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कटान रोकने में विभाग नाकाम, बढ़ रही तराई में मुश्किलें
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कोटवाधाम (बाराबंकी)। तराई में हो रही कटान को रोकने में विभाग पूरी तरह से नाकाम है। इससे यहां के लोगों की मुश्किलेें बढ़ती जा रही हैं। मार्गों पर बाढ़ का पानी और कीचड़ भरा होने से लोगों को सामान लाने ले जाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, एसडीएम की सूचना पर सोमवार को अधिशासी अभियंता बाढ़ ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और कटान रोकने के कार्य में और तेजी लाने के आदेश दिए।
सिरौलीगौसपुर तहसील के तेलवारी और रामनगर के कोरियनपुरवा आदि गांव के पास हो रही कटान रुकने का नाम नहीं ले रही है। यहां पर बाढ़ खंड को भी कार्य कराने में दिक्कतें आ रही हैं। तेलवारी