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Barabanki News: नेटवर्क ने रुलाया, पर्चा बनवाने में ही छूटे पसीने
Tue, 17 Jun 2025 01:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 17 Jun 2025 01:14 AM IST
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बाराबंकी। अवकाश के बाद खुली जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को पहुंचे मरीजों को इलाज पाने के लिए कड़ी मशक्कत करना पड़ी। इस दौरान नेटवर्क सर्वर में आई फाल्ट ने परेशानी को दो गुना बढ़ा दिया। ओपीडी पहुंचे मरीजों को पर्चा बनवाने से लेकर डाॅक्टर को दिखाने जांच करवाने और दवाई लेने घंटों कतार में लग कर पसीना बहाना पड़ा। नेटवर्क की सुस्त रफ्तार से पर्चा बनवाने के दौरान खूब परेशानी हुई। परचा बनवाने के लिए घंटों कतार में खड़े होकर इंतजार करना पड़ा।
मौसमी बदलाव के कारण ओपीडी में भी सोमवार को मरीजों की भारी भीड़ रही। इस दौरान ओपीडी में 1706 मरीज पंजीकृत हुए। इनमें से अधिकांश गेस्ट्रो डायरिया, पेट दर्द व बुखार की समस्या से पीड़ित लोग थे। इमरजेंसी के सभी बेड फुल हो जाने के कारण मौजूद स्टॉफ को गेस्ट्रो व डायरिया के मरीजों को स्ट्रेचर व बेंच पर लिटाकर इलाज करना पड़ा।
जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को इलाज के लिए पहुंचे गया प्रसाद ने बताया कि पर्चा बनवाने के लिए सुबह आठ बजे से ही लाइन में लग गए थे। एक घंटा तक लाइन में लगने के बाद जाकर उनका परचा बनवाने का नंबर आया। इसके बाद डेढ़ से दो घंटा डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने में लग गए। रोहित ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। सोमवार को दिखाने के लिए ओपीडी पहुंचने पर पता चला कि नेटवर्क धीमा होने से परचा बनने में काफी समय लग रहा है। करीब पौन घंटे तक लाइन में लगने के बाद परचा बन पाया।
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इमरजेंसी में भी मरीजों की काफी भीड़ रही। यहां पर भी पेटदर्द और बुखार के मरीज सबसे ज्यादा पहुंच रहे हैं। ऐसे में वार्ड फुल हो जाने के कारण मरीजों को स्ट्रेचर और बेंच पर लिटाकर उनका इलाज करना पड़ रहा है। इमरजेंसी में बेड बढ़ाने के आदेश के बाद भी यहां पर बेड न बढ़ाए जाने से मरीजों को काफी परेशानी उठाना पड़ रही है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश कुशवाहा बताते हैं कि मौसम में उतार चढ़ाव की वजह से इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक मरीजों की संख्या बढ़ी है। नेटवर्क स्लो चलने के कारण भी सोमवार को मरीजों को परचा बनवाने में कुछ परेशानी उठाना पड़ी।
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मौसमी बदलाव के कारण ओपीडी में भी सोमवार को मरीजों की भारी भीड़ रही। इस दौरान ओपीडी में 1706 मरीज पंजीकृत हुए। इनमें से अधिकांश गेस्ट्रो डायरिया, पेट दर्द व बुखार की समस्या से पीड़ित लोग थे। इमरजेंसी के सभी बेड फुल हो जाने के कारण मौजूद स्टॉफ को गेस्ट्रो व डायरिया के मरीजों को स्ट्रेचर व बेंच पर लिटाकर इलाज करना पड़ा।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को इलाज के लिए पहुंचे गया प्रसाद ने बताया कि पर्चा बनवाने के लिए सुबह आठ बजे से ही लाइन में लग गए थे। एक घंटा तक लाइन में लगने के बाद जाकर उनका परचा बनवाने का नंबर आया। इसके बाद डेढ़ से दो घंटा डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने में लग गए। रोहित ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। सोमवार को दिखाने के लिए ओपीडी पहुंचने पर पता चला कि नेटवर्क धीमा होने से परचा बनने में काफी समय लग रहा है। करीब पौन घंटे तक लाइन में लगने के बाद परचा बन पाया।
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इमरजेंसी में भी मरीजों की काफी भीड़ रही। यहां पर भी पेटदर्द और बुखार के मरीज सबसे ज्यादा पहुंच रहे हैं। ऐसे में वार्ड फुल हो जाने के कारण मरीजों को स्ट्रेचर और बेंच पर लिटाकर उनका इलाज करना पड़ रहा है। इमरजेंसी में बेड बढ़ाने के आदेश के बाद भी यहां पर बेड न बढ़ाए जाने से मरीजों को काफी परेशानी उठाना पड़ रही है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश कुशवाहा बताते हैं कि मौसम में उतार चढ़ाव की वजह से इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक मरीजों की संख्या बढ़ी है। नेटवर्क स्लो चलने के कारण भी सोमवार को मरीजों को परचा बनवाने में कुछ परेशानी उठाना पड़ी।