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Barabanki News: ...घोर कलियुग है कन्हैया नहीं आने वाला
Tue, 07 Nov 2023 01:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 07 Nov 2023 01:34 AM IST
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देवा (बाराबंकी)। देवा मेला के ऑडिटोरियम में सोमवार रात ऑल इंडिया मुशायरे का आयोजन हुआ, जिसमें देश के विभिन्न प्रांतों से आए नामीगिरामी शायरों ने मुशायरे में शिरकत की।
मुशायरे में देवबंद से आए शायर जहाज देवबंदी ने पढ़ा, जो कहे साले वही मंजूर होना चाहिए सांस के आगे जरा मजबूर होना चाहिए, मारकर बेलन मेरे सर पर यह बेगम ने कहा वार चाहे एक ही हो भरपूर होना चाहिए। देवबंद के नदीम शाद ने पढ़ा, जमीन पर जालिम थे जो तुमसे पहले इसी जमीन के अंदर कहीं पड़े होंगे...। दिल्ली के आदिल रशीद ने पढ़ा, जहर में डूबे हुए हो तो इधर मत आना, ये वो बस्ती है जहां प्यार किया जाता है।
मुंबई से आए शायर शकील आजमी ने पढ़ा, मैं हूं इंसान तो होने का पता दे जंगल राम जैसे थे मुझे वैसा बना दे जंगल। मध्य प्रदेश के नदीम अख़्तर बुरहानपुरी ने पढ़ा, तुम्हारे काम इतने तो नहीं हैं तुम्हारा नाम जितना चल रहा है। मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना से आए शायर अजहर इकबाल ने पढ़ा, हर तरफ घाट में बैठे हैं यहां दुशासन, वीर अर्जुन सा लड़ाइयां नहीं आने वाला, खुद तुम्हें दुर्गा के अवतार में आना होगा, घोर कलियुग है कन्हैया नहीं आने वाला सुनाकर पूरे ऑडिटोरियम को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया।
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प्रोफेसर वसीम बरेलवी ने पढ़ा, जहां रहेगा वहीं रौशनी लुटाएगा, किसी चराग़ का अपना मकां नहीं होता। महाराष्ट्र के अमरावती से आए अबरार काशिफ ने पढ़ा, मेरा अरमान मेरी ख्वाहिश नहीं है यह दुनिया मेरी फरमाइश नहीं है, मैं तेरे ख्वाब वापस कर रहा हूं मेरी आंखों में गुंजाइश नहीं है। उस्मान मीनाई ने पढ़ा, हम इंडिया की भारत की बहस करते नहीं, हमारे सीनों में हिंदुस्तान लिखा है। इस मौके पर स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, सीएमओ डॉ. अवधेश यादव, सीएचसी अधीक्षक डाॅ. राधेश्याम गौड़, पूर्व काबीना मंत्री अरविंद सिंह गोप, पूर्व एमएलसी राजेश यादव राजू, कयूम प्रधान, अदनान चौधरी आदि मौजूद रहे।
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मुशायरे में देवबंद से आए शायर जहाज देवबंदी ने पढ़ा, जो कहे साले वही मंजूर होना चाहिए सांस के आगे जरा मजबूर होना चाहिए, मारकर बेलन मेरे सर पर यह बेगम ने कहा वार चाहे एक ही हो भरपूर होना चाहिए। देवबंद के नदीम शाद ने पढ़ा, जमीन पर जालिम थे जो तुमसे पहले इसी जमीन के अंदर कहीं पड़े होंगे...। दिल्ली के आदिल रशीद ने पढ़ा, जहर में डूबे हुए हो तो इधर मत आना, ये वो बस्ती है जहां प्यार किया जाता है।
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मुंबई से आए शायर शकील आजमी ने पढ़ा, मैं हूं इंसान तो होने का पता दे जंगल राम जैसे थे मुझे वैसा बना दे जंगल। मध्य प्रदेश के नदीम अख़्तर बुरहानपुरी ने पढ़ा, तुम्हारे काम इतने तो नहीं हैं तुम्हारा नाम जितना चल रहा है। मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना से आए शायर अजहर इकबाल ने पढ़ा, हर तरफ घाट में बैठे हैं यहां दुशासन, वीर अर्जुन सा लड़ाइयां नहीं आने वाला, खुद तुम्हें दुर्गा के अवतार में आना होगा, घोर कलियुग है कन्हैया नहीं आने वाला सुनाकर पूरे ऑडिटोरियम को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया।
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प्रोफेसर वसीम बरेलवी ने पढ़ा, जहां रहेगा वहीं रौशनी लुटाएगा, किसी चराग़ का अपना मकां नहीं होता। महाराष्ट्र के अमरावती से आए अबरार काशिफ ने पढ़ा, मेरा अरमान मेरी ख्वाहिश नहीं है यह दुनिया मेरी फरमाइश नहीं है, मैं तेरे ख्वाब वापस कर रहा हूं मेरी आंखों में गुंजाइश नहीं है। उस्मान मीनाई ने पढ़ा, हम इंडिया की भारत की बहस करते नहीं, हमारे सीनों में हिंदुस्तान लिखा है। इस मौके पर स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, सीएमओ डॉ. अवधेश यादव, सीएचसी अधीक्षक डाॅ. राधेश्याम गौड़, पूर्व काबीना मंत्री अरविंद सिंह गोप, पूर्व एमएलसी राजेश यादव राजू, कयूम प्रधान, अदनान चौधरी आदि मौजूद रहे।