{"_id":"6855b91f8843e048720bf67a","slug":"the-flow-of-saryu-river-increased-towards-the-coastal-villages-barabanki-news-c-315-1-brb1001-142007-2025-06-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: तटवर्ती गांवों की ओर बढ़ी सरयू की धारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: तटवर्ती गांवों की ओर बढ़ी सरयू की धारा
Sat, 21 Jun 2025 01:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 21 Jun 2025 01:10 AM IST
विज्ञापन
कोटवाधाम क्षेत्र में कहरानपुरवा गांव की तरफ बढ़ती सरयू नदी की धारा। -संवाद
कोटवाधाम (बाराबंकी)। बारिश के साथ ही सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। पानी बढ़ने से नदी की धारा ड्रेजिंग के बावजूद इस बार भी तटवर्ती गांवों की ओर रुख कर चुकी है। इससे ग्रामीण परेशान हैं।
सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में ड्रेजिंग का काम सिरौलीगुंग से टेपरा तक तीन किलोमीटर की परिधि में चल रहा है। करीब आधा किलोमीटर का काम अभी बाकी है। इस परिधि में सिरौलीगुंग के अलावा मनीराम पुरवा, कहारनपुरवा, सनावां, भौरीकोल, सराय सुर्जन व बघौली पुरवा गांव आते हैं। ये सभी गांव कटान के मुहाने पर हैं। ड्रेजिंग के बावजूद पिछले साल इन गांवों की सैकड़ों बीघा जमीन सरयू निगल गई थी।
सनावा के मुनीश सिंह की 17 बीघा, दीपू यादव की चार बीघा, कहारनपुरवा के रमेश कश्यप की ढाई बीघा, अनीता की दो बीघा व सुखराजा की सवा बीघा जमीन कटने से ये सभी भूमिहीन हो गए। इसी तरह अन्य किसानों की जमीन भी कटी।
विज्ञापन
सुखराजा ने तो तत्कालीन डीएम के निरीक्षण के दौरान उन्हें अपनी समस्या भी बताई थी पर जमीन नहीं बची और न ही दूसरी जगह मिल ही सकी। इस बार भी जैसे ही नदी में पानी बढ़ने से धारा का रुख गांवों की ओर हुआ है, सभी परेशान हो उठे हैं।
एसडीएम सिरौलीगौसपुर प्रीति सिंह का कहना है कि अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। ड्रेजिंग का काम चल रहा है। नदी की धारा को आबादी की ओर से बढ़ने से रोकने की कोशिश भी हो रही है।
विज्ञापन
सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में ड्रेजिंग का काम सिरौलीगुंग से टेपरा तक तीन किलोमीटर की परिधि में चल रहा है। करीब आधा किलोमीटर का काम अभी बाकी है। इस परिधि में सिरौलीगुंग के अलावा मनीराम पुरवा, कहारनपुरवा, सनावां, भौरीकोल, सराय सुर्जन व बघौली पुरवा गांव आते हैं। ये सभी गांव कटान के मुहाने पर हैं। ड्रेजिंग के बावजूद पिछले साल इन गांवों की सैकड़ों बीघा जमीन सरयू निगल गई थी।
विज्ञापन
सनावा के मुनीश सिंह की 17 बीघा, दीपू यादव की चार बीघा, कहारनपुरवा के रमेश कश्यप की ढाई बीघा, अनीता की दो बीघा व सुखराजा की सवा बीघा जमीन कटने से ये सभी भूमिहीन हो गए। इसी तरह अन्य किसानों की जमीन भी कटी।
विज्ञापन
सुखराजा ने तो तत्कालीन डीएम के निरीक्षण के दौरान उन्हें अपनी समस्या भी बताई थी पर जमीन नहीं बची और न ही दूसरी जगह मिल ही सकी। इस बार भी जैसे ही नदी में पानी बढ़ने से धारा का रुख गांवों की ओर हुआ है, सभी परेशान हो उठे हैं।
एसडीएम सिरौलीगौसपुर प्रीति सिंह का कहना है कि अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। ड्रेजिंग का काम चल रहा है। नदी की धारा को आबादी की ओर से बढ़ने से रोकने की कोशिश भी हो रही है।