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नेपाल ने सरयू में छोड़ा 6 लाख क्यूसेक पानी, तराई में अलर्ट
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बाराबंकी। नेपाल द्वारा सरयू नदी में एक साथ छह लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से तराई में हड़कंप मच गया है। मंगलवार को इसका असर दिखाई देने लगा और नदी का पानी पांच सेमी. प्रति घंटे के रफ्तार से बढ़ने लगा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।
साथ ही तीनों तहसीलों रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट के एसडीएम को गांवों में जाकर हालात का जायजा लेने और प्रभावित होने वाले गांवों को खाली कराने को कहा है। वहीं एसडीएम ने गांवों पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और लोगों से गांव खाली करने की अपील करते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए नावें लगा दीं हैं।
नेपाल के पानी से तराई के हालात बिगड़ेंगे इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। लेकिन इससे पहले ही प्रशासन सतर्क हो गया है। छह लाख क्यूसेक पानी सरयू में छोड़े जाने की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट के एसडीएम को अलर्ट कर दिया है। इसके साथ ही गांवों में जाकर लोगों से गांव खाली कराने को कहा गया है।
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प्रशासन से मिले निर्देशों के बाद एसडीएम राजीव शुक्ला और एसडीएम सुरेंद्र पाल विश्वकर्मा ने तराई के गांवों में पहुंचकर लोगों से गांव खाली करने की अपील करते हुए कहा कि नावें लगा दी गईं हैं। इससे पहले नदी का पानी बढ़े, आप लोग गांव खाली कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
इस बाबत एडीएम संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि नेपाल द्वारा सरयू नदी में पानी छोड़े जाने की जानकारी मिलने के बाद तीनों तहसीलों के एसडीएम को पूरी तरह से अलर्ट कर दिया गया है। बाढ़ में लगी राजस्व टीम को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। नदी के जलस्तर पर बराबर नजर रखी जा रही है। प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
अब बाढ़ आई तो सब हो जाएगा बर्बाद
कोटवाधाम। टेपरा निवासी गुरुप्रसाद का कहना है कि यदि अब बाढ़ आई तो सबकुछ बर्बाद हो जाएगा। गांव का जायजा ले रहे एसडीएम के पास पहुंचे लोगों ने अपना दर्द सुनाया। कल्लू ने कहा कि साहब वैसे हम लोग पूरी बरसात बांध पर ही रहे हैं। कुछ दिन पहले ही घर आये हैं। अब हम लोगों को फिर अपने परिवार के साथ बांध पर जाने को कहा गया है। क्या हम लोगों की जिंदगी बांध पर ही गुजरेगी। जिस पर एसडीएम ने कहा कि परेशान होने की जरूरत नहीं है, प्रशासन आप लोगों के साथ है।
जलस्तर पर रखी जा रही पूरी नजर
गनेशपुर। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने की सूचना मिलते ही एसडीएम राजीव शुक्ला कोरियनपुरवा और मल्लाहनपुरवा गांव पहुंच गए और हालात का जायजा लिया। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि नदी का पानी बढ़ रहा है। लेकिन परेशान होने की जरूरत नहीं है। तहसील प्रशासन जलस्तर पर पूरी तरह से नजर रखे हुए है। गांव के लोगों ने कहा कि साहब बारिश ने वैसे ही बर्बाद कर दिया है और यदि बाढ़ आई तो हम लोग कहीं के नहीं रह जाएंगे।
बांध के लिए रेनकट बन सकते हैं खतरा
कोटवाधाम। अलीनगर रानीमऊ तटबंध में जगह-जगह रेनकट हो गए हैं। बंधे पर बसे लोगों का कहना है कि यदि नदी का पानी बढ़ा तो ये रेनकट बांध के लिए खतरा बना सकते हैं। इसके लिए कई बार अधिकारियों से कहा गया लेकिन अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। लोगों का कहना है कि पहली बार नदी में नेपाल की ओर से इतना पानी छोड़ा गया है। ऐसे में ये पानी तराई के गांवों तक पहुंचेगा, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।
शारदा बैराज बनबसा से छह लाख क्यूसेक पानी सरयू नदी में छोड़े जाने से एल्गिन ब्रिज पर पानी खतरे के निशान से ऊपर जाने की संभावना है। तराई क्षेत्र के ग्रामवासियों को अलर्ट किया जाता है। बाढ़ के समय संचालित बाढ़ चौकियों, पुलिस चौकियों और कंट्रोल रूम को तत्काल प्रभाव से पुन: संचालित कर दिया है। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वह अपने-अपने क्षेत्र में बाढ़ चौकियों पर तैनात रहते हुए ग्राम वासियों केे ऊंचे स्थानों पर पहुंचवाएं। जनसामान्य नियंत्रण कक्ष में स्थापित दूरभाष नंबर 05248- 226017, 229050, 1077 18001804133 पर अपनी समस्या नोट करा सकते हैं। यह नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेगा।
