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Barabanki News: घुट रही थी सलोनी, कुरेदने पर बहने लगते थे आंसू

Wed, 07 Aug 2024 05:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Wed, 07 Aug 2024 05:21 AM IST
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Saloni was suffocating, tears started flowing when scratched
बाराबंकी। हिंद मेडिकल कॉलेज में फंदे पर लटक कर जान देने वाली छात्रा सलोनी गहरे मानसिक तनाव में चल रही थी। वह इतना डिप्रेशन में थी कि मरने से कुछ दिन पहले उसने अपना ही सिर पटक कर खुद को घायल कर लिया था। अन्य साथी छात्राएं जब उसका हाल पूछती थी तो वह कुछ बताने की बजाय रो पड़ती थी। वह गुर्दे में पथरी की समस्या से भी परेशान थी।
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मंगलवार को हिंद मेडिकल कॉलेज में बंद कमरे में हुई एंटी रैंगिंग कमेटी की बैठक में साथी छात्राओं के साथ हुई चर्चा के दौरान कुछ ऐसे ही राज सामने आए। बैठक में समिति के सदस्यों ने नर्सिंग, प्रिंसिपल, विभागाध्यक्ष, वार्डन, आरोपी छात्रा, सहपाठी, रूममेट और अन्य छात्राओं के साथ शिक्षकों से भी अलग अलग बातचीत कर मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी लेकर सभी के बयान दर्ज किए।
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हिंद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक मालवीय, शारीरिकी विभाग की मुखिया डॉ. श्वेता सिंह, प्रो. ज्योति श्रीवास्तव, हिंद कॉलेज आफ नर्सिंग की प्राचार्य पी. कोंगेश्वरी, मानसिक रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. हसीब खान और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. भूपेश की मौजूदगी में दोपहर बाद शुरू हुई इस बैठक में उत्पीड़ित करने की आरोपी छात्रा का बयान भी लिया गया। हर बार की तरह उसने कमेटी के समक्ष भी खुद को निर्दोष बताया। कहा कि वह खुद परेशान है। इसके बाद वर्तमान में रूममेट रही छात्रा से सलोनी के स्वभाव और रहन-सहन के बारे में पूछा गया।
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कमेटी सदस्यों ने पूछा कि क्या सलोनी का कोई बॉयफ्रेंड था। इस पर साथी छात्रा ने इंकार में सिर हिलाया। फिर कुछ अन्य छात्राओं से बुलाकर बातचीत की गई। इनमें से दो छात्राओं ने बताया कि तृतीय वर्ष में आने के बाद सलोनी कुछ ज्यादा अपसेट हो गई थी। वह किसी से ज्यादा बातें करना नहीं पसंद करती थी। गुमसुम रहती थी। पूछने पर बताने की बजाय रो पड़ती थी। बैठक के दौरान सब कुछ ठीक-ठाक रहने का दावा करने वाली वार्डन और नर्सिंग स्कूल की प्रिंसिपल के सामने जब यह बातें आई तो कमेटी के लोग भी चौंक पड़े।
छात्राओं ने यह भी बताया कि सलोनी बताती थी कि उसे दो लोग परेशान कर रहे हैं। इसमे एक आरोपी छात्रा है। इस दौरान छात्राओं ने खुलासा किया कि जनवरी में तो सलोनी इतना परेशान थी कि उसने कमरे के अंदर बेड के कोने पर अपना सिर पटक कर खुद को चोट पहुंचाई थी। जबकि अटेंडेंस को लेकर हुई मारपीट में उसके हाथ टूटने की जानकारी पहले ही सामने आ चुकी थी।
हिंद मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग के मुखिया डॉ. हसीब खान ने कहा कि आत्महत्या से पहले पीड़ित संकेत जरूर देता है। उस पर ध्यान देकर पीड़ित को आत्महत्या से बचाया जा सकता है। डॉ. हबीब की बात पर गौर करें तो कॉलेज में छात्रा सलोनी द्वारा सिर पटकना, गुमसुम रहना और रो देना यह तमाम बातें थी जिस पर अगर समय रहते कालेज प्रबंधन ध्यान देता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।

छात्र सलोनी द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले को नेशनल मेडिकल कमीशन ने गंभीरता से लिया है। 24 घंटे के अंदर मेडिकल कॉलेज से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। इसके चलते ही बीते तीन दिन से टल रही बैठक मंगलवार को संपन्न हुई।
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