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प्रदेश के 148 बेस्ट टीचर्स में जिले के विवेक व दिनेश भी शामिल
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रामनगर (बाराबंकी)। शैक्षिक गुणवत्ता सेमिनार व एंड लीडर्स अवार्ड 2021 के लिए प्रदेश के 148 बेस्ट टीचर्स का चयन हुआ है। इसमें बाराबंकी से भी रामनगर के प्राइमरी स्कूल सिरकौली के प्रधानाध्यापक विवेक मिश्र व सिद्धौर के प्राइमरी स्कूल कोपवा के सहायक अध्यापक दिनेश वर्मा शामिल हैं। इन शिक्षकों का चयन उनकी काबिलियत के साथ छात्रों के फीडबैक के आधार पर किया गया है।
इन शिक्षकों ने कोरोना काल के मुश्किल दौर में भी ‘मुहल्ला पाठशाला’, ‘आप पढ़ेंगे तो हम जरूर पढ़ाएंगे‘ जैसे नवाचारों के माध्यम से गांव-गांव जाकर छात्रों को पढ़ाने के प्रयास किए। इन प्रयासों की बदौलत ही शिक्षकों ने न सिर्फ नई लकीर खींच दी, बल्कि साबित कर दिखाया कि अगर नीयत सही हो तो गवर्नमेंट स्कूल कॉन्वेंट स्कूलों से कहीं बेहतर हो सकते हैं।
चयनित शिक्षक दो सितंबर को गोरखपुर के एनेक्सी भवन प्रेक्षागृह में प्रतिभाग करेंगे। इस दौरान बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी इन शिक्षकों को अवार्ड देंगे। साथ ही बेस्ट टीचर्स की सफलता की कहानियों को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम पेश किया जाएगा।
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यहां दीवारें बांटती हैं ज्ञान
सरकारी स्कूलों की परिकल्पना भले ही टूटी इमारतों और बदहाल शिक्षण व्यवस्था तक पहुंचकर थम जाती हो। लेकिन रामनगर के प्राइमरी स्कूल सिरकौली के बच्चे हर फन में पारंगत होने को आतुर हैं। यहां की कक्षाएं कॉन्वेंट स्कूल की कक्षाओं से रेस करती नजर आती हैं। कक्षाओं की दीवारें भी ज्ञान बांटती दिखती हैं।
यह सब प्रधानाध्यापक विवेक मिश्र के प्रयासों से ही संभव हो सका। इन्हीं प्रयासों के बदौलत ही विवेक 10 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलनों में प्रतिभाग कर चुके हैं। स्कूल परिसर में फव्वारा, झूला, स्लाइडर, प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, लैपटॉप, सीट बेंच, टिचिंग लर्निंग मटेरियल (टीएलएम), बाल पुस्तकालय, बाल प्रयोगशाला, आयुर्वेद गार्डन, मल्टीपल हैंडवाश, समेत कई और सुविधाएं भी हैं। विवेक के मुताबिक, वह कोरोना महामारी के दौरान भी मोहल्ला क्लास व कार्नर क्लास के अलावा होमवर्क लिखे सीट्स पेपर आंगनबाड़ी व आशा बहु के सहयोग से बच्चों तक पहुंचाया।
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इन शिक्षकों ने कोरोना काल के मुश्किल दौर में भी ‘मुहल्ला पाठशाला’, ‘आप पढ़ेंगे तो हम जरूर पढ़ाएंगे‘ जैसे नवाचारों के माध्यम से गांव-गांव जाकर छात्रों को पढ़ाने के प्रयास किए। इन प्रयासों की बदौलत ही शिक्षकों ने न सिर्फ नई लकीर खींच दी, बल्कि साबित कर दिखाया कि अगर नीयत सही हो तो गवर्नमेंट स्कूल कॉन्वेंट स्कूलों से कहीं बेहतर हो सकते हैं।
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चयनित शिक्षक दो सितंबर को गोरखपुर के एनेक्सी भवन प्रेक्षागृह में प्रतिभाग करेंगे। इस दौरान बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी इन शिक्षकों को अवार्ड देंगे। साथ ही बेस्ट टीचर्स की सफलता की कहानियों को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम पेश किया जाएगा।
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यहां दीवारें बांटती हैं ज्ञान
सरकारी स्कूलों की परिकल्पना भले ही टूटी इमारतों और बदहाल शिक्षण व्यवस्था तक पहुंचकर थम जाती हो। लेकिन रामनगर के प्राइमरी स्कूल सिरकौली के बच्चे हर फन में पारंगत होने को आतुर हैं। यहां की कक्षाएं कॉन्वेंट स्कूल की कक्षाओं से रेस करती नजर आती हैं। कक्षाओं की दीवारें भी ज्ञान बांटती दिखती हैं।
यह सब प्रधानाध्यापक विवेक मिश्र के प्रयासों से ही संभव हो सका। इन्हीं प्रयासों के बदौलत ही विवेक 10 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलनों में प्रतिभाग कर चुके हैं। स्कूल परिसर में फव्वारा, झूला, स्लाइडर, प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, लैपटॉप, सीट बेंच, टिचिंग लर्निंग मटेरियल (टीएलएम), बाल पुस्तकालय, बाल प्रयोगशाला, आयुर्वेद गार्डन, मल्टीपल हैंडवाश, समेत कई और सुविधाएं भी हैं। विवेक के मुताबिक, वह कोरोना महामारी के दौरान भी मोहल्ला क्लास व कार्नर क्लास के अलावा होमवर्क लिखे सीट्स पेपर आंगनबाड़ी व आशा बहु के सहयोग से बच्चों तक पहुंचाया।