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आर्थिक तंगी से जूझ रहे होमगार्ड ने फांसी लगाकर दी जान
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बाराबंकी। आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक होमगार्ड ने शुक्रवार शाम फांसी लगाकर जान दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस जांच कर रही है। जहांगीराबाद क्षेत्र के निगरी निवासी रामकिशोर पाल (50) होमगार्ड विभाग में नौकरी करता था।
परिवारीजनों के मुताबिक आर्थिक तंगी के चलते राम किशोर परेशान चल रहा था। उसकी ड्यूटी जिलाधिकारी आवास पर थी। शुक्रवार शाम को ड्यूटी से लौटने के बाद वह खेतों की ओर चला गया। काफी देर तक वापस नहीं आने पर परिवारीजनों ने तलाश शुरू की। घर से दूूर आहते में उनका शव फंदे से लटका है। यह देख परिवारीजनों में चीख-पुकार मच गई। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थानाध्यक्ष मनोज शर्मा का कहना है कि होमगार्ड के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच की जा रही है।
मृतक के बेटे रीतेश पाल ने बताया कि राम किशोर को सात माह से वेतन नहीं मिला था। इससे वह परेशान रहते थे। कुछ समय से लोगों ने उन्हें उधारी देना बंद कर दिया था। निजी विद्यालय में बस चलाने रीतेश के मुताबिक शुक्रवार सुबह पर ड्यूटी जाने से पहले पिता ने सौ रुपये लेकर मांगे थे।
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परिवारीजनों के मुताबिक आर्थिक तंगी के चलते राम किशोर परेशान चल रहा था। उसकी ड्यूटी जिलाधिकारी आवास पर थी। शुक्रवार शाम को ड्यूटी से लौटने के बाद वह खेतों की ओर चला गया। काफी देर तक वापस नहीं आने पर परिवारीजनों ने तलाश शुरू की। घर से दूूर आहते में उनका शव फंदे से लटका है। यह देख परिवारीजनों में चीख-पुकार मच गई। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थानाध्यक्ष मनोज शर्मा का कहना है कि होमगार्ड के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच की जा रही है।
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मृतक के बेटे रीतेश पाल ने बताया कि राम किशोर को सात माह से वेतन नहीं मिला था। इससे वह परेशान रहते थे। कुछ समय से लोगों ने उन्हें उधारी देना बंद कर दिया था। निजी विद्यालय में बस चलाने रीतेश के मुताबिक शुक्रवार सुबह पर ड्यूटी जाने से पहले पिता ने सौ रुपये लेकर मांगे थे।
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