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तराई में कहर बरपा रही सरयू, पलायन तेज
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कोटवधाम/सूरतगंज (बाराबंकी)। सरयू में नेपाल का पानी तराई में कहर बरपा रहा है। मंगलवार को नेपाल की ओर से साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ने से तराई के हालात और बिगड़ेंगे इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। नदी का पानी अभी भी खतरे के निशान से 28 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। नदी का पानी लोगों के घरों तक पहुंच जाने से इन गांवों से पलायन तेज हो गया है। वहीं संपर्क मार्गों पर पानी भर जाने से लोगों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है जिससे लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही है लेकिन प्रशासनिक अमला इन सबसे पूरी तरह से बेखबर है।
एल्गिन ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के अनुसार, नदी का पानी खतरे के निशान से अभी 28 सेंमी ऊपर बह रहा है लेकिन मंगलवार को नेपाल द्वारा साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी और छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ेगा और तराई के हालात और बिगड़ेंगे इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।
सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के टेपरा, सनावा, बघौलीपुरवा, सरायसुर्जन, गोबरहा, तेलवारी, माझा बेहटा, बाबूरी, घुटरू, भयकपुरवा, कहरानपुरवा सहित चार दर्जन से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। नदी का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है और इनके खेत पानी से पूरी तरह लबालब हैं। जिधर नजर उठाकर देखो पानी ही पानी नजर आ रहा है।
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यहीं नहीं संपर्क मार्गों पर पानी भर जाने के कारण लोगों का आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। इससे इनकी दिक्कतें और ज्यादा बढ़ गई हैं। बाढ़ पीड़ित अपने-अपने परिवारीजन के साथ अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर शरण लिए हुए हैं। बाढ़ पीड़ितों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से हम लोगों को किसी प्रकार की कोई मदद अभी तक नहीं मिली है। प्रशासनिक अमला भी इसे गंभीरता से नहीं ले रहा जिससे हम लोगों की दिक्कतें बढ़ती ही जा रही हैं।
संक्रामक रोगों के फैलने का बढ़ा खतरा
बाढ़ प्रभावित गोबरहा और इटहुआ में पानी भरा होने से संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। इन गांवों के ज्यादातर लोग खांसी, जुकाम व बुखार जैसी बीमारी से पीड़ित हैं। जिन्हें दवा तक नहीं मिल पा रही है। जिससे लोग झोलाछाप से इलाज कराने को मजबूर हैं। इसके अलावा बाढ़ से फसलें चौपट हो रही हैं, चारों ओर पानी होने से मवेशियों के लिए चारे का इंतजाम नहीं हो पा रहा है।
वहीं गोबरहा, तेलवारी, टेपरा, नव्वनपुरवा आदि गांव के संपर्क मार्ग नदी के बहाव में पूरी तरह से कट चुके हैं। अब लोगों को आने जाने में दिक्कतें हो रही हैं। बांध पर अस्थाई आशियाना बनाकर रह रहे लोगों को जरूरी सामान लेने के लिए घर जाना पड़ता है तो उनको नाव का सहारा लेकर या फिर पैदल ही जाना पड़ रहा है।
विधायक ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का लिया जायजा
सूरतगंज। रामनगर विधायक शरद कुमार अवस्थी ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र हेतमापुर का जायजा लिया। सरयू नदी से करीब सूरतगंज क्षेत्र में दो दर्जन गांव पानी से भरे हुए हैं। मोटरबोट से गांव पहुंचे विधायक ने तहसील प्रशासन के अधिकारियों से बाढ़ की विभीषिका झेल रहे लोगों को हरसंभव मदद दिये जाने के लिए निर्देशित किया है।
इस दौरान विधायक रामनगर ने ब्लॉक प्रमुख संजय तिवारी के साथ हेतमापुर तटबंध पहुंचे। यहां मोटरवोट से सवार होकर हेतमापुर, जमका, फाजिलपुर आदि गांव घूमकर बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। उसके बाद तहसीलदार सुरेंद्र कुमार को निर्देशित किया कि बाढ़ पीड़ितों को हरसंभव मदद उपलब्ध करवाएं।
