{"_id":"673fada51f1a5113ef031f04","slug":"service-of-community-organizer-terminated-barabanki-news-c-315-1-brp1007-128433-2024-11-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: सामुदायिक आयोजक की सेवा समाप्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: सामुदायिक आयोजक की सेवा समाप्त
Fri, 22 Nov 2024 03:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 22 Nov 2024 03:31 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के नाम पर हुए लाखों रुपये के घोटाले में एनयूएलएम में तैनात सामुदायिक आयोजक अतुल तिवारी को भी बर्खास्त कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि इसी के संरक्षण में घोटाले की नींव रखी गई थी। इस मामले में अब तक कुल 14 आउटसोर्स कर्मचारी बर्खास्त किए जा चुके हैं।
गौरतलब है कि पीएम आवास योजना शहरी के तहत आवंटित हुए 11 आवासों की जॉइंट मजिस्ट्रेट आर जगत साई ने जांच की थी। सीएलटीसी आशीष कुमार चौरसिया, एमआईएस आयुष वर्मा, उपजिला समन्वयक राजेश्वर वर्मा, जिला समन्वयक शिवम वर्मा, सर्वेयर पंकज, सूरज, नीरज शुक्ला, आशुतोष पाठक, रवि प्रकाश, विकास, शमसेर यादव, विवेक यादव व सौरभ द्वारा कूटरचित दस्तावेजों के सहारे गलत जीओ टैगिंग कर भुगतान कराया गया था।
इसमें कई कर्मचारियों के परिजन व रिश्तेदार भी शामिल थे। नीरज शुक्ला का निधन हो चुका है। सभी की सेवाएं समाप्त हो चुकी हैं। सूत्रों के मुताबिक यह पूरा गिरोह दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में आउटसोर्स से तैनात सामुदायिक आयोजक अतुल तिवारी के संरक्षण में घोटाले को अंजाम दे रहा था।
विज्ञापन
मिशन की सहायक निदेशक मोनिका वर्मा ने कन्सल्टिंग एजेंसी को पत्र लिखकर अतुल तिवारी को फर्जी जियो टैगिंग के माध्यम से शासकीय धनराशि करने के मामले में बर्खास्त करने की कार्रवाई की है। प्रभारी परियोजना अधिकारी संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि सामुदायिक आयोजक अतुल तिवारी की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं।
तत्कालीन सीएलटीसी इंजीनियर पर मुकदमा दर्ज
पीएम आवास योजना शहरी में हुए घोटाले के मामले में लिपिक जयप्रकाश मिश्रा की ओर से बृहस्पतिवार देर शाम सिटी लेवल टेक्निकल सेल के तत्कालीन इंजीनियर आशीष कुमार चौरसिया के विरुद्ध तहरीर दी गई। इन पर आरोप है कि कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर गलत जिओ टैगिंग कराकर डूडा के आउटसोर्स कर्मचारियों एवं उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर आवास आवंटित करा दिए। सरकारी धन का गबन भी कर लिया। इसके अतिरिक्त 25 अक्तूबर 2024 को आशीष को बाराबंकी से डूडा हरदोई भेज दिया गया था। आशीष ने कार्यभार नहीं ग्रहण किया। बाराबंकी में तैनात आशुतोष गुप्ता को योजना की पत्रावलियां/अभिलेख, डाटा तथा सीयूजी सिम भी नहीं उपलब्ध कराया। इंस्पेक्टर आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। प्रभारी पीओ डूडा संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रकरण से जुड़े अन्य लोगों पर भी एफआईआर की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि पीएम आवास योजना शहरी के तहत आवंटित हुए 11 आवासों की जॉइंट मजिस्ट्रेट आर जगत साई ने जांच की थी। सीएलटीसी आशीष कुमार चौरसिया, एमआईएस आयुष वर्मा, उपजिला समन्वयक राजेश्वर वर्मा, जिला समन्वयक शिवम वर्मा, सर्वेयर पंकज, सूरज, नीरज शुक्ला, आशुतोष पाठक, रवि प्रकाश, विकास, शमसेर यादव, विवेक यादव व सौरभ द्वारा कूटरचित दस्तावेजों के सहारे गलत जीओ टैगिंग कर भुगतान कराया गया था।
विज्ञापन
इसमें कई कर्मचारियों के परिजन व रिश्तेदार भी शामिल थे। नीरज शुक्ला का निधन हो चुका है। सभी की सेवाएं समाप्त हो चुकी हैं। सूत्रों के मुताबिक यह पूरा गिरोह दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में आउटसोर्स से तैनात सामुदायिक आयोजक अतुल तिवारी के संरक्षण में घोटाले को अंजाम दे रहा था।
विज्ञापन
मिशन की सहायक निदेशक मोनिका वर्मा ने कन्सल्टिंग एजेंसी को पत्र लिखकर अतुल तिवारी को फर्जी जियो टैगिंग के माध्यम से शासकीय धनराशि करने के मामले में बर्खास्त करने की कार्रवाई की है। प्रभारी परियोजना अधिकारी संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि सामुदायिक आयोजक अतुल तिवारी की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं।
तत्कालीन सीएलटीसी इंजीनियर पर मुकदमा दर्ज
पीएम आवास योजना शहरी में हुए घोटाले के मामले में लिपिक जयप्रकाश मिश्रा की ओर से बृहस्पतिवार देर शाम सिटी लेवल टेक्निकल सेल के तत्कालीन इंजीनियर आशीष कुमार चौरसिया के विरुद्ध तहरीर दी गई। इन पर आरोप है कि कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर गलत जिओ टैगिंग कराकर डूडा के आउटसोर्स कर्मचारियों एवं उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर आवास आवंटित करा दिए। सरकारी धन का गबन भी कर लिया। इसके अतिरिक्त 25 अक्तूबर 2024 को आशीष को बाराबंकी से डूडा हरदोई भेज दिया गया था। आशीष ने कार्यभार नहीं ग्रहण किया। बाराबंकी में तैनात आशुतोष गुप्ता को योजना की पत्रावलियां/अभिलेख, डाटा तथा सीयूजी सिम भी नहीं उपलब्ध कराया। इंस्पेक्टर आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। प्रभारी पीओ डूडा संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रकरण से जुड़े अन्य लोगों पर भी एफआईआर की तैयारी की जा रही है।