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अभियान ठप, दौड़ रहे 297 अनफिट स्कूली वाहन
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बाराबंकी। स्कूल खुल गए हैं और स्कूली वाहन भी सड़कों पर दौड़ने लगे हैं। बच्चों को ढो रहे इन वाहनों में कौन सा अनफिट है, इसकी जांच भी बंद हो गई है। ऐसे में एक बार फिर हजारों नौनिहाल घर से स्कूल और फिर स्कूल से घर का असुरक्षित सफर तय कर रहे हैं। एआरटीओ कार्यालय के आंकड़े बताते हैं कि अभी भी जिले में स्कूली वाहन के रूप में पंजीकृत 297 वाहन अनफिट हैं। तमाम सख्ती के बाद भी इनसे संबंधित स्कूल संचालक चेत नहीं रहे हैं।
जिले में 906 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। बीते अप्रैल माह में गाजियाबाद में स्कूली वाहन में बच्चे की मौत के बाद जिलेे में स्कूली वाहनों की छानबीन की गई तो करीब साढ़े तीन सौ वाहन अनफिट मिले। कई स्कूली वाहन तो ऐसे थे जिनका कई वर्षों से फिटनेस ही नहीं कराया गया था। इसे लेकर एआरटीओ ने जब सख्ती बरतना शुरू किया तो करीब दो दर्जन वाहनों का फिटनेस कराया गया।
इसके बाद एआरटीओ ने 328 स्कूली वाहनों का पंजीकरण निलंबित कर दिया। एआरटीओ प्रशासन ने इन वाहनों का पंजीकरण कार्यालय से निलंबित करते हुए इन्हें ब्लैक लिस्ट कर दिया। स्कूल खुलने के बाद 31 स्कूली वाहनों का फिटनेस कराया जा चुका है। मगर 297 वाहनों का फिटनेस तमाम कोशिशों के बाद भी नहीं हो रहा है।
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धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं स्कूूली वाहन
वाहनों की चेकिंग को लेकर एआरटीओ प्रशासन द्वारा एक जुलाई से अभियान चलाने की योजना बनाई गई थी लेकिन एआरटीओ प्रशासन व डीआईओएस का स्थानांतरण होने से योजना परवान नहीं चढ़ सकी। ऐसे में स्कूूल संचालक बेखौफ होकर वाहनों का संचालन करा रहे हैं। यह तो जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि सड़कों पर दौड़ रहे स्कूली वाहन मानकों को पूरा करते हैं या फिर अनफिट हैं।
निलंबित वाहन दौड़ते मिले तो दर्ज होगा केस
जिन स्कूली वाहनों का पंजीकरण निलंबित किया जा चुका है, अगर वे वाहन बच्चे ढोते पाए गए तो वाहन को सीज कर दिया जाएगा। साथ ही वाहन संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। बच्चों की सुरक्षा का सवाल है इसलिए कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।
-अंकिता शुक्ला, एआरटीओ प्रशासन
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जिले में 906 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। बीते अप्रैल माह में गाजियाबाद में स्कूली वाहन में बच्चे की मौत के बाद जिलेे में स्कूली वाहनों की छानबीन की गई तो करीब साढ़े तीन सौ वाहन अनफिट मिले। कई स्कूली वाहन तो ऐसे थे जिनका कई वर्षों से फिटनेस ही नहीं कराया गया था। इसे लेकर एआरटीओ ने जब सख्ती बरतना शुरू किया तो करीब दो दर्जन वाहनों का फिटनेस कराया गया।
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इसके बाद एआरटीओ ने 328 स्कूली वाहनों का पंजीकरण निलंबित कर दिया। एआरटीओ प्रशासन ने इन वाहनों का पंजीकरण कार्यालय से निलंबित करते हुए इन्हें ब्लैक लिस्ट कर दिया। स्कूल खुलने के बाद 31 स्कूली वाहनों का फिटनेस कराया जा चुका है। मगर 297 वाहनों का फिटनेस तमाम कोशिशों के बाद भी नहीं हो रहा है।
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धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं स्कूूली वाहन
वाहनों की चेकिंग को लेकर एआरटीओ प्रशासन द्वारा एक जुलाई से अभियान चलाने की योजना बनाई गई थी लेकिन एआरटीओ प्रशासन व डीआईओएस का स्थानांतरण होने से योजना परवान नहीं चढ़ सकी। ऐसे में स्कूूल संचालक बेखौफ होकर वाहनों का संचालन करा रहे हैं। यह तो जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि सड़कों पर दौड़ रहे स्कूली वाहन मानकों को पूरा करते हैं या फिर अनफिट हैं।
निलंबित वाहन दौड़ते मिले तो दर्ज होगा केस
जिन स्कूली वाहनों का पंजीकरण निलंबित किया जा चुका है, अगर वे वाहन बच्चे ढोते पाए गए तो वाहन को सीज कर दिया जाएगा। साथ ही वाहन संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। बच्चों की सुरक्षा का सवाल है इसलिए कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।
-अंकिता शुक्ला, एआरटीओ प्रशासन