{"_id":"6a5e8719dd95bbf00d0f71db","slug":"the-message-of-sanatan-and-social-harmony-barabanki-news-c-315-1-brp1006-174766-2026-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: सनातन व सामाजिक समरसता का संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: सनातन व सामाजिक समरसता का संदेश
Tue, 21 Jul 2026 02:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 21 Jul 2026 02:07 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। भगवान शिव की नगरी महादेवा धाम का मंच सोमवार को सिर्फ विकास योजनाओं का मंच नहीं रहा, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे अपने राजनीतिक और वैचारिक संदेश का माध्यम बना दिया। पूरा भाषण सनातन की रक्षा, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता के इर्द-गिर्द बुना गया। इसी बहाने उन्होंने विपक्ष पर तीखे हमले किए और दलित, पिछड़ा व सवर्ण तीनों सामाजिक वर्गों को एक ही राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि याद रखिए, हमारी विरासत सनातन धर्म की पहचान है। सनातन सुरक्षित रहेगा तो हम सब सुरक्षित रहेंगे, सनातन खतरे में पड़ा तो कोई भी सुरक्षित नहीं रहेगा। उन्होंने बाराबंकी के वीर बलभद्र सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि महज 18 वर्ष की आयु में उन्होंने अंग्रेजों से लड़ते हुए सनातन और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
उन्होंने बहराइच में महाराजा सुहेलदेव के स्मारक और कॉरिडोर का उल्लेख कर राजभर समाज को संदेश दिया। वीरांगना ऊदा देवी पासी के नाम पर पीएसी बटालियन का जिक्र कर पासी समाज को, झलकारी बाई कोरी के नाम पर बटालियन का उल्लेख कर कोरी समाज को, अवंती बाई लोधी के नाम पर महिला पीएसी बटालियन का जिक्र कर लोधी समाज को और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर व महर्षि वाल्मीकि के नाम पर बने संस्थानों का उल्लेख कर अन्य वर्गों को साधने का प्रयास किया।
विज्ञापन
यही नहीं, मंच से उन्होंने बाराबंकी के धनौली गांव के साहित्यकार पंडित महेश दत्त शुक्ल और रामनगर के कवि मृगेश का नाम लेकर सवर्ण समाज और जिले की साहित्यिक विरासत को भी सम्मान दिया। (संवाद)
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि याद रखिए, हमारी विरासत सनातन धर्म की पहचान है। सनातन सुरक्षित रहेगा तो हम सब सुरक्षित रहेंगे, सनातन खतरे में पड़ा तो कोई भी सुरक्षित नहीं रहेगा। उन्होंने बाराबंकी के वीर बलभद्र सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि महज 18 वर्ष की आयु में उन्होंने अंग्रेजों से लड़ते हुए सनातन और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
विज्ञापन
उन्होंने बहराइच में महाराजा सुहेलदेव के स्मारक और कॉरिडोर का उल्लेख कर राजभर समाज को संदेश दिया। वीरांगना ऊदा देवी पासी के नाम पर पीएसी बटालियन का जिक्र कर पासी समाज को, झलकारी बाई कोरी के नाम पर बटालियन का उल्लेख कर कोरी समाज को, अवंती बाई लोधी के नाम पर महिला पीएसी बटालियन का जिक्र कर लोधी समाज को और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर व महर्षि वाल्मीकि के नाम पर बने संस्थानों का उल्लेख कर अन्य वर्गों को साधने का प्रयास किया।
विज्ञापन
यही नहीं, मंच से उन्होंने बाराबंकी के धनौली गांव के साहित्यकार पंडित महेश दत्त शुक्ल और रामनगर के कवि मृगेश का नाम लेकर सवर्ण समाज और जिले की साहित्यिक विरासत को भी सम्मान दिया। (संवाद)