नदी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मंगलवार को तहसीलदार के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया गया। इस दौरान तटबंध पर रह रहे लोगों से बातचीत कर उनका हाल जाना गया और बाढ़ पीड़ितों को यथासंभव मदद पहुंचाने के निर्देश राजस्व कर्मियों को दिए गए हैं।
-सुरेन्द्र पाल, विश्वकर्मा, एसडीएम सिरौलीगौसपुर
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एल्गिन ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के अनुसार, नदी का पानी खतरे के निशान से अभी 28 सेंमी ऊपर बह रहा है लेकिन मंगलवार को नेपाल द्वारा साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी और छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ेगा और तराई के हालात और बिगड़ेंगे इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के टेपरा, सनावा, बघौलीपुरवा, सरायसुर्जन, गोबरहा, तेलवारी, माझा बेहटा, बाबूरी, घुटरू, भयकपुरवा, कहरानपुरवा सहित चार दर्जन से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। नदी का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है और इनके खेत पानी से पूरी तरह लबालब हैं। जिधर नजर उठाकर देखो पानी ही पानी नजर आ रहा है।
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यहीं नहीं संपर्क मार्गों पर पानी भर जाने के कारण लोगों का आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। इससे इनकी दिक्कतें और ज्यादा बढ़ गई हैं। बाढ़ पीड़ित अपने-अपने परिवारीजन के साथ अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर शरण लिए हुए हैं। बाढ़ पीड़ितों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से हम लोगों को किसी प्रकार की कोई मदद अभी तक नहीं मिली है। प्रशासनिक अमला भी इसे गंभीरता से नहीं ले रहा जिससे हम लोगों की दिक्कतें बढ़ती ही जा रही हैं।
संक्रामक रोगों के फैलने का बढ़ा खतरा
बाढ़ प्रभावित गोबरहा और इटहुआ में पानी भरा होने से संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। इन गांवों के ज्यादातर लोग खांसी, जुकाम व बुखार जैसी बीमारी से पीड़ित हैं। जिन्हें दवा तक नहीं मिल पा रही है। जिससे लोग झोलाछाप से इलाज कराने को मजबूर हैं। इसके अलावा बाढ़ से फसलें चौपट हो रही हैं, चारों ओर पानी होने से मवेशियों के लिए चारे का इंतजाम नहीं हो पा रहा है।
वहीं गोबरहा, तेलवारी, टेपरा, नव्वनपुरवा आदि गांव के संपर्क मार्ग नदी के बहाव में पूरी तरह से कट चुके हैं। अब लोगों को आने जाने में दिक्कतें हो रही हैं। बांध पर अस्थाई आशियाना बनाकर रह रहे लोगों को जरूरी सामान लेने के लिए घर जाना पड़ता है तो उनको नाव का सहारा लेकर या फिर पैदल ही जाना पड़ रहा है।
विधायक ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का लिया जायजा
सूरतगंज। रामनगर विधायक शरद कुमार अवस्थी ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र हेतमापुर का जायजा लिया। सरयू नदी से करीब सूरतगंज क्षेत्र में दो दर्जन गांव पानी से भरे हुए हैं। मोटरबोट से गांव पहुंचे विधायक ने तहसील प्रशासन के अधिकारियों से बाढ़ की विभीषिका झेल रहे लोगों को हरसंभव मदद दिये जाने के लिए निर्देशित किया है।
इस दौरान विधायक रामनगर ने ब्लॉक प्रमुख संजय तिवारी के साथ हेतमापुर तटबंध पहुंचे। यहां मोटरवोट से सवार होकर हेतमापुर, जमका, फाजिलपुर आदि गांव घूमकर बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। उसके बाद तहसीलदार सुरेंद्र कुमार को निर्देशित किया कि बाढ़ पीड़ितों को हरसंभव मदद उपलब्ध करवाएं।
नदी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मंगलवार को तहसीलदार के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया गया। इस दौरान तटबंध पर रह रहे लोगों से बातचीत कर उनका हाल जाना गया और बाढ़ पीड़ितों को यथासंभव मदद पहुंचाने के निर्देश राजस्व कर्मियों को दिए गए हैं।
-सुरेन्द्र पाल, विश्वकर्मा, एसडीएम सिरौलीगौसपुर