{"_id":"6125448f8ebc3e79d862e991","slug":"saryu-river-barabanki-news-lko5925928197","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरयू नदी का जलस्तर घटा, कटान का खतरा बढ़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरयू नदी का जलस्तर घटा, कटान का खतरा बढ़ा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टिकैतनगर (बाराबंकी)। सरयू नदी का जलस्तर भले ही घटने लगा हो परंतु नदी का पानी अभी भी खतरे के निशान से नौ सेमी. ऊपर बह रहा है। नदी का जलस्तर कम होने के साथ ही तीन गांवों पर कटान का खतरा फिर से मंडराने लगा है। जिससे गांव की करीब पांच हजार आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन प्रशासन द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिए जाने से तटबंध पर रह रहे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
एल्गिन ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के अनुसार नदी का पानी एक सेमी. प्रति घंटे की रफ्तार से कम हो रहा है। पर पानी अभी भी खतरे के निशान से नौ सेमी. ऊपर बह रहा है। नदी का जलस्तर कम होने के साथ ही तीन गांवों गोबरहा, तेलवारी, बसंतपुर आदि के पास कटान का खतरा बढ़ने लगा है। जिससे इन गांवों की पांच हजार की आबादी में दहशत का माहौल है।
यहां के लोग सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन में जुट गए हैं। यहां के रविनंदन, भोले के मकान व अजय, ज्वाला, अशोक, लवकुश के खेत लगातार सरयू नदी में समाते चले जा रहे हैं। इसके अलावा बसंतपुर, गौरी पुरवा, सेमरी, अतरसुइया के सामने नदी की कटान ने एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है।
विज्ञापन
बसंतपुर के किनारे बह रही सरयू नदी धीरे-धीरे कटान करती हुई मंगलवार को दो मीटर की दूरी पर आ गई है। कटान अभी भी जारी है, जिससे इन गांवों के निवासी खौफजदा हैं। बसंतपुर निवासी विनोद, फूलचंद का मकान कटान की कगार पर है। सूचना पर पहुंचे लेखपाल ने उच्चाधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया है। लेकिन कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है।
एसडीएम सिरौलीगौसपुर सुरेन्द्र पाल विश्वकर्मा ने बताया कि सरयू नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है, कटान वाले क्षेत्रों पर बराबर नजर रखी जा रही है। इसको लेकर बाढ़ खंड के अधिकारियों को पूरी तरह से सतर्क रहने के लिए कह दिया गया है।
विज्ञापन
एल्गिन ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के अनुसार नदी का पानी एक सेमी. प्रति घंटे की रफ्तार से कम हो रहा है। पर पानी अभी भी खतरे के निशान से नौ सेमी. ऊपर बह रहा है। नदी का जलस्तर कम होने के साथ ही तीन गांवों गोबरहा, तेलवारी, बसंतपुर आदि के पास कटान का खतरा बढ़ने लगा है। जिससे इन गांवों की पांच हजार की आबादी में दहशत का माहौल है।
विज्ञापन
यहां के लोग सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन में जुट गए हैं। यहां के रविनंदन, भोले के मकान व अजय, ज्वाला, अशोक, लवकुश के खेत लगातार सरयू नदी में समाते चले जा रहे हैं। इसके अलावा बसंतपुर, गौरी पुरवा, सेमरी, अतरसुइया के सामने नदी की कटान ने एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है।
विज्ञापन
बसंतपुर के किनारे बह रही सरयू नदी धीरे-धीरे कटान करती हुई मंगलवार को दो मीटर की दूरी पर आ गई है। कटान अभी भी जारी है, जिससे इन गांवों के निवासी खौफजदा हैं। बसंतपुर निवासी विनोद, फूलचंद का मकान कटान की कगार पर है। सूचना पर पहुंचे लेखपाल ने उच्चाधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया है। लेकिन कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है।
एसडीएम सिरौलीगौसपुर सुरेन्द्र पाल विश्वकर्मा ने बताया कि सरयू नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है, कटान वाले क्षेत्रों पर बराबर नजर रखी जा रही है। इसको लेकर बाढ़ खंड के अधिकारियों को पूरी तरह से सतर्क रहने के लिए कह दिया गया है।