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Barabanki News: मौसम की मार ने गिराया टमाटर का भाव, लागत निकलना मुश्किल
Thu, 04 May 2023 08:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 04 May 2023 08:46 PM IST
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क्रासर
-बारिश व धूप से फसल प्रभावित खराब, किसान परेशान
- जिले में 11 सौ हेक्टेयर में हुई है खेती, रेट मिल रहे 4-5 रुपये किलो
संवाद न्यूज एजेंसी
बाराबंकी। मई के महीने में जब टमाटर से अच्छे मुनाफे की उम्मीद थी तभी मौसम की मार ने किसानों को मायूस कर दिया। बरसात के बाद धूप ने टमाटर की खेती को झटका दिया है। बाजार में आठ से 10 रुपये किलो में मिलने वाला टमाटर मात्र चार से पांच रुपये किलो में खरीदा जा रहा है। सड़ने के डर से किसान इन्ही रेटों में टमाटर बेच रहे हैं।
कई बार तो ऐसा भी दिख रहा है कि मंडी में लाने के बाद टमाटर बेचना मजबूरी ही है, क्योंकि वापस ले गए तो सड़ जाएगा और भाड़ा देना पड़ेगा सो अलग।
जिले में इस बार 11 सौ हेक्टेयर क्षेत्रफल में टमाटर की खेती हुई है। एक मई के बाद हुई बारिश के चलते खेत से टमाटर निकालना मुश्किल हो रहा है। टमाटर खेत पर ही सड़ रहा है। कई जगहों पर खेतों में पानी भरने से टमाटर के पौध सड़ने का खतरा भी पैदा हो गया। थोक मंडी मेें किसानों का टमाटर जहां चार से पांच रुपये प्रति किलो बिक रहा है. वहीं, बाजार में फुटकर दुकानों पर टमाटर की कीमत दस रुपये प्रति किलो है।
बाक्स-
49500 मीट्रिक टन का हुआ उत्पादन
जिले में इस बार करीब 1100 हेक्टेयर क्षेत्र मेें टमाटर की फसल लगाई गई। इसमें करीब 49500 मीट्रिक टन टमाटर के उत्पादन का अनुमान हुआ है। टमाटर की फसल शुरुआत में अच्छी थी और उत्पादन भी ठीक रहा मगर मौसम की मार के चलते टमाटर बे-भाव हो गया है। अब लागत भी निकलना मुश्किल हो गया है।
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उम्मीदों पर फिरा पानी, टमाटर फेंकना बना मजबूरी
कोटवाधाम। क्षेत्र के अमनियापुर, पीठापुर, करौरा, सिरौलीगौसपुर सहित अन्य गांव में इस बार करीब दो सौ बीघा से टमाटर की खेती की गई थी। इन गांव के किसान अनिरुद्ध मिश्रा, धर्मेंद्र तिवारी, पुत्तन यादव, नानमून वर्मा, ननकू रावत सहित अन्य किसानों ने कहा कि बे-मौसम बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। मौसम की मार के चलते किसान उसे खेत में ही तोड़ कर फेंक रहे है। इतना नुकसान तो कोविड काल में भी नहीं हुआ था।
दस से 15 रुपये प्रतिकिलो महंगी हुई दालें
जहां टमाटर सस्ता हुआ वहीं दूसरी ओर अरहर, उरद, मूंग, चना की दाल के दाम बढ़ गए। बीते दस दिनों में दाल के भाव में दस से 15 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। दस दिन पूर्व 105 से 110 रुपये बिकने वाली अरहर की दाल 120 से 125 रुपये किलो बिक रही है। इसी प्रकार दस रुपये महंगी होने के बाद उरद की दाल 130 -140 रुपये प्रतिकिलो मूंग की दाल 110 रुपये और चना की दाल 70 रुपये प्रतिकिलो बिक रही है।
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-बारिश व धूप से फसल प्रभावित खराब, किसान परेशान
- जिले में 11 सौ हेक्टेयर में हुई है खेती, रेट मिल रहे 4-5 रुपये किलो
संवाद न्यूज एजेंसी
बाराबंकी। मई के महीने में जब टमाटर से अच्छे मुनाफे की उम्मीद थी तभी मौसम की मार ने किसानों को मायूस कर दिया। बरसात के बाद धूप ने टमाटर की खेती को झटका दिया है। बाजार में आठ से 10 रुपये किलो में मिलने वाला टमाटर मात्र चार से पांच रुपये किलो में खरीदा जा रहा है। सड़ने के डर से किसान इन्ही रेटों में टमाटर बेच रहे हैं।
कई बार तो ऐसा भी दिख रहा है कि मंडी में लाने के बाद टमाटर बेचना मजबूरी ही है, क्योंकि वापस ले गए तो सड़ जाएगा और भाड़ा देना पड़ेगा सो अलग।
जिले में इस बार 11 सौ हेक्टेयर क्षेत्रफल में टमाटर की खेती हुई है। एक मई के बाद हुई बारिश के चलते खेत से टमाटर निकालना मुश्किल हो रहा है। टमाटर खेत पर ही सड़ रहा है। कई जगहों पर खेतों में पानी भरने से टमाटर के पौध सड़ने का खतरा भी पैदा हो गया। थोक मंडी मेें किसानों का टमाटर जहां चार से पांच रुपये प्रति किलो बिक रहा है. वहीं, बाजार में फुटकर दुकानों पर टमाटर की कीमत दस रुपये प्रति किलो है।
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49500 मीट्रिक टन का हुआ उत्पादन
जिले में इस बार करीब 1100 हेक्टेयर क्षेत्र मेें टमाटर की फसल लगाई गई। इसमें करीब 49500 मीट्रिक टन टमाटर के उत्पादन का अनुमान हुआ है। टमाटर की फसल शुरुआत में अच्छी थी और उत्पादन भी ठीक रहा मगर मौसम की मार के चलते टमाटर बे-भाव हो गया है। अब लागत भी निकलना मुश्किल हो गया है।
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उम्मीदों पर फिरा पानी, टमाटर फेंकना बना मजबूरी
कोटवाधाम। क्षेत्र के अमनियापुर, पीठापुर, करौरा, सिरौलीगौसपुर सहित अन्य गांव में इस बार करीब दो सौ बीघा से टमाटर की खेती की गई थी। इन गांव के किसान अनिरुद्ध मिश्रा, धर्मेंद्र तिवारी, पुत्तन यादव, नानमून वर्मा, ननकू रावत सहित अन्य किसानों ने कहा कि बे-मौसम बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। मौसम की मार के चलते किसान उसे खेत में ही तोड़ कर फेंक रहे है। इतना नुकसान तो कोविड काल में भी नहीं हुआ था।
दस से 15 रुपये प्रतिकिलो महंगी हुई दालें
जहां टमाटर सस्ता हुआ वहीं दूसरी ओर अरहर, उरद, मूंग, चना की दाल के दाम बढ़ गए। बीते दस दिनों में दाल के भाव में दस से 15 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। दस दिन पूर्व 105 से 110 रुपये बिकने वाली अरहर की दाल 120 से 125 रुपये किलो बिक रही है। इसी प्रकार दस रुपये महंगी होने के बाद उरद की दाल 130 -140 रुपये प्रतिकिलो मूंग की दाल 110 रुपये और चना की दाल 70 रुपये प्रतिकिलो बिक रही है।