शिक्षामित्रों में उबाल, हाईवे जाम
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नौकरी जाने के बाद शिक्षामित्रों में उपजा आक्रोश थम नहीं रहा है। मंगलवार को शिक्षामित्र बीआरसी बड़ेल में धरना दिया। इसके बाद करीब तीन बजे प्रदर्शन कर देवा तिराहे पर हाइवे जाम कर दिया। इस दौरान एक महिला समेत करीब चार शिक्षामित्र बेहोश हो गए। जिन्हें पुलिस ने जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया। वहीं प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों अपनी मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है।
अदालत के एक फैसले ने शिक्षामित्रों के सपने को चकनाचूर कर दिया है। नौकरी चली जाने से करीब 31 सौ शिक्षामित्र अर्श से फर्श पर आ गए हैं। इससे नाराज शिक्षामित्र रविवार से नौकरी वापस की मांग को लेकर बीआरसी बड़ेल पर धरना दे रहे हैं। नौकरी जाने के सदमें से तीन लोगों की हालत बिगड़ चुकी है। इनमें से एक महिला की हालत गंभीर होने पर उसे लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंगलवार को बीआरसी पर धरना दे रहे शिक्षामित्र करीब तीन बजे के आस-पास उग्र हो गए।
सभी शिक्षामित्र जिलाध्यक्ष विनोद वर्मा के नेतृत्व में पैदल ही जिलाधिकारी आवास की ओर कूच कर दिए। जानकारी मिलते ही कोतवाल शशिकांत मिश्रा मय पुलिस फोर्स के मौके पर पहुंच गए। प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों अभी नाका पैसार ही पहुंचे थे कि हरख निवासी बजरंग रावत बेहोश होकर गिर। जिन्हें पुलिस जीप से इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। पैदल मार्च कर रहे शिक्षामित्र जिला अस्पताल के पास पहुंचे थे कि सूरतगंज निवासी विनोद मिश्रा भी गश खाकर गिर गए।
इनको भर्ती कराकर साथी वापस भी नहीं आ पाए थे कि देवा के कासिमगंज निवासी विकास यादव भी बेहोश होकर गिर गए। वहीं मसौली निवासी शिक्षामित्र नीलम शर्मा भी इस सदमें को बर्दाश्त नहीं कर सकी और बेहोश हो गई। सभी को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है। प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्र देवा तिराहे के पास हाइवे जाम कर दिया। सभी शिक्षामित्र सड़क पर बैठ गए जिससे करीब एक घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही।
प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों ने अपनी मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है। इस मौके पर अनिल शर्मा, रामशंकर राठौर, अमित मिश्रा, राजवीर सिंह, शिवनारायण वर्मा, अखिलेश वर्मा, पुष्पा सिंह, निधि शुक्ला, श्रुति सिंह, रेखारानी, रेनू त्रिवेदी, प्रियंका वर्मा, लालजी यादव, आदिल मुबीन, सर्वेश मिश्रा, दिनेश पटेल, जेबा खान, रामधन यादव आदि मौजूद रहे।
चारों शिक्षामित्र हीट स्ट्रोक की वजह से बेहोश हुए थे जिन्हें इमरजेंसी में भर्ती कर उपचार किया गया। हालात सामान्य होने पर इन लोगों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। - डॉ. एसके सिंह, जिला अस्पताल
शिक्षामित्र धैर्य न खोए, कोई ऐसा कदम भी न उठाए जिससे उनके परिवारीजनों को दिक्कतों का सामना करना पड़े। संकट की इस घड़ी में सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह से शिक्षामित्रों के साथ। - योगेश्वर राम मिश्र, जिलाधिकारी
डीएम को सौंपा ज्ञापन जिस समय शिक्षामित्र ज्ञापन देने डीआरडीए पहुंचे उस समय सभागार में बैठक चल रही है। डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर नीलम यादव, तहसीलदार उमेश सिंह और बीएसए पीएन सिंह शिक्षामित्रों का ज्ञापन लेने पहुंचे। लेकिन शिक्षामित्रों ने जिलाधिकारी को ही ज्ञापन देने की मांग पर अड़ गए। जिस एसडीएम सदर ने जिलाधिकारी से बात की और दस सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने पहुंच जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया।