{"_id":"64a5c1b49c20296f3a07c215","slug":"saryu-23-cm-away-from-the-warning-point-cutting-edge-barabanki-news-c-13-1-321056-2023-07-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: चेतावनी बिंदु से 23 सेमी दूर सरयू, कटान तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: चेतावनी बिंदु से 23 सेमी दूर सरयू, कटान तेज
Thu, 06 Jul 2023 12:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 06 Jul 2023 12:47 AM IST
विज्ञापन
- तेलवारी में चार मीटर तक कटान, लोगों को गांव छोड़ने का नोटिस
- 10 मकान नदी के निशाने पर और एक घर की दीवारें छू रहीं लहरें
संवाद न्यूज एजेंसी
बाराबंकी/ कोटवाधाम (बाराबंकी)। बरसात के बीच सरयू नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। बुधवार को सुबह आठ बजे से शाम तीन बजे तक नदी का जलस्तर 30 मिमी बढ़ा और नदी चेतावनी वाले जलस्तर से अभी 23 सेमी दूर ही है।
सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के तेलवारी व इटहुआ पूर्व गांव समेत कई जगहों पर नदी बड़ी तेजी से कटान कर रही है। हर साल रामनगर, सिरौलीगौसपुर व रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के 100 से 150 गांवों में सरयू नदी की बाढ़ से घर ही नहीं फसलें तक डूब जाती हैं। प्रशासनिक तौर पर नदी का जलस्तर जब 105.070 मीटर पर पहुंचता है तो चेतावनी जारी हो जाती है। जबकि खतरे का निशान 106.070 पर है। शनिवार को सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 104.806 मीटर था जो शाम तीन बजे 104.836 मीटर पर पहुंच गया।
उधर, नदी के किनारे बसे तेलवारी व इटहुआ पूर्व गांव में तेजी कटान हो रही है। तेलवारी में करीब चार मीटर जमीन नदी में समा गई है। अब 10 मकान नदी के निशाने पर है। एक मकान तो बिल्कुल कटने की कगार पर है। प्रशासन ने तेलवारी गांव के लोगों को गांव से हटने की नोटिस जारी कर दी है। लोग मकान के ईंट और समान निकाल कर बाहर करने में जुटे है। इन जगहों पर कटान रोकने के लिए लगाए गए जिओ बैग व सीमेंट की बल्ली नदी में समा गई है।
विज्ञापन
फोटो- 22
परिवार लइकै कहां जाई...
तेलवारी गांव की रहने वाली रमावती कहती है की- हमका गांव छोड़य कै कागज तौ मिला हय मुला हम परिवार लइकै कहां जाई। सरजू मैया रहम कर देती तो अच्छा रहतै।
...............................
फोटो- 23
हर साल गांव छोड़ने की परंपरा इटहुआपुर गांव निवासी राम कुमार कहते हैं कि बाढ़ को लेकर करोड़ों के कार्य तो होते है मगर कोई विशेष फायदा नहीं मिलता। हर साल गांव छोड़ना परंपरा बन गई है।
..........................
गांव में ही मिलेगा गर्म भोजन, चिंहित हो रही गर्भवती
बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए डीएम अविनाश कुमार ने तहसील प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। बाढ़ प्रभावित गांवों की मैपिंग करा ली गई है। डीएम ने बताया कि इस बार बाढ़ से पीड़ित होने वाले लोगों को उन्ही के गांव में पका पकाया गर्म भोजन मिलेगा। कई स्थान भोजन बनाने को चिंहित हुए हैं। पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की जा रही है। पशुपालन विभाग पशुओं की सूची बना रहा है। बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य टीमें सक्रिय कर गर्भवती महिलाओं को चिंहित कर प्रसव के लिए उनकी निगरानी की जा रही है। तहसील प्रशासन को नाव की व्यवस्था करने व चौकियां स्थापित करने को लेकर सजग कर दिया गया है।
............................
फोटो- 24
धंस गई सड़क तो बन गया गड्ढा
रामनगर (बाराबंकी)। नेशनल हाईवे बांदा बहराइच मार्ग से दुर्गापुर गांव जाने वाली सड़क के किनारे पटरी की मिट्टी धंस जाने के कारण बड़ा गड्ढा हो गया है। यह सड़क से दुर्गापुर, तिवारी पुरवा, नया पुरवा, पदमपुरवा, होते हुए तपेसिपाह तक जाती है। इसी रास्ते से बाढ़ प्रभावित गांवों में अफसर भी जाते हैं। यदि यह मार्ग कट गया तो बड़ी दिक्कत सामने होगी।
विज्ञापन
- 10 मकान नदी के निशाने पर और एक घर की दीवारें छू रहीं लहरें
संवाद न्यूज एजेंसी
बाराबंकी/ कोटवाधाम (बाराबंकी)। बरसात के बीच सरयू नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। बुधवार को सुबह आठ बजे से शाम तीन बजे तक नदी का जलस्तर 30 मिमी बढ़ा और नदी चेतावनी वाले जलस्तर से अभी 23 सेमी दूर ही है।
सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के तेलवारी व इटहुआ पूर्व गांव समेत कई जगहों पर नदी बड़ी तेजी से कटान कर रही है। हर साल रामनगर, सिरौलीगौसपुर व रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के 100 से 150 गांवों में सरयू नदी की बाढ़ से घर ही नहीं फसलें तक डूब जाती हैं। प्रशासनिक तौर पर नदी का जलस्तर जब 105.070 मीटर पर पहुंचता है तो चेतावनी जारी हो जाती है। जबकि खतरे का निशान 106.070 पर है। शनिवार को सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 104.806 मीटर था जो शाम तीन बजे 104.836 मीटर पर पहुंच गया।
विज्ञापन
उधर, नदी के किनारे बसे तेलवारी व इटहुआ पूर्व गांव में तेजी कटान हो रही है। तेलवारी में करीब चार मीटर जमीन नदी में समा गई है। अब 10 मकान नदी के निशाने पर है। एक मकान तो बिल्कुल कटने की कगार पर है। प्रशासन ने तेलवारी गांव के लोगों को गांव से हटने की नोटिस जारी कर दी है। लोग मकान के ईंट और समान निकाल कर बाहर करने में जुटे है। इन जगहों पर कटान रोकने के लिए लगाए गए जिओ बैग व सीमेंट की बल्ली नदी में समा गई है।
विज्ञापन
फोटो- 22
परिवार लइकै कहां जाई...
तेलवारी गांव की रहने वाली रमावती कहती है की- हमका गांव छोड़य कै कागज तौ मिला हय मुला हम परिवार लइकै कहां जाई। सरजू मैया रहम कर देती तो अच्छा रहतै।
...............................
फोटो- 23
हर साल गांव छोड़ने की परंपरा इटहुआपुर गांव निवासी राम कुमार कहते हैं कि बाढ़ को लेकर करोड़ों के कार्य तो होते है मगर कोई विशेष फायदा नहीं मिलता। हर साल गांव छोड़ना परंपरा बन गई है।
..........................
गांव में ही मिलेगा गर्म भोजन, चिंहित हो रही गर्भवती
बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए डीएम अविनाश कुमार ने तहसील प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। बाढ़ प्रभावित गांवों की मैपिंग करा ली गई है। डीएम ने बताया कि इस बार बाढ़ से पीड़ित होने वाले लोगों को उन्ही के गांव में पका पकाया गर्म भोजन मिलेगा। कई स्थान भोजन बनाने को चिंहित हुए हैं। पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की जा रही है। पशुपालन विभाग पशुओं की सूची बना रहा है। बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य टीमें सक्रिय कर गर्भवती महिलाओं को चिंहित कर प्रसव के लिए उनकी निगरानी की जा रही है। तहसील प्रशासन को नाव की व्यवस्था करने व चौकियां स्थापित करने को लेकर सजग कर दिया गया है।
............................
फोटो- 24
धंस गई सड़क तो बन गया गड्ढा
रामनगर (बाराबंकी)। नेशनल हाईवे बांदा बहराइच मार्ग से दुर्गापुर गांव जाने वाली सड़क के किनारे पटरी की मिट्टी धंस जाने के कारण बड़ा गड्ढा हो गया है। यह सड़क से दुर्गापुर, तिवारी पुरवा, नया पुरवा, पदमपुरवा, होते हुए तपेसिपाह तक जाती है। इसी रास्ते से बाढ़ प्रभावित गांवों में अफसर भी जाते हैं। यदि यह मार्ग कट गया तो बड़ी दिक्कत सामने होगी।