-डॉ. आदर्श सिंह, जिलाधिकारी
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साथ ही तीनों तहसीलों रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट के एसडीएम को गांवों में जाकर हालात का जायजा लेने और प्रभावित होने वाले गांवों को खाली कराने को कहा है। वहीं एसडीएम ने गांवों पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और लोगों से गांव खाली करने की अपील करते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए नावें लगा दीं हैं।
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नेपाल के पानी से तराई के हालात बिगड़ेंगे इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। लेकिन इससे पहले ही प्रशासन सतर्क हो गया है। छह लाख क्यूसेक पानी सरयू में छोड़े जाने की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट के एसडीएम को अलर्ट कर दिया है। इसके साथ ही गांवों में जाकर लोगों से गांव खाली कराने को कहा गया है।
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प्रशासन से मिले निर्देशों के बाद एसडीएम राजीव शुक्ला और एसडीएम सुरेंद्र पाल विश्वकर्मा ने तराई के गांवों में पहुंचकर लोगों से गांव खाली करने की अपील करते हुए कहा कि नावें लगा दी गईं हैं। इससे पहले नदी का पानी बढ़े, आप लोग गांव खाली कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
इस बाबत एडीएम संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि नेपाल द्वारा सरयू नदी में पानी छोड़े जाने की जानकारी मिलने के बाद तीनों तहसीलों के एसडीएम को पूरी तरह से अलर्ट कर दिया गया है। बाढ़ में लगी राजस्व टीम को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। नदी के जलस्तर पर बराबर नजर रखी जा रही है। प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
अब बाढ़ आई तो सब हो जाएगा बर्बाद
कोटवाधाम। टेपरा निवासी गुरुप्रसाद का कहना है कि यदि अब बाढ़ आई तो सबकुछ बर्बाद हो जाएगा। गांव का जायजा ले रहे एसडीएम के पास पहुंचे लोगों ने अपना दर्द सुनाया। कल्लू ने कहा कि साहब वैसे हम लोग पूरी बरसात बांध पर ही रहे हैं। कुछ दिन पहले ही घर आये हैं। अब हम लोगों को फिर अपने परिवार के साथ बांध पर जाने को कहा गया है। क्या हम लोगों की जिंदगी बांध पर ही गुजरेगी। जिस पर एसडीएम ने कहा कि परेशान होने की जरूरत नहीं है, प्रशासन आप लोगों के साथ है।
जलस्तर पर रखी जा रही पूरी नजर
गनेशपुर। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने की सूचना मिलते ही एसडीएम राजीव शुक्ला कोरियनपुरवा और मल्लाहनपुरवा गांव पहुंच गए और हालात का जायजा लिया। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि नदी का पानी बढ़ रहा है। लेकिन परेशान होने की जरूरत नहीं है। तहसील प्रशासन जलस्तर पर पूरी तरह से नजर रखे हुए है। गांव के लोगों ने कहा कि साहब बारिश ने वैसे ही बर्बाद कर दिया है और यदि बाढ़ आई तो हम लोग कहीं के नहीं रह जाएंगे।
बांध के लिए रेनकट बन सकते हैं खतरा
कोटवाधाम। अलीनगर रानीमऊ तटबंध में जगह-जगह रेनकट हो गए हैं। बंधे पर बसे लोगों का कहना है कि यदि नदी का पानी बढ़ा तो ये रेनकट बांध के लिए खतरा बना सकते हैं। इसके लिए कई बार अधिकारियों से कहा गया लेकिन अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। लोगों का कहना है कि पहली बार नदी में नेपाल की ओर से इतना पानी छोड़ा गया है। ऐसे में ये पानी तराई के गांवों तक पहुंचेगा, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।
शारदा बैराज बनबसा से छह लाख क्यूसेक पानी सरयू नदी में छोड़े जाने से एल्गिन ब्रिज पर पानी खतरे के निशान से ऊपर जाने की संभावना है। तराई क्षेत्र के ग्रामवासियों को अलर्ट किया जाता है। बाढ़ के समय संचालित बाढ़ चौकियों, पुलिस चौकियों और कंट्रोल रूम को तत्काल प्रभाव से पुन: संचालित कर दिया है। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वह अपने-अपने क्षेत्र में बाढ़ चौकियों पर तैनात रहते हुए ग्राम वासियों केे ऊंचे स्थानों पर पहुंचवाएं। जनसामान्य नियंत्रण कक्ष में स्थापित दूरभाष नंबर 05248- 226017, 229050, 1077 18001804133 पर अपनी समस्या नोट करा सकते हैं। यह नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेगा।
-डॉ. आदर्श सिंह, जिलाधिकारी