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Barabanki News: सामाजिक समरसता के प्रतीक थे संत रविदास

Sun, 25 Feb 2024 01:59 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Sun, 25 Feb 2024 01:59 AM IST
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Saint Ravidas was a symbol of social harmony
बाराबंकी। सामाजिक समरसता के प्रतीक संत रविदास की जयंती शनिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर शहर में कानूनगोयान मोहल्ले से गाजे-बाजे के बीच आकर्षक झांकियों के साथ शोभायात्रा निकाली गई। जगह-जगह जुटे रविदास पंथ के अनुयायियों ने शोभायात्रा पर फूल बरसाए और संत के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि संत रविदास सामाजिक समरसता के प्रतीक थे।
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शोभायात्रा में संत रविदास के जीवन पर आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। विभिन्न स्वरूपों में सजे बच्चे संदेश दे रहे थे। बैंडबाजे की धुन व ढोल की थाप पर रविदास पंथ से जुड़े अनुयायी नाचते झूमते आगे बढ़ते रहे। गुुरुद्वारा के पास सिख समुदाय ने शोभायात्रा का स्वागत किया। यहां पर चाय बांटी गई व पुष्प वर्षा की। शोभायात्रा कानून गोयान, पीरबटावन, आजादनगर, पैसार, सिद्धार्थनगर, फतहाबाद नाका सतरिख पहुंची।
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यात्रा मोहल्ला पैसार सिद्धार्थनगर पहुंची और सभा के रूप में परिवर्तित हो गई। यहां पर वक्ताओं ने उनकी शिक्षाओं को समाज के लिए चिरकाल तक प्रासंगिक बताया। मनोज कुरील ने कहा कि संत रविदास का जीवन चरित्र हमारे लिए प्रेरणादायक है। संत शिरोमणि रविदास ने भक्ति में समर्पित होने के साथ ही अपने सामाजिक और पारिवारिक कर्तव्यों का भी बखूबी निर्वहन किया।
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संत शिरोमणि रविदास को अर्पित किए श्रद्धासुमन
मसौली चौराहे पर संत शिरोमणि रविदास को श्रद्धासुमन अर्पित कर पूजा-अर्चना की गई। रामफल गौतम की अध्यक्षता में भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें कई गांवों के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर अध्यक्ष प्रमोद कुमार, बौद्ध महामंत्री लल्लन सिंह आदि मौजूद रहे। उधर, निंदूरा क्षेत्र के करूआ गांव स्थित देवरा में संत रविदास के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए जिला पंचायत सदस्य पूनम कनौजिया ने कहा कि उनके बताए हुए मार्ग पर चलना चाहिए। अधिवक्ता राम लखन शुक्ला ने कहा कि देश की महान संस्कृति को जिंदा रखने में संतों का बड़ा योगदान है।
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