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मुर्तिहनघाट पर जल्द बनेगा पुल
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बाराबंकी। अयोध्या के चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग के राजमार्ग घोषित होने से दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र के चार दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीणों के लिए व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे। सरयू नदी के किनारे बसे इन गांवों की जमीनों पर जहां अनाज पैदा होना मुश्किल था वहीं सैकड़ों बीघा जमीन होने के बाद भी यहां के लोग मुट्ठी भर अनाज के लिए लाइन में खड़े रहते थे।
इस राजमार्ग के बनने के बाद यहां के ग्रामीणों को फिर से उसी पुराने रसूख और जमींदारी की आस जगी है। जिससे तराई वासियों में खुशी का माहौल है। वहीं पूरेडलई ब्लॉक क्षेत्र के मुर्तिहनघाट पर जल्द पुल बनने की आस भी जग गई है। जिले में करीब 25 से 30 किलोमीटर के दायरे में 84 कोसी परिक्रमा के राजमार्ग का हिस्सा शामिल होगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग के स्वरूप में परिवर्तित होने के उपरांत 84 कोसी परिक्रमा मार्ग आध्यात्म, विकास व पर्यटन के संगम को प्रदर्शित करेगा। रामायण में वर्णित करीब 151 तीर्थ स्थल आध्यात्म व श्रद्धा का केंद्र हैं। यह परिक्रमा पथ बस्ती, अयोध्या, आंबेडकरनगर, बाराबंकी और गोंडा से होते हुए निकलता है। इसमें जिले के दारियाबाद क्षेत्र के अंतर्गत पूरेडलई ब्लॉक के करीब चार दर्जन गांवों से होकर जाता है।
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सबसे बड़ी बात यह है कि परिक्रमा पथ के निर्माण से आवागमन के लिए सरयू पर दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र के रानीमऊ घाट पर सेमरी गांव के निकट मुर्तिहनघाट पर पुल की सुविधा भी लोगों को मिलेगी। इससे परिक्रमा पथ के बन जाने से अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालु आसानी से चौरासी कोस में स्थित तीर्थों तक पहुंच सकेंगे।
वहीं दरियाबाद क्षेत्र के चार दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों को व्यापार के लिए भी नए रास्ते खुलेंगे। विधायक सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि सरकार के इस घोषणा से जिले का भी विकास होगा।
सरकार द्वारा इस घोषणा के बाद दरियाबाद क्षेत्र के अलियाबाद गांव से टिकैतनगर क्षेत्र के बांसगांव तक करीब 25 से 30 किलोमीटर लंबा 84 कोसी परिक्रमा के तहत यह राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा शामिल होगा। इसमें अलियाबाद, बारिनबाग, रानीमऊ, जीवल, सिकरी, सेमरी, बंसतपुर, गौरीपुरवा, बांसगांव आदि शामिल होंगे।
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इस राजमार्ग के बनने के बाद यहां के ग्रामीणों को फिर से उसी पुराने रसूख और जमींदारी की आस जगी है। जिससे तराई वासियों में खुशी का माहौल है। वहीं पूरेडलई ब्लॉक क्षेत्र के मुर्तिहनघाट पर जल्द पुल बनने की आस भी जग गई है। जिले में करीब 25 से 30 किलोमीटर के दायरे में 84 कोसी परिक्रमा के राजमार्ग का हिस्सा शामिल होगा।
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राष्ट्रीय राजमार्ग के स्वरूप में परिवर्तित होने के उपरांत 84 कोसी परिक्रमा मार्ग आध्यात्म, विकास व पर्यटन के संगम को प्रदर्शित करेगा। रामायण में वर्णित करीब 151 तीर्थ स्थल आध्यात्म व श्रद्धा का केंद्र हैं। यह परिक्रमा पथ बस्ती, अयोध्या, आंबेडकरनगर, बाराबंकी और गोंडा से होते हुए निकलता है। इसमें जिले के दारियाबाद क्षेत्र के अंतर्गत पूरेडलई ब्लॉक के करीब चार दर्जन गांवों से होकर जाता है।
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सबसे बड़ी बात यह है कि परिक्रमा पथ के निर्माण से आवागमन के लिए सरयू पर दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र के रानीमऊ घाट पर सेमरी गांव के निकट मुर्तिहनघाट पर पुल की सुविधा भी लोगों को मिलेगी। इससे परिक्रमा पथ के बन जाने से अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालु आसानी से चौरासी कोस में स्थित तीर्थों तक पहुंच सकेंगे।
वहीं दरियाबाद क्षेत्र के चार दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों को व्यापार के लिए भी नए रास्ते खुलेंगे। विधायक सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि सरकार के इस घोषणा से जिले का भी विकास होगा।
सरकार द्वारा इस घोषणा के बाद दरियाबाद क्षेत्र के अलियाबाद गांव से टिकैतनगर क्षेत्र के बांसगांव तक करीब 25 से 30 किलोमीटर लंबा 84 कोसी परिक्रमा के तहत यह राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा शामिल होगा। इसमें अलियाबाद, बारिनबाग, रानीमऊ, जीवल, सिकरी, सेमरी, बंसतपुर, गौरीपुरवा, बांसगांव आदि शामिल होंगे।