फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   There are many flaws in the security prison

जेल सुरक्षा में हैं कई खामियां

Thu, 03 Nov 2016 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Thu, 03 Nov 2016 11:35 PM IST
विज्ञापन
There are many flaws in the security prison
जेल सुरक्षा में हैं कई खामियां - फोटो : अमर उजाला
बाराबंकी जिला जेल की चाक चौबंद सुरक्षा में कई छेद हैं। पद के सापेक्ष बंदी रक्षकों की भी कमी है जिसके चलते जेल प्रशासन के सामने दिक्कत खड़ी हो जाती है। इसके अलावा जेल में क्षमता से अधिक बंदी/कैदी भी निरुद्ध है।
विज्ञापन


जेल में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे व मेटल डिटेक्टर लगे हुए है। जेल मेें न तो कोई वाच टावर बना है और न हाईमास्ट लाइट लगी है जिससे यहां सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के मेें दिक्ततों का सामना करना पड़ता है। 
विज्ञापन


जिला कारागार में सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर महज 70 बंदीरक्षक तैनात है। जबकि यहां कम से कम 100 बंदीरक्षक होने चाहिए। इसके अलावा पांच डिप्टी जेलर के पदों के सापेक्ष यहां पर चार ही डिप्टी जेलर है। एक जेलर व जेल अधीक्षक और होमगार्डो के सहारे जेल की सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जेल में बनी 20 बैरकों में महज 900 बंदी/कैदी रहने की क्षमता है जबकि इस समय यहां पर 1150 कैदी/बंदी निरुद्ध है। गैर जिले से प्रशासनिक आधार पर भेजे गए कई शातिर अपराधी भी जेल में सजा काट रहे है।

जिला कारागार में रात के समय लाइट की भी सही व्यवस्था नहीं है। यहां न तो एक भी हाईमास्ट लाइटें लगी हैं और न ही वाच टावर बने हैं। ऐसे में यदि रात में कोई दिक्कत हो जाए तो जेल प्रशासन के लिए इससे निपटना आसान नहीं साबित होगा। अंग्रेजों के जमाने की बनी इस जेल मेें वाच टावर की जगह वाल बनी है जहां पर बंदीरक्षक बारी-बारी से ड्यूटी करते है। 

12 जगह पर लगे हैं सीसीटीवी कैमरे
जिला कारागार में सुरक्षा चाक चौबंद करने के लिए 12 जगहोें पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मुख्य द्वार से लेकर जेल की सर्किल के चारों ओर कैमरे लगे हैं और इनकी कमांड जेल अधीक्षक कक्ष से की जाती है। इसके अलावा जेल के मुख्य गेट पर मेटल डिटेक्टर लगे हैं। यहां बंदियों से मिलने वाले लोगों को जांच करने के साथ ही मेटल डिटेक्टर से गुजरना पड़ता है। 

जेल में निरुद्ध है कई शातिर अपराधी
जिला जेल में इस समय कई शातिर अपराधी निरुद्ध है। इनमें औरैया के इंजीनियर हत्याकांड के आरोपी बसपा के पूर्व विधायक शेखर तिवारी, मुजफ्फर नगर जिले का शातिर अपराधी सुकरन पाल, राकेश पांडेय, नारायण गोसाई समेत कई शातिर अपराधी शामिल हैं।


कारागार में प्रतिदिन सभी बैरकों व सुरक्षा का जायजा लिया जाता है। यहां जो संसाधन व फोर्स उपलब्ध है, उससे सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाए रखने का प्रयास किया जाता है। जेल में बंदीरक्षकोें की कमी के बारे में शासन को अवगत कराया गया है। -आलोक सिंह, जेल अधीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed