{"_id":"688919fa589482a698071b48","slug":"server-running-slow-in-district-hospital-patients-in-distress-barabanki-news-c-315-1-slko1014-144748-2025-07-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: जिला अस्पताल में सर्वर की सुस्त चाल, मरीज बेहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: जिला अस्पताल में सर्वर की सुस्त चाल, मरीज बेहाल
Wed, 30 Jul 2025 12:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 30 Jul 2025 12:29 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। जिला अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों पर सर्वर की सुस्त चाल काफी भारी पड़ रही है। सर्वर की सुस्त रफ्तार के कारण परचा बनवाने से लेकर जांच कराने व दवा लेने तक के लिए घंटों कतार में खड़े होने की परेशानी उठाना पड़ रही है। जिला अस्पताल प्रशासन के तमाम दावे के बावजूद ओपीडी में व्याप्त सर्वर की समस्या दूर नहीं हो पा रही है।
इसका सीधा खामियाजा इलाज के लिए यहां आने वाले मरीजाें को भुगतना पड़ रहा है। मंगलवार को भी सर्वर की समस्या के चलते ओपीडी का परचा बनवाने के लिए मरीजों को घंटों कतार में खड़े होने की परेशानी उठाना पड़ी। परचा बनने के बाद ओपीडी में दिखाने फिर जांच व दवा लेने की मशक्कत के बाद ही उन्हें इलाज मिल सका।
मौसम में आए बदलाव के कारण अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 15 सौ से 17 सौ मरीज देखे जा रहे हैं। यहां पर ओपीडी का परचा बनाने से लेकर लैब व ब्लड सेंटर पर जांच का काम आन लाइन स्तर पर होता है। पिछले एक सप्ताह से नेटवर्क की सुस्त चाल के कारण अस्पताल आने वाले मरीजों को इलाज पाने में दो से तीन घंटे तक लग रहे हैं। सर्वर की धीमी रफ्तार के कारण ही मंगलवार को ओपीडी में महज 1225 मरीजों का ही पंजीकरण हुआ। जबकि काफी संख्या में अस्पताल पहुंचे लोग परचा बनने में हो रही देरी के कारण परेशान होकर वापस लौट गए।
विज्ञापन
चार घंटे बाद भी नहीं हो सकी अल्ट्रासाउंड जांच
पेटदर्द से परेशान गोपाल ने बताया कि सर्वर फाल्ट के कारण पहले एक घंटे तक परचा बनवाने फिर डेढ़ घंटे तक अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए इंतजार करना पड़ा। इस दौरान जांच समय खत्म हो जाने के कारण दूसरे दिन आने के लिए कहा गया। इलाज के लिए पहुंचे बुखार पीड़ित प्रहलाद ने बताया कि अस्पताल में सर्वर से जुड़े नेटवर्क की परेशानी बीते एक सप्ताह से कुछ ज्यादा ही परेशान कर रही है।
इस कारण सुबह नौ बजे आने के बाद भी दवा लेकर वापस लौटने में तीन से चार घंटे तक लग जाते हैं।सीएमएस डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि नेटवर्क की समस्या को लेकर अन्य कंपनियों से बात की जा रही है जल्द ही किसी नई कंपनी की सेवा लेकर मरीजों को हो रही इस परेशानी को दूर कराया जाएगा।
विज्ञापन
इसका सीधा खामियाजा इलाज के लिए यहां आने वाले मरीजाें को भुगतना पड़ रहा है। मंगलवार को भी सर्वर की समस्या के चलते ओपीडी का परचा बनवाने के लिए मरीजों को घंटों कतार में खड़े होने की परेशानी उठाना पड़ी। परचा बनने के बाद ओपीडी में दिखाने फिर जांच व दवा लेने की मशक्कत के बाद ही उन्हें इलाज मिल सका।
विज्ञापन
मौसम में आए बदलाव के कारण अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 15 सौ से 17 सौ मरीज देखे जा रहे हैं। यहां पर ओपीडी का परचा बनाने से लेकर लैब व ब्लड सेंटर पर जांच का काम आन लाइन स्तर पर होता है। पिछले एक सप्ताह से नेटवर्क की सुस्त चाल के कारण अस्पताल आने वाले मरीजों को इलाज पाने में दो से तीन घंटे तक लग रहे हैं। सर्वर की धीमी रफ्तार के कारण ही मंगलवार को ओपीडी में महज 1225 मरीजों का ही पंजीकरण हुआ। जबकि काफी संख्या में अस्पताल पहुंचे लोग परचा बनने में हो रही देरी के कारण परेशान होकर वापस लौट गए।
विज्ञापन
चार घंटे बाद भी नहीं हो सकी अल्ट्रासाउंड जांच
पेटदर्द से परेशान गोपाल ने बताया कि सर्वर फाल्ट के कारण पहले एक घंटे तक परचा बनवाने फिर डेढ़ घंटे तक अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए इंतजार करना पड़ा। इस दौरान जांच समय खत्म हो जाने के कारण दूसरे दिन आने के लिए कहा गया। इलाज के लिए पहुंचे बुखार पीड़ित प्रहलाद ने बताया कि अस्पताल में सर्वर से जुड़े नेटवर्क की परेशानी बीते एक सप्ताह से कुछ ज्यादा ही परेशान कर रही है।
इस कारण सुबह नौ बजे आने के बाद भी दवा लेकर वापस लौटने में तीन से चार घंटे तक लग जाते हैं।सीएमएस डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि नेटवर्क की समस्या को लेकर अन्य कंपनियों से बात की जा रही है जल्द ही किसी नई कंपनी की सेवा लेकर मरीजों को हो रही इस परेशानी को दूर कराया जाएगा।