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Barabanki News: एक दशक से रुपये पाने के लिए भटक रहे सहारा के निवेशक

Fri, 21 Jul 2023 01:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Fri, 21 Jul 2023 01:22 AM IST
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Sahara investors wandering for a decade to get money
बाराबंकी। सहारा के निवेशकों में जिले के कई ऐसे लोग सामने आए हैं, जिनकी मोटी रकम वर्षों से फंसी हुई है। इनमें टिकैतनगर के भिटरिया के रामफेर के करीब सवा तीन लाख रुपये सहारा में फंसे हुए हैं। इसी तरह पूरेडलई के खेता सराय के विजय कुमार का पौने चार लाख रुपये, जैदपुर के लोधपुरवा के मंशाराम का चार लाख रुपये, मसौली के नहामऊ मोड़ चौराहे के विनोद कुमार का 50 लाख रुपये से अधिक बकाया है।
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सहारा की अलग-अलग योजनाओं में अधिक ब्याज की लालसा में निवेश करने वाले निवेशक पिछले एक दशक से रुपये पाने के लिए भटक रहे हैं। कई बार बांड रिनीवल कराने के बाद भी कंपनी ने रुपये वापस करने की जहमत नहीं उठाई। ऐसे में निवेशक पहले सहारा के दफ्तर के चक्कर काटते रहे, फिर घंटों लाइन में लगकर कलेक्ट्रेट में दस्तावेज जमा किए। पोर्टल शुरू होने के बाद भी रकम वापसी की राह आसान नहीं है। इसके पीछे वजह यह है कि पहले चरण में सिर्फ 10 हजार रुपये तक की वापसी की जाएगी। ऐसे में बड़े निवेशकों की रकम कब तक वापस होगी, इसकी स्थिति अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। उधर, दलाल जरूरतमंद लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर औनी-पौनी कीमतों पर बांड खरीद रहे हैं।
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निवेशकों की मृत्यु के बाद भी नहीं हुआ भुगतान
कई निवेशक तो ऐसे भी हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। उनके परिजनों ने मृत्युु प्रमाणपत्र के साथ आवेदन भी किया, लेकिन इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। परिजनों को बांड का रिनीवल कराने के लिए उनसे मनमाना शपथ पत्र भी लिया जा रहा है, लेकिन भुगतान कब होगा, इसकी जानकारी सहारा का कोई अधिकारी कर्मचारी देने को तैयार नहीं है।
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क्या कहते हैं पीड़ित
सहारा में करीब 15 वर्ष पहले निवेश किया था। कंपनी के कहने पर बांड का रिनीवल भी कराया, लेकिन आज तक भुगतान नहीं हो पाया है। सहारा दफ्तर से लेकर डीएम कार्यालय तक प्रार्थना पत्र भी दिए।

- संजय कुमार, हुज्जाजी पूर्वी देवा



स्वयं के साथ पत्नी रेखा देवी के नाम पर बांड लिए थे। दो बार रिनीवल भी करा चुके हैं, लेकिन रुपये नहीं वापस हो पाए हैं। निवेश कराने वाले एजेंट से लेकर दफ्तर के कर्मचारियों ने कोई सहयोग नहीं किया।
- विजय बहादुर, सोहिलपुर नवाबगंज
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