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हेतमापुरधाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब
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सुढ़ियामऊ (बाराबंकी)। एकनामी पंथ के प्रवर्तक और भगवान सूर्य के उपासक नारायन दास बाबा की समाधि पर लगने वाले मेले का कैबिनेट मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, क्षेत्रीय विधायक शरद अवस्थी ने कल्याण द्वार पर शुभारंभ किया। जमघठ के दिन लगने वाले इस पांच दिनी मेले में बाबा की समाधि पर माथा टेकने के लिए श्रद्वालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
बाबा नरायनदास की शिक्षाओं से आज भी एक सूत्र में बंधे करीब तीन लाख से अधिक अनुयायियों ने बाबा की समाधि पर प्रसाद व अंजूरी चढ़ाकर सुख-समृद्धि की मंगल कामना की। सोमवार से शुरू हुए बाबा की स्मृति पर लगने वाला मेला इस बार पांच दिनों तक चलेगा। मान्यता है कि यम द्वितीया के दिन घाघरा में स्नान करने से श्रद्धालु भवबंधन से मुक्त होकर मोक्ष को प्राप्त होते हैं। इसी मान्यता के चलते करीब तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा की समाधि पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।
साथ ही किसान अपने खेत की उपज (धान) का कुछ अंश मंदिर परिसर में चढ़ा कर अंजूरी अपने घर ले जा रहे थे। बाबा के यहां अंजूरी (धान का अंश) चढ़ाने पहुंची बहराइच की आरती देवी बताती हैं कि हमारे परिवार से हर वर्ष यहां आकर अंजूरी चढ़ाकर बरकत का अंश घर ले जाते है। इससे फसल बुवाई के वक्त बरकत खेत में बोने से फसल की बेहतर उपज होती है।
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बाबा नरायनदास की शिक्षाओं से आज भी एक सूत्र में बंधे करीब तीन लाख से अधिक अनुयायियों ने बाबा की समाधि पर प्रसाद व अंजूरी चढ़ाकर सुख-समृद्धि की मंगल कामना की। सोमवार से शुरू हुए बाबा की स्मृति पर लगने वाला मेला इस बार पांच दिनों तक चलेगा। मान्यता है कि यम द्वितीया के दिन घाघरा में स्नान करने से श्रद्धालु भवबंधन से मुक्त होकर मोक्ष को प्राप्त होते हैं। इसी मान्यता के चलते करीब तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा की समाधि पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।
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साथ ही किसान अपने खेत की उपज (धान) का कुछ अंश मंदिर परिसर में चढ़ा कर अंजूरी अपने घर ले जा रहे थे। बाबा के यहां अंजूरी (धान का अंश) चढ़ाने पहुंची बहराइच की आरती देवी बताती हैं कि हमारे परिवार से हर वर्ष यहां आकर अंजूरी चढ़ाकर बरकत का अंश घर ले जाते है। इससे फसल बुवाई के वक्त बरकत खेत में बोने से फसल की बेहतर उपज होती है।
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