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....तो क्या विद्यालय प्रबंधन से आहत होकर छात्र ने की थी आत्महत्या
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बाराबंकी। विद्यालय में रजिस्ट्रेशन में हुए घालमेल को लेकर परेशान छात्र की आत्महत्या के मामले में सोमवार को नया मोड़ आ गया है। छात्र के पिता ने डीएम को शिकायती पत्र देकर स्कूल प्रबंधक पर छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। जिससे आहत होकर छात्र ने आत्महत्या कर ली।
मामला सफदरगंज थाना क्षेत्र के ऊधौली का है। पिता ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि यहां पर स्थित एक स्कूल में उसका बेटा जयकिशन इंटरमीडिएट का संस्थागत छात्र था। जिसका अनुक्रमांक एलाट हुआ। रजिस्ट्रेशन के समय भी उसने सभी प्रमाण-पत्र जमा किए थे। छात्र ने प्रयोगात्मक परीक्षा में भी भाग लिया। मगर, जब रिजल्ट आया है तो उसके स्थान पर किसी छात्रा का नाम दिखा रहा था।
इस पर छात्र ने विद्यालय पहुंचकर प्रधानाचार्य से संपर्क किया। मगर, उन्होंने अपने हाथ खड़े कर दिये। इसके बाद उसने डीआईओएस से मिलकर मामले की शिकायत तो उन्होंने उल्टे स्कूल जाने की बात की। इस पर वह सोमवार को स्कूल गया था। जहां पर उसे पुन: कक्षा 11 में प्रवेश लेने को कहा गया। जिससे आहत होकर उसने आत्महत्या कर ली।
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मामले की शिकायत मिलने पर जांच टीम गठित की गई थी। जिसमें वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक व राजकीय हाईस्कूल पूरेडलई के प्रधानाचार्य डॉ. एहरार को जांच दी। अधिकारी मौके पर गए थे। मगर, विद्यालय में स्टाफ कम मिलने के कारण प्रपत्र नहीं मिले। इसी दौरान छात्र ने आत्महत्या कर ली। ऐसे में विद्यालय प्रबंधक को 24 घंटे के अंदर प्रपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर, इस अवधि में विद्यालय द्वारा जांच में सहयोग नहीं किया गया तो दोषी मानते हुए मान्यता वापस की तैयारी की जाएगी।
-डॉ. राजेश कुमार वर्मा, डीआईओएस
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मामला सफदरगंज थाना क्षेत्र के ऊधौली का है। पिता ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि यहां पर स्थित एक स्कूल में उसका बेटा जयकिशन इंटरमीडिएट का संस्थागत छात्र था। जिसका अनुक्रमांक एलाट हुआ। रजिस्ट्रेशन के समय भी उसने सभी प्रमाण-पत्र जमा किए थे। छात्र ने प्रयोगात्मक परीक्षा में भी भाग लिया। मगर, जब रिजल्ट आया है तो उसके स्थान पर किसी छात्रा का नाम दिखा रहा था।
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इस पर छात्र ने विद्यालय पहुंचकर प्रधानाचार्य से संपर्क किया। मगर, उन्होंने अपने हाथ खड़े कर दिये। इसके बाद उसने डीआईओएस से मिलकर मामले की शिकायत तो उन्होंने उल्टे स्कूल जाने की बात की। इस पर वह सोमवार को स्कूल गया था। जहां पर उसे पुन: कक्षा 11 में प्रवेश लेने को कहा गया। जिससे आहत होकर उसने आत्महत्या कर ली।
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मामले की शिकायत मिलने पर जांच टीम गठित की गई थी। जिसमें वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक व राजकीय हाईस्कूल पूरेडलई के प्रधानाचार्य डॉ. एहरार को जांच दी। अधिकारी मौके पर गए थे। मगर, विद्यालय में स्टाफ कम मिलने के कारण प्रपत्र नहीं मिले। इसी दौरान छात्र ने आत्महत्या कर ली। ऐसे में विद्यालय प्रबंधक को 24 घंटे के अंदर प्रपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर, इस अवधि में विद्यालय द्वारा जांच में सहयोग नहीं किया गया तो दोषी मानते हुए मान्यता वापस की तैयारी की जाएगी।
-डॉ. राजेश कुमार वर्मा, डीआईओएस