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Barabanki News: 12 वर्ष बाद नए साल में मिलेगा भवन
Tue, 30 Dec 2025 01:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 30 Dec 2025 01:53 AM IST
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सिरौलीगौसपुर। आईटीआई किंतूर को अपना भवन 12 साल बाद नए साल में मिलेगा। भवन निर्माण की मंजूरी वर्ष 2012-13 में मिली थी, लेकिन निर्माण पूरा नहीं हो सका था। हालांकि किंतूर आईटीआई के नाम से दाखिला होते हैं, पर पढ़ने के लिए विद्यार्थी जिला मुख्यालय पर जहांगीराबाद रोड स्थित नोडल आईटीआई में जाते हैं। जिस गति से निर्माण हो रहा है, उसे देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि अगले शिक्षा सत्र में भवन तैयार हो जाएगा। नए दाखिला होंगे तथा जो विद्यार्थी अभी जिला मुख्यालय जाते हैं, उन्हें यही पर शिक्षा मिलेगी।
पांच करोड़ रुपये की लागत से मुख्य भवन में बिजली के कामों के साथ कार्यशाला बाउंड्रीवॉल तथा आवासीय भवन का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। इससे पहले वर्ष 2013-14 में आईटीआई भवन के निर्माण के लिए शासन ने 4.98 करोड़ रुपये का बजट जारी कर सीएनडीएस को कार्यकारी संस्था नामित किया था। काम धीमी गति से होने के कारण लागत बढ़ गई। ऐसे में मुख्य भवन का निर्माण ही हो सका। बिजली संबंधी कार्य तथा बाउंड्रीवॉल और कार्यशाला का निर्माण नहीं हो सका। इसके कारण भवन प्राविधिक शिक्षा विभाग को हैंडओवर नहीं हो सका। कई बार रिमांड बजट बनाया गया, लेकिन मंजूर नहीं हुआ। वर्ष 2017 में यहां पद सृजित करते हुए कार्यदेशक, अनुदेशक व लिपिक संवर्ग के आठ कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई। साथ ही प्रवेश के लिए 400 सीट आवंटित कर विभिन्न ट्रेड में विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया। भवन पूर्ण न होने के कारण पंजीकृत छात्र-छात्राओं को जिला मुख्यालय की नोडल आईटीआई जाना पड़ा। अमर उजाला ने इस संबंध में खबरें प्रकाशित कीं। इसका संज्ञान लेकर राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री व शासन से पत्राचार किया। इसके बाद अतिरिक्त बजट मिला।
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पांच करोड़ रुपये की लागत से मुख्य भवन में बिजली के कामों के साथ कार्यशाला बाउंड्रीवॉल तथा आवासीय भवन का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। इससे पहले वर्ष 2013-14 में आईटीआई भवन के निर्माण के लिए शासन ने 4.98 करोड़ रुपये का बजट जारी कर सीएनडीएस को कार्यकारी संस्था नामित किया था। काम धीमी गति से होने के कारण लागत बढ़ गई। ऐसे में मुख्य भवन का निर्माण ही हो सका। बिजली संबंधी कार्य तथा बाउंड्रीवॉल और कार्यशाला का निर्माण नहीं हो सका। इसके कारण भवन प्राविधिक शिक्षा विभाग को हैंडओवर नहीं हो सका। कई बार रिमांड बजट बनाया गया, लेकिन मंजूर नहीं हुआ। वर्ष 2017 में यहां पद सृजित करते हुए कार्यदेशक, अनुदेशक व लिपिक संवर्ग के आठ कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई। साथ ही प्रवेश के लिए 400 सीट आवंटित कर विभिन्न ट्रेड में विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया। भवन पूर्ण न होने के कारण पंजीकृत छात्र-छात्राओं को जिला मुख्यालय की नोडल आईटीआई जाना पड़ा। अमर उजाला ने इस संबंध में खबरें प्रकाशित कीं। इसका संज्ञान लेकर राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री व शासन से पत्राचार किया। इसके बाद अतिरिक्त बजट मिला।
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