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चारों तरफ बिखरी थीं लाशें, मची थी चीख-पुकार
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माती (बाराबंकी)। बस हादसे के बाद जो नजारा था उसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। हाल यह था कि चारों तरफ बस यात्रियों की लाशें फैली थीं तो शरीर के अंग इधर-उधर पड़ेे थे। जख्मी यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर हर कोई परेशान हो उठा। हालांकि हादसे के बाद ग्रामीणों ने जहां पुलिस के साथ मिलकर पीड़ितों की मदद की वहीं यात्रियों के सामान की भी हिफाजत की।
बस हादसे के बाद देवा के बबुुरीगांव के ग्रामीणों ने बताया कि बस पूरी तरह फुल थी। जैसे टक्कर हुई ट्रक चालक भाग गया। जब बस के अंदर पीछे बैठे यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया तो उनके द्वारा आपबीती बताई गई। सुरक्षित बचे यात्री विजय कुमार और मस्तराम ने बताया कि जब हादसा हुआ उस समय हम लोग सो रहे थे। कैसे क्या हुआ कुछ पता ही नहीं चला।
चीख-पुकार की आवाज आने पर किसी तरह ग्रामीणों ने हमें बाहर निकाला। मौके पर जब पुलिस ने एक क्रेन व दो जीसीबी मशीन की सहायता से बस को गैस कटर से काटकर मुसाफिरों को बाहर निकाला तो उसमें किसी का सिर ही नहीं तो किसी का आधा शरीर गायब था।
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इतना बड़ा हादसा सुनकर आसपास के दर्जनों गांव के हजारों लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। हादसा देख सभी के रूह कांप गई। महिलाओं व बच्चों की रोने की आवाज व अपनों को तलाशने के लिए हर कोई आतुर दिखा। जो सकुशल बचे यात्री थे वह भी भगवान का शुक्रिया अदा कर रहे थे कि वह कैसे बच गए। हादसे के दौरान मदद करने वाले ग्रामीणों को भी बस यात्रियों ने धन्यवाद दिया।
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बस हादसे के बाद देवा के बबुुरीगांव के ग्रामीणों ने बताया कि बस पूरी तरह फुल थी। जैसे टक्कर हुई ट्रक चालक भाग गया। जब बस के अंदर पीछे बैठे यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया तो उनके द्वारा आपबीती बताई गई। सुरक्षित बचे यात्री विजय कुमार और मस्तराम ने बताया कि जब हादसा हुआ उस समय हम लोग सो रहे थे। कैसे क्या हुआ कुछ पता ही नहीं चला।
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चीख-पुकार की आवाज आने पर किसी तरह ग्रामीणों ने हमें बाहर निकाला। मौके पर जब पुलिस ने एक क्रेन व दो जीसीबी मशीन की सहायता से बस को गैस कटर से काटकर मुसाफिरों को बाहर निकाला तो उसमें किसी का सिर ही नहीं तो किसी का आधा शरीर गायब था।
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इतना बड़ा हादसा सुनकर आसपास के दर्जनों गांव के हजारों लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। हादसा देख सभी के रूह कांप गई। महिलाओं व बच्चों की रोने की आवाज व अपनों को तलाशने के लिए हर कोई आतुर दिखा। जो सकुशल बचे यात्री थे वह भी भगवान का शुक्रिया अदा कर रहे थे कि वह कैसे बच गए। हादसे के दौरान मदद करने वाले ग्रामीणों को भी बस यात्रियों ने धन्यवाद दिया।