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Barabanki News: प्लेटलेट्स कम मिलने से डरा रही डेंगू की आशंका
Fri, 26 Sep 2025 01:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 26 Sep 2025 01:43 AM IST
सार
बाराबंकी में बुखार के मरीजों में प्लेटलेट्स की संख्या कम पाई जा रही है, जिससे डेंगू का डर बढ़ गया है। हालांकि जांच में डेंगू की पुष्टि नहीं हो रही है। चिकित्सकों ने घबराने से मना किया है।
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विस्तार
बाराबंकी। बुखार के मरीजों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही। जांच में कम मिल रही प्लेटलेट्स की संख्या बुखार पीड़ितों को डेंगू की आशंका से डरा रही है। जांच में हर तीसरे मरीज में प्लेटलेट्स की संख्या तो तय मानक से कम निकल रही हैं लेकिन एलाइजा जांच में डेंगू की पुष्टि नहीं हो रही है। चिकित्सकों का कहना है कि किसी भी तरह का बुखार आने पर प्लेटलेट्स की संख्या घटती है। इसे डेंगू समझ कर घबराना नहीं चाहिए।
डेंगू की चपेट में आकर अब तक एक मरीज की मौत हो चुकी है, जबकि पांच मरीजों का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में बृहस्पतिवार को करीब 1937 मरीज पंजीकृत हुए। इनमें 639 बुखार पीड़ित रहे। ओपीडी में मौजूद चिकित्सकों ने बताया कि लोग डेंगू की दहशत के मारे जरूरत न होने पर भी प्लेटलेट्स की जांच करवाने का दबाव बना रहे हैं। बताया कि हर बुखार डेंगू नहीं होता है फिर भी मरीजों की संतुष्टि के लिए जांच कराई जा रही है।
बृहस्पतिवार को जांच के बाद बुखार पीड़ित रामगोपाल की प्लेटलेट्स 60 हजार, रोहित की 65 हजार, रामनेवाज की 75 हजार और चांदनी की 70 हजार पाई गई। लेकिन इनमें किसी में भी डेंगू की पुष्टि नहीं हुई। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेश कुशवाहा ने बताया कि बुखार में प्लेटलेट्स कम होने पर परेशान नहीं होना चाहिए क्योंकि मौसम में आए बदलाव की वजह से वायरल के मरीज बढ़े हैं। यह बुखार पांच से सात दिनों तक रहता है, इस बुखार से भी शरीर में कमजोरी आती है।
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722 लोगों ने पैथोलॉजी पहुंच कराई जांच
पैथोलॉजी प्रभारी डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि मौजूदा समय में प्रतिदिन 500 से 700 बुखार पीड़ित मरीजों के रक्त की जांच हो रही है। जांच में टायफाइड व मलेरिया के मरीज ज्यादा निकल रहे हैं। बुखार पीड़िताें में प्लेटलेट्स की संख्या जरूर कम निकल रही हैं लेकिन डेंगू की पुष्टि अभी तक किसी में भी नहीं हुई है।
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डेंगू की चपेट में आकर अब तक एक मरीज की मौत हो चुकी है, जबकि पांच मरीजों का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में बृहस्पतिवार को करीब 1937 मरीज पंजीकृत हुए। इनमें 639 बुखार पीड़ित रहे। ओपीडी में मौजूद चिकित्सकों ने बताया कि लोग डेंगू की दहशत के मारे जरूरत न होने पर भी प्लेटलेट्स की जांच करवाने का दबाव बना रहे हैं। बताया कि हर बुखार डेंगू नहीं होता है फिर भी मरीजों की संतुष्टि के लिए जांच कराई जा रही है।
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बृहस्पतिवार को जांच के बाद बुखार पीड़ित रामगोपाल की प्लेटलेट्स 60 हजार, रोहित की 65 हजार, रामनेवाज की 75 हजार और चांदनी की 70 हजार पाई गई। लेकिन इनमें किसी में भी डेंगू की पुष्टि नहीं हुई। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेश कुशवाहा ने बताया कि बुखार में प्लेटलेट्स कम होने पर परेशान नहीं होना चाहिए क्योंकि मौसम में आए बदलाव की वजह से वायरल के मरीज बढ़े हैं। यह बुखार पांच से सात दिनों तक रहता है, इस बुखार से भी शरीर में कमजोरी आती है।
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722 लोगों ने पैथोलॉजी पहुंच कराई जांच
पैथोलॉजी प्रभारी डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि मौजूदा समय में प्रतिदिन 500 से 700 बुखार पीड़ित मरीजों के रक्त की जांच हो रही है। जांच में टायफाइड व मलेरिया के मरीज ज्यादा निकल रहे हैं। बुखार पीड़िताें में प्लेटलेट्स की संख्या जरूर कम निकल रही हैं लेकिन डेंगू की पुष्टि अभी तक किसी में भी नहीं हुई है।