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Barabanki News: अब गोवंश संग अफसरों की सेल्फी होगी जांच का आधार

Wed, 09 Sep 2026 11:02 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Wed, 09 Sep 2026 11:02 PM IST
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Selfies of officials with cattle will now form the basis of the investigation.
बाराबंकी। गो आश्रय स्थलों की व्यवस्था अब सुधरेगी। निराश्रित गोवंशों की देखभाल पर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए वर्तमान में संचालित कागजी आख्या की व्यवस्था पर विराम लगा दिया है। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह की पहल पर अब अफसरों को हर महीने धरातल पर उतरना होगा। उन्हें निरीक्षण के दौरान गो आश्रय में मौजूद गोवंश के साथ सेल्फी लेकर भेजना होगी। यहीं फोटो अफसर के निरीक्षण व जांच का आधार बनेगी।
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इसके साथ ही डीएम ने 106 गो आश्रय स्थलों, वृहद गो संरक्षण केंद्रों और कान्हा गोशालाओं के सत्यापन के लिए नई सूची भी जारी कर दी है। इसमें उप कृषि निदेशक, डीपीओ, डीएफएमओ, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी व परियोजना अधिकारी (नेडा) को जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही तहसीलदार, नायब तहसीलदार, बीडीओ, बीईओ और एडीओ को भी नोडल बनाया गया है। शहरी व कान्हा गो आश्रय स्थलों का जिम्मा बीईओ को सौंपा गया है। सभी अफसरों को हर माह की आठ तारीख तक अपनी रिपोर्ट मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय या व्हाट्सएप ग्रुप पर जमा करनी होगी।
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निरीक्षण के दौरान गोवंशों की वास्तविक संख्या, स्वास्थ्य, टैगिंग और नर-मादा के अनुपात को परखा जाएगा। इसके अलावा शेड, चरही, पेयजल, प्रकाश, जल निकासी, साफ-सफाई, भूसा भंडारण, हरा चारा, दाना और चारागाह की स्थिति की जांच होगी। बीमार गोवंशों के इलाज, टीकाकरण, केयरटेकर के मानदेय और ससम्मान शव निस्तारण की व्यवस्था को भी परखा जाएगा।
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जिलाधिकारी ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्रोत से गो आश्रय स्थल की बदहाली उजागर होती है, तो इसके लिए संबंधित नोडल अफसर को जिम्मेदार मानते हुए जवाबदेही तय होगी। सीवीओ डॉ. विनोद कुमार यादव ने बताया कि गो आश्रय स्थलों की व्यवस्था को लेकर जारी नए दिशा निर्देश के बाद अब सभी नोडल अधिकारी प्रतिमाह खुद धरातल पर उतरकर निरीक्षण करेंगे। उन्हें हर माह की आठ तारीख तक अपनी जियो टैग फोटोयुक्त रिपोर्ट डीएम कार्यालय में प्रस्तुत करना होगी।
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