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Barabanki News: शिक्षकों की कमी से माध्यमिक शिक्षा बेपटरी
Sat, 02 May 2026 01:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 02 May 2026 01:43 AM IST
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बाराबंकी। जिले में शिक्षा के स्तर को सुधारने के दावों की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। 20 राजकीय इंटर कॉलेज (बालक/बालिका) और 21 राजकीय हाईस्कूल में स्वीकृत पदों के सापेक्ष आधे शिक्षक भी तैनात नहीं हैं। पीएम श्री राजकीय कॉलेजों का भी यही हाल है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इनमें प्रवक्ता (पीजीटी) के 186 पदों के सापेक्ष 67 तैनात हैं । सहायक अध्यापक (एलटी ग्रेड) के 330 पदों के सापेक्ष 181 शिक्षक है। सबसे बुरा हाल गणित, अंग्रेजी और विज्ञान जैसे अनिवार्य विषयों का है। कई स्कूलों में कला या शारीरिक शिक्षा के शिक्षक गणित पढ़ाने को मजबूर हैं।
हकीकत यह है कि जिले में एलटी ग्रेड के करीब 40 प्रतिशत और प्रवक्ताओं के करीब 35 प्रतिशत पद रिक्त चल रहे हैं।
जिले में कई राजकीय हाईस्कूल ऐसे हैं जो शिक्षक विहीन होने की कगार पर हैं, जहां महज एक प्रधानाध्यापक और दो शिक्षकों के भरोसे पूरा स्कूल संचालित हो रहा है।
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कुछ विद्यालय व्यक्तिगत रुचि लेकर एलुमनाई एसोसिएशन व अन्य एसोसिएशन के माध्यम से बेहतर शिक्षा दिलाने का प्रयास करते हैं, परंतु फिर भी नतीजा वही ढाक के तीन पात रह जाता है।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इनमें प्रवक्ता (पीजीटी) के 186 पदों के सापेक्ष 67 तैनात हैं । सहायक अध्यापक (एलटी ग्रेड) के 330 पदों के सापेक्ष 181 शिक्षक है। सबसे बुरा हाल गणित, अंग्रेजी और विज्ञान जैसे अनिवार्य विषयों का है। कई स्कूलों में कला या शारीरिक शिक्षा के शिक्षक गणित पढ़ाने को मजबूर हैं।
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हकीकत यह है कि जिले में एलटी ग्रेड के करीब 40 प्रतिशत और प्रवक्ताओं के करीब 35 प्रतिशत पद रिक्त चल रहे हैं।
जिले में कई राजकीय हाईस्कूल ऐसे हैं जो शिक्षक विहीन होने की कगार पर हैं, जहां महज एक प्रधानाध्यापक और दो शिक्षकों के भरोसे पूरा स्कूल संचालित हो रहा है।
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कुछ विद्यालय व्यक्तिगत रुचि लेकर एलुमनाई एसोसिएशन व अन्य एसोसिएशन के माध्यम से बेहतर शिक्षा दिलाने का प्रयास करते हैं, परंतु फिर भी नतीजा वही ढाक के तीन पात रह जाता है।