{"_id":"62cdcdd61ca6665c3d08b524","slug":"saryu-river-barabanki-news-lko6392252125","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरयू की कटान की चपेट में आए आधा दर्जन गांव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरयू की कटान की चपेट में आए आधा दर्जन गांव
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कोटवाधाम (बाराबंकी)। सरयू नदी का पानी भले ही थम गया हो परंतु तराई के करीब आधा दर्जन गांव कटान की चपेट में आ गए हैं। इससे यहां के वासियों में हड़कंप मच गया है। वहीं नदी का पानी खेती योग्य जमीन को काट आगे बढ़ता जा रहा है। लेकिन तहसील प्रशासन और बाढ़ खंड के अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे तराई के लोगों की दिक्कतें बढ़ती जा रही है।
नदी की कटान की जद में गोबरहा, तेलवारी, बेहटा, करौनी समेत करीब आधा दर्जन गांव आ गए हैं। मगर बाढ़ खण्ड का कोई अधिकारी कटान रोकने के लिए नहीं पहुंचा है। कर्मचारी सिर्फ नदी में कटान वाले स्थान पर हरे पेड़ की डाल कर उसको रोकने का प्रयास कर रहे हैं। गोबरहा गांव के पास जमीन को काटती हुई नदी गांव की तरफ तेजी से बढ़ रही है।
यहां पर इस वर्ष भी 20 बीघा जमीन को काटकर नदी अपनी धारा में मिला चुकी है। किसानों की गन्ने की फसल भी बड़ी मात्रा में कट गई है। उधर तेलवारी गांव के पास भी नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के चलते कई छप्परनुमा घर कटान के मुहाने पर हैं। इन घरों के लोग जलस्तर बढ़ता देख पलायन कर ऊंचे स्थान पर निकल आये हैं।
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बेहटा गांव में भी खेती योग्य जमीन नदी का पानी काट रहा है। गांव नदी के उस पार होने से कोई बचाव कार्य नहीं किया जा रहा है। लोग कटान रोकने की शिकायत अधिकारियों से कर चुके हैं। मगर अभी तक कोई मौके तक नहीं पहुंचा है। सनावा गांव के पास नदी का पानी मक्का के खेत में कटान कर रहा है।
यहां पर दो दिन में कई बीघा जमीन नदी काट चुकी है। इन सभी गांव में जलस्तर स्थिर होने के बाद तेज हुई कटान को रोकने के लिए कोई अधिकारी मौके पर नहीे पहुंचे हैं। इस बाबत एडीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि नदी का पानी स्थिर हो गया है। कटान रोकने के आदेश बाढ़ खंड को दिए गए हैं।
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नदी की कटान की जद में गोबरहा, तेलवारी, बेहटा, करौनी समेत करीब आधा दर्जन गांव आ गए हैं। मगर बाढ़ खण्ड का कोई अधिकारी कटान रोकने के लिए नहीं पहुंचा है। कर्मचारी सिर्फ नदी में कटान वाले स्थान पर हरे पेड़ की डाल कर उसको रोकने का प्रयास कर रहे हैं। गोबरहा गांव के पास जमीन को काटती हुई नदी गांव की तरफ तेजी से बढ़ रही है।
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यहां पर इस वर्ष भी 20 बीघा जमीन को काटकर नदी अपनी धारा में मिला चुकी है। किसानों की गन्ने की फसल भी बड़ी मात्रा में कट गई है। उधर तेलवारी गांव के पास भी नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के चलते कई छप्परनुमा घर कटान के मुहाने पर हैं। इन घरों के लोग जलस्तर बढ़ता देख पलायन कर ऊंचे स्थान पर निकल आये हैं।
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बेहटा गांव में भी खेती योग्य जमीन नदी का पानी काट रहा है। गांव नदी के उस पार होने से कोई बचाव कार्य नहीं किया जा रहा है। लोग कटान रोकने की शिकायत अधिकारियों से कर चुके हैं। मगर अभी तक कोई मौके तक नहीं पहुंचा है। सनावा गांव के पास नदी का पानी मक्का के खेत में कटान कर रहा है।
यहां पर दो दिन में कई बीघा जमीन नदी काट चुकी है। इन सभी गांव में जलस्तर स्थिर होने के बाद तेज हुई कटान को रोकने के लिए कोई अधिकारी मौके पर नहीे पहुंचे हैं। इस बाबत एडीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि नदी का पानी स्थिर हो गया है। कटान रोकने के आदेश बाढ़ खंड को दिए गए हैं।