरों की छतों पर लोगों का हुजूम एकत्रित रहा। मोहल्ले के साथ समूचे नगर के लोग मौके पर पहुंचने लगे। भीड़ को देखते हुए हसीन तिराहे से ब्लॉक चौराहे जाने वाले मार्ग पर पैदल व दोपहिया के अलावा अन्य वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से रोक दिया गया। कई बार भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्की फुल्की डांट फटकार लगानी पड़ी। इसके साथ ही घटनास्थल जाने वाले मार्गों पर बैरियर भी लगाए गए।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान आसपास की सड़कों से लेकर घरों की छतों पर लोगों का हुजूम एकत्रित रहा। मोहल्ले के साथ समूचे नगर के लोग मौके पर पहुंचने लगे। भीड़ को देखते हुए हसीन तिराहे से ब्लॉक चौराहे जाने वाले मार्ग पर पैदल व दोपहिया के अलावा अन्य वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से रोक दिया गया। कई बार भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्की फुल्की डांट फटकार लगानी पड़ी। इसके साथ ही घटनास्थल जाने वाले मार्गों पर बैरियर भी लगाए गए।
पांच दिनों से लखनऊ में भर्ती है हाशिम
हाशिम पिछले कुछ समय से बीमार चल रहा है, जिसके चलते पांच दिन पहले उसे लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसका इलाज चल रहा है। हाशिम का एक पुत्र अलीम लखनऊ में रहकर पढ़ाई करता है, जबकि एक अन्य पुत्र इकबाल अपने परिवार समेत फतेहपुर कस्बे में दूसरे घर में रहता है। वहीं पड़ोसी इस्लामुद्दीन भी चलने फिरने में असमर्थ है और घटना के दौरान घर में ही सो रहा था, लेकिन वह हादसे में बाल-बाल बच गया।
हाशिम पिछले कुछ समय से बीमार चल रहा है, जिसके चलते पांच दिन पहले उसे लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसका इलाज चल रहा है। हाशिम का एक पुत्र अलीम लखनऊ में रहकर पढ़ाई करता है, जबकि एक अन्य पुत्र इकबाल अपने परिवार समेत फतेहपुर कस्बे में दूसरे घर में रहता है। वहीं पड़ोसी इस्लामुद्दीन भी चलने फिरने में असमर्थ है और घटना के दौरान घर में ही सो रहा था, लेकिन वह हादसे में बाल-बाल बच गया।
अधिकारियों ने की पल-पल की निगरानी
सुबह घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही सीडीओ एकता सिंह, एसपी दिनेश कुमार सिंह, एडीएम अरुण कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. अवधेश कुमार यादव, एसडीएम फतेहपुर पवन कुमार, सीओ रघुवीर सिंह ने मोर्चा संभाल लिया था। अधिकारियों ने विलाप कर रहे मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया। जिला अस्पताल में एसडीएम विजय कुमार त्रिवेदी, सीओ डॉ. बीनू सिंह, सीएमएस डॉ. ब्रजेश कुमार, कोतवाल संजय मौर्य ने मरीजों के इलाज से लेकर मृतकों के पोस्टमार्टम शीघ्र कराने की व्यवस्था कराई। सीएमओ ने लखनऊ पहुंचकर घायलों का हाल जाना।
सुबह घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही सीडीओ एकता सिंह, एसपी दिनेश कुमार सिंह, एडीएम अरुण कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. अवधेश कुमार यादव, एसडीएम फतेहपुर पवन कुमार, सीओ रघुवीर सिंह ने मोर्चा संभाल लिया था। अधिकारियों ने विलाप कर रहे मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया। जिला अस्पताल में एसडीएम विजय कुमार त्रिवेदी, सीओ डॉ. बीनू सिंह, सीएमएस डॉ. ब्रजेश कुमार, कोतवाल संजय मौर्य ने मरीजों के इलाज से लेकर मृतकों के पोस्टमार्टम शीघ्र कराने की व्यवस्था कराई। सीएमओ ने लखनऊ पहुंचकर घायलों का हाल जाना।
सीएम ने जताया शोक, मंत्री व विधायकों ने जाना हाल
फतेहपुर में हुई घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर शोक जताया। साथ ही घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए। जिले के प्रभारी व कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद ने ट्राॅमा सेंटर पहुंचकर घायलाें का हाल जाना। राज्यमंत्री सतीश शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक कुसमेश, जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत, विधायक फतेहपुर साकेंद्र प्रताप वर्मा, रामनगर फरीद महफूज किदवई, सपा के राष्ट्रीय सचिव अरविंद सिंह गोप, पूर्व मंत्री राकेश वर्मा, बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल, विजय गौतम, पूर्व सांसद पीएल पुनिया समेत तमाम पक्ष व विपक्ष के नेताओं ने घटनास्थल पर पहुंचकर हालात की जानकारी ली और परिवारों को मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया।
फतेहपुर में हुई घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर शोक जताया। साथ ही घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए। जिले के प्रभारी व कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद ने ट्राॅमा सेंटर पहुंचकर घायलाें का हाल जाना। राज्यमंत्री सतीश शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक कुसमेश, जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत, विधायक फतेहपुर साकेंद्र प्रताप वर्मा, रामनगर फरीद महफूज किदवई, सपा के राष्ट्रीय सचिव अरविंद सिंह गोप, पूर्व मंत्री राकेश वर्मा, बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल, विजय गौतम, पूर्व सांसद पीएल पुनिया समेत तमाम पक्ष व विपक्ष के नेताओं ने घटनास्थल पर पहुंचकर हालात की जानकारी ली और परिवारों को मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया।