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Barabanki News: कुख्यात आसिम के राइट हैंड नुमाइश की तलाश तेज

Thu, 09 Jul 2026 01:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Thu, 09 Jul 2026 01:28 AM IST
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Search intensified for Numaish, the right-hand man of the notorious Asim.
बाराबंकी। अंबेडकरनगर में मारे गए कुख्यात बदमाश आसिम अली उर्फ विक्की का राइट हैंड नुमाइश अभी भी पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है। अदालत में दोष सिद्ध होने के बाद भी पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी है। बाराबंकी की अदालत ने मई में आसिम के साथ नुमाइश के खिलाफ भी स्थायी वारंट जारी किया है। स्थायी वारंट में गिरफ्तारी के लिए कोई समय सीमा नहीं होती और किसी भी थाने की पुलिस नुमाइश को पकड़ कर अदालत में हाजिर कर सकती है।
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कानपुर जिले के बिल्हौर थाने के मकनपुर गांव का एक लाख का इनामी आसिम मंगलवार भोर में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। यह खबर जब बाराबंकी पुलिस को लगी तो आसिम के करीबियों का ब्यौरा जुटाया जाने लगा। देवा पुलिस ने पुराने मुकदमे की फाइल खंगाली तो पता चला कि आसिम के साथ उसका करीबी नुमाइश भी जमानत पर रिहा होने के बाद अदालत में पेश नहीं हुआ था। इस पर न्यायालय ने दोनों के खिलाफ स्थायी वारंट जारी कर दिया था। अब असीम के मरने के बाद पुलिस भगोड़े नुमाइश की तलाश में जुट गई है।
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तीन साल जेल में बिताने के बाद मिली थी जमानत
आसिम ने नुमाइश के अलावा तीन-चार बदमाशों के साथ मिलकर देवा के मुजीमनगर में 11 सितंबर 2021 की रात किसान शिव प्रताप के घर डाका डाला था। आसिम ने शिव प्रताप की मां चंद्रावती की हत्या कर दी थी। पुलिस ने छह नवंबर 2021 को वारदात का खुलासा करते हुए आसिम, नुमाइश और सिंधजात उर्फ केसरीनाथ को जेल भेजा था।
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बाद में इसी मामले में सोधिन उर्फ चिंटू भी गिरफ्तार किया गया था। इनमें नुमाइश, सिंधजात और केसरीनाथ इटावा जिले के बढ़पुरा थाना के तेलियाकटरा के रहने वाले हैं। जब ये जेल में थे, तभी पुलिस ने इन सभी पर गैंगस्टर का मामला पंजीकृत कर लिया था। नौ अप्रैल 2024 को नुमाइश व 24 जून 2024 को आसिम को जमानत मिल गई थी।
इसके बाद से दोनों कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। इसी वर्ष मई में गैंगस्टर एक्ट में सिंधजात और चिंटू को चार वर्ष चार माह की सजा सुनाई गई। आसिम और नुमाइश भी दोषी मिले लेकिन कोर्ट में हाजिर नहीं होने के कारण इन दोनों की पत्रावली अलग कर दी गई। साथ ही दोनों के खिलाफ स्थायी वारंट जारी कर दिया गया।
एसटीएफ ने आसिम का अध्याय तो समाप्त कर दिया लेकिन नुमाइश का अब तक पता नहीं चल सका है। देवा इंस्पेक्टर आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि भगोड़े नुमाइश की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।



प्रयागराज में भी डाली थी डकैती
मुजीमनगर के शिवप्रताप ने बताया कि जब डकैत पकड़े गए तो पहचान कराने के लिए छह नवंबर 2024 को उन्हें कोतवाली बुलाया गया था। जब वे लोग कोतवाली पहुंचे तो तीनों बदमाशों को सामने लाया गया। उस वक्त प्रयागराज के भी कुछ लोग वहां मौजूद थे। उन्होंने भी डकैतों की पहचान की थी। ये सब प्रयागराज में भी डकैती करके भागे थे। शिव प्रताप की बेटी सौम्या और शुभी ने भी आसिम व उनके साथियों की पहचान की थी।
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