{"_id":"58e685584f1c1bf5465b81f8","slug":"standard-reversal-runs-found-slaughterhouse-seal","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानक विपरीत चलता मिला बूचड़खाने सीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानक विपरीत चलता मिला बूचड़खाने सीज
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Thu, 06 Apr 2017 11:43 PM IST
विज्ञापन
मानक विपरीत चलता मिला बूचड़खाने सीज
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
योगी सरकार के सख्त निर्देंशों के बाद हरकत में आये प्रशासन ने छापेमारी कर मानक के विपरीत संचालित हो रहे बूचड़खाने को सीज कर दिया है। प्रशासन की इस छापेमारी से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
गुरुवार को फतेहपुर कस्बे के भगौली रोड पर स्थित नगर पंचायत द्वारा संचालित बूचड़खाने पर एफएसडीए टीम के साथ तहसीलदार डीके श्रीवास्तव, व ईओ जियाउल हक ने छापेमारी की। जहां पर जांच के दौरान पाया कि बूचड़खाने के अंदर मानक के विपरीत पशुओं का वध किया जा रहा था।
वध स्थल पर टाइल्स न लगे होने व गीजर-फ्रीजर न होने के संबंध में जांच अधिकारियों द्वारा जब बूचड़खाने के ठेकेदार से पूछताछ की गई तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। यहां तक कि वह लाइसेंस तक नहीं दिखा सका। जिस पर जांच अधिकारियों ने स्लॉटर हाउस को सीज कर दिया। ईओ जियाउल हक ने बताया कि प्रतिवर्ष इस बूचड़खाने में पशु हलाल करने का ठेका होता है।
विज्ञापन
इस वर्ष यह ठेका कस्बे के दिलशाद के नाम हुआ था। वहीं एफएसडीए के अभिहीत अधिकारी मनोज वर्मा के नेतृत्व में टीम ने कुर्सी रोड स्थित अमरून फैक्ट्री पर भी छापा मारा। इस दौरान अभिलेखों की जांच की गई। अभिहीत अधिकारी ने कहा कि अभिलेखों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
विज्ञापन
गुरुवार को फतेहपुर कस्बे के भगौली रोड पर स्थित नगर पंचायत द्वारा संचालित बूचड़खाने पर एफएसडीए टीम के साथ तहसीलदार डीके श्रीवास्तव, व ईओ जियाउल हक ने छापेमारी की। जहां पर जांच के दौरान पाया कि बूचड़खाने के अंदर मानक के विपरीत पशुओं का वध किया जा रहा था।
विज्ञापन
वध स्थल पर टाइल्स न लगे होने व गीजर-फ्रीजर न होने के संबंध में जांच अधिकारियों द्वारा जब बूचड़खाने के ठेकेदार से पूछताछ की गई तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। यहां तक कि वह लाइसेंस तक नहीं दिखा सका। जिस पर जांच अधिकारियों ने स्लॉटर हाउस को सीज कर दिया। ईओ जियाउल हक ने बताया कि प्रतिवर्ष इस बूचड़खाने में पशु हलाल करने का ठेका होता है।
विज्ञापन
इस वर्ष यह ठेका कस्बे के दिलशाद के नाम हुआ था। वहीं एफएसडीए के अभिहीत अधिकारी मनोज वर्मा के नेतृत्व में टीम ने कुर्सी रोड स्थित अमरून फैक्ट्री पर भी छापा मारा। इस दौरान अभिलेखों की जांच की गई। अभिहीत अधिकारी ने कहा कि अभिलेखों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।