{"_id":"612939a48ebc3ea75b22433d","slug":"saryu-river-barabanki-news-lko5930443111","type":"story","status":"publish","title_hn":"खतरे के निशान से 16 सेमी ऊपर बह रहा नदी का पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खतरे के निशान से 16 सेमी ऊपर बह रहा नदी का पानी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टिकैतनगर (बाराबंकी)। सरयू नदी का पानी भले ही स्थिर हो गया हो लेकिन नदी अभी भी खतरे के निशान से 16 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जिससे तराई के लोगों की दिक्कतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। लेकिन प्रशासन द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे लोग खासे परेशान हैं। सूरतगंज क्षेत्र को छोड़ दिया जाए तो सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों को अभी तक मदद के नाम पर कुछ भी नहीं मिला है।
एल्गिन ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के अनुसार, सरयू नदी का पानी स्थिर जरूर हुआ है लेकिन खतरे के निशान से 16 सेंटीमीटर ऊपर अभी भी बह रहा है। नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर ने तराई के लोगों की दिक्कतों को और बढ़ा दिया है। नदी का पानी करीब एक दर्जन गांवों सनावा, टेपरा, कहारनपुरवा, सिरौलीगुगं, कोठी, डीहा आदि के किनारे पहुंच जाने से यहां के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यहां के लोगों को आरोप है कि प्रशासन की ओर से हम लोगों को अभी तक मदद के नाम पर कुछ भी नहीं मिला है। इस बाबत एसडीएम सिरौलीगौसपुर सुरेन्द्र पाल विश्वकर्मा का कहना है कि नदी का पानी अभी गांवों तक नहीं पहुंचा है और जिन स्थानों पर कटान हो रही थी बाढ़ खंड द्वारा उन स्थानों पर कटान रोक ली गई है। बाढ़ पीड़ितों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इस बात का बराबर ध्यान रखा जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एल्गिन ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के अनुसार, सरयू नदी का पानी स्थिर जरूर हुआ है लेकिन खतरे के निशान से 16 सेंटीमीटर ऊपर अभी भी बह रहा है। नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर ने तराई के लोगों की दिक्कतों को और बढ़ा दिया है। नदी का पानी करीब एक दर्जन गांवों सनावा, टेपरा, कहारनपुरवा, सिरौलीगुगं, कोठी, डीहा आदि के किनारे पहुंच जाने से यहां के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
यहां के लोगों को आरोप है कि प्रशासन की ओर से हम लोगों को अभी तक मदद के नाम पर कुछ भी नहीं मिला है। इस बाबत एसडीएम सिरौलीगौसपुर सुरेन्द्र पाल विश्वकर्मा का कहना है कि नदी का पानी अभी गांवों तक नहीं पहुंचा है और जिन स्थानों पर कटान हो रही थी बाढ़ खंड द्वारा उन स्थानों पर कटान रोक ली गई है। बाढ़ पीड़ितों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इस बात का बराबर ध्यान रखा जा रहा है।
विज्ञापन