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शोएब हत्याकांड : चार लोग हिरासत में, 250 कैमरे खंगाले
Sun, 15 Feb 2026 12:40 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 15 Feb 2026 12:40 AM IST
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लखनऊ- अयोध्या हाईवे स्थित असेनी मोड़ के पास शोएब की मौतके बाद शनिवार को घटना स्थल का मुवाअना क
बाराबंकी। मुख्तार अंसारी के करीबी अधिवक्ता शोएब किदवई उर्फ बॉबी की हाईवे पर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के मामले में क्राइम ब्रांच समेत पुलिस की पांच टीमें सरगर्मी से छानबीन कर रही हैं। पुलिस ने जहां शोएब के चालक और तीन अन्य परिचितों से सघन पूछताछ की है वहीं लखनऊ में मृतक के घर से बाराबंकी घटनास्थल तक मोबाइल टावरों के डंप डेटा भी उठाया है।
पुलिस हर उसे व्यक्ति की घटना के वक्त की लोकेशन ट्रेस कर रही है जो शोएब से किसी ने किसी मामले में जुड़ा था। हाईवे पर प्रमुख मार्गों के करीब ढाई सौ सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग पुलिस ने देखी है और इनकाे लगातार देखा जा रहा है। घटना के दूसरे दिन भी पुलिस घटनास्थल और आसपास सघन जांच की और और क्राइम सीन को रीटेक करके दिखा।
शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे लखनऊ के से बाराबंकी आते वक्त हाईवे के असेनी मोड़ की सर्विस रोड पर शोएब किदवई बॉबी की हत्या हुई थी। पल्सर सवार दो हेलमेट लगाए बदमाश तेजी से आया और उनकी कार में गोलियां बरसाकर चले गए थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हमलावरों तक पहुंचने की पहली ठोस कड़ी कहां से मिलेगी।
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मृतक पर लखनऊ और बाराबंकी में कुल 12 मामले दर्ज हैं। इनमें 1999 में लखनऊ के हजरतगंज में जेलर आरके तिवारी हत्याकांड भी शामिल है। पत्नी शाजिया की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस तो दर्ज कर लिया गया मगर परिजनों ने साफ कह दिया कि पिछले 15 सालों से शोएब बहुत शांतिपूर्ण जीवन बिता रहे थे। परिजन भी किसी व्यक्ति पर शक नहीं जता सके।
टेक्निकल टीम यह मिलान कर रही है कि घटना के वक्त और उससे ठीक पहले किन-किन मोबाइल नंबरों की लोकेशन शोएब की गाड़ी के आसपास दर्ज हुई।
हाईवे, सर्विस रोड, कट प्वाइंट, पेट्रोल पंप और टोल प्लाजा समेत करीब 250 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ली गई है। पुलिस को दोपहर 1:22 बजे घटना की सूचना मिली थी। पुलिस टीमें 12:50 बजे से 1:40 बजे के बीच के ‘गोल्डन टाइम फ्रेम’ पर विशेष ध्यान दे रही है।
शोएब के कार चालक को घटना से दो दिन पहले छुट्टी दी गई थी। यह तथ्य जांच का महत्वपूर्ण बिंदु बन गया है।
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प्रॉपर्टी डीलिंग का कोई विवाद तो नहीं...
अधिवक्ता के साथ-साथ प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़े शोएब के आर्थिक लेनदेन की भी पड़ताल हो रही है। पुलिस को पता लगा है कि लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलिंग के कारोबार से भी जुड़े रहे। हाल के सौदों में किसी विवाद की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा।
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जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर तथ्य को वैज्ञानिक तरीके से परखा जा रहा है।
-अर्पित विजयवर्गीय, एसपी
बॉक्स
दस गोलियों से छलनी मिला बॉबी का शव
शोएब किदवई उर्फ बॉबी की हत्या में हमलावरों की बर्बरता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार शोएब के शरीर में करीब 10 गोलियां दागी गईं। जबकि चार गोलियां इधर-उधर लगीं।
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पत्नी की तहरीर का एंगल, रजिस्टर खंगालने पहुंचे एएसपी
जांच के दौरान एक और अहम तथ्य प्रकाश में आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कुछ दिन पहले मृतक की पत्नी ने पुलिस को एक तहरीर दी थी। इसी सूचना के बाद सुबह एडिशनल एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी शहर कोतवाली पहुंचे और रजिस्टरों की गहन जांच कराई। हालांकि एसपी का कहना है कि संबंधित शिकायत करीब चार से पांच वर्ष पुरानी है और उसका मौजूदा हत्याकांड से सीधा संबंध होना अभी स्पष्ट नहीं है। संवाद
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पुलिस हर उसे व्यक्ति की घटना के वक्त की लोकेशन ट्रेस कर रही है जो शोएब से किसी ने किसी मामले में जुड़ा था। हाईवे पर प्रमुख मार्गों के करीब ढाई सौ सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग पुलिस ने देखी है और इनकाे लगातार देखा जा रहा है। घटना के दूसरे दिन भी पुलिस घटनास्थल और आसपास सघन जांच की और और क्राइम सीन को रीटेक करके दिखा।
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शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे लखनऊ के से बाराबंकी आते वक्त हाईवे के असेनी मोड़ की सर्विस रोड पर शोएब किदवई बॉबी की हत्या हुई थी। पल्सर सवार दो हेलमेट लगाए बदमाश तेजी से आया और उनकी कार में गोलियां बरसाकर चले गए थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हमलावरों तक पहुंचने की पहली ठोस कड़ी कहां से मिलेगी।
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मृतक पर लखनऊ और बाराबंकी में कुल 12 मामले दर्ज हैं। इनमें 1999 में लखनऊ के हजरतगंज में जेलर आरके तिवारी हत्याकांड भी शामिल है। पत्नी शाजिया की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस तो दर्ज कर लिया गया मगर परिजनों ने साफ कह दिया कि पिछले 15 सालों से शोएब बहुत शांतिपूर्ण जीवन बिता रहे थे। परिजन भी किसी व्यक्ति पर शक नहीं जता सके।
टेक्निकल टीम यह मिलान कर रही है कि घटना के वक्त और उससे ठीक पहले किन-किन मोबाइल नंबरों की लोकेशन शोएब की गाड़ी के आसपास दर्ज हुई।
हाईवे, सर्विस रोड, कट प्वाइंट, पेट्रोल पंप और टोल प्लाजा समेत करीब 250 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ली गई है। पुलिस को दोपहर 1:22 बजे घटना की सूचना मिली थी। पुलिस टीमें 12:50 बजे से 1:40 बजे के बीच के ‘गोल्डन टाइम फ्रेम’ पर विशेष ध्यान दे रही है।
शोएब के कार चालक को घटना से दो दिन पहले छुट्टी दी गई थी। यह तथ्य जांच का महत्वपूर्ण बिंदु बन गया है।
प्रॉपर्टी डीलिंग का कोई विवाद तो नहीं...
अधिवक्ता के साथ-साथ प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़े शोएब के आर्थिक लेनदेन की भी पड़ताल हो रही है। पुलिस को पता लगा है कि लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलिंग के कारोबार से भी जुड़े रहे। हाल के सौदों में किसी विवाद की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा।
जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर तथ्य को वैज्ञानिक तरीके से परखा जा रहा है।
-अर्पित विजयवर्गीय, एसपी
बॉक्स
दस गोलियों से छलनी मिला बॉबी का शव
शोएब किदवई उर्फ बॉबी की हत्या में हमलावरों की बर्बरता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार शोएब के शरीर में करीब 10 गोलियां दागी गईं। जबकि चार गोलियां इधर-उधर लगीं।
पत्नी की तहरीर का एंगल, रजिस्टर खंगालने पहुंचे एएसपी
जांच के दौरान एक और अहम तथ्य प्रकाश में आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कुछ दिन पहले मृतक की पत्नी ने पुलिस को एक तहरीर दी थी। इसी सूचना के बाद सुबह एडिशनल एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी शहर कोतवाली पहुंचे और रजिस्टरों की गहन जांच कराई। हालांकि एसपी का कहना है कि संबंधित शिकायत करीब चार से पांच वर्ष पुरानी है और उसका मौजूदा हत्याकांड से सीधा संबंध होना अभी स्पष्ट नहीं है। संवाद