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कराहती रही गर्भवती, नहीं आए डॉक्टर

Mon, 11 Jul 2016 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Mon, 11 Jul 2016 11:40 PM IST
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Sigh getting pregnant, the doctor did not come
जाटा बरौली सीएचसी पर खाली पड़ी अधीक्षक की कुर्सी। - फोटो : अमर उजाला
अस्पताल के कर्मचारियों से लेकर चिकित्सक तक मनमानी कर रहे हैं। अस्पताल में आने वाले मरीज चिकित्सकों का इंतजार करते रहते हैं। और इलाज के अभाव में दर्द भी सहते रहते हैं।
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मरीजोें का समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। सोमवार की सुबह एक महिला दो घंटे तक डिलेवरी के इंतजार में तड़पती रही, लेकिन कोई महिला चिकित्सक नहीं आई। बाद में एक आया ने उसका प्रसव कराया।  
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बंकी ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाटा बरौली में सोमवार की सुबह करीब 9:58 बजे अमर उजाला टीम ने जायजा लिया तो यहां पर अधीक्षक डॉ. ओमप्रकाश कुरील, डॉ. वर्षा वर्मा, डॉ. अविनाश उपाध्याय, एएनएम आदि लोग नदारद रहे।
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चिकित्सक के मौजूद नहीं रहने से मरीज इधर-उधर भटकते रहे। प्रसव पीड़ा से परेशान सोनी देवी पत्नी मोलहेराम निवासी निबहरी पुरवा अस्पताल पहुंची और एएनएम व महिला चिकित्सक का इंतजार करती रही।

दो घंटे बाद महिला के कराहने की आवाज सुन वार्ड में तैनात आया मीना देवी आई और उस महिला को किसी तरह कमरे के अंदर ले जाकर डिलेवरी कराई। इसी तरह तिंदवानी गांव निवासी लक्ष्मी देवी को एक सप्ताह पूर्व डिलेवरी हुई थी लेकिन दर्द के कारण सोमवार सुबह अस्पताल दवा लेने आई थी।

लेकिन महिला चिकित्सक के नहीं मिलने के कारण दर्द से छटपटाती रही और वापस चली गई। तिंदवानी गांव की ही निवासी सविता डिलेवरी की जांच कराने आई थी। घंटो इंतजार के बाद महिला चिकित्सक के नहीं मिलने पर मायूस होकर वापस चली गई।

अस्पताल में चिकित्सक डॉ. सौरभ शुक्ला मरीजों का उपचार करते दिखाई दिए। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि अधीक्षक एक बजे के आसपास आते हैं। और एक घंटे बाद चले जाते हैं जिस कारण कर्मचारी भी मनमानी करते हैं। चिकित्सक व कर्मचारियों की मनमानी मरीजों पर भारी पड़ रही है। 

जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रहे जिम्मेदार
अधीक्षक से लेकर अधिकांश चिकित्सक अस्पताल न पहुंचने के लिए सेटिंग किए हुए हैं। जिस कारण चिकित्सक सीएचसी नहीं पहुंच रहे हैं और उसके बदले में अधीक्षक मोटी रकम भी वसूल रहे हैं। जिसका खामियाजा यहां आने वाले मरीजों को उठाना पड़ रहा है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। 


सीएचसी में अगर महिला डॉक्टर नहीं थी और इस कारण आया को प्रसव कराना पड़ा तो पूरे मामले की की जांच कर चिकित्सकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. सतीश चंद्रा, सीएमओ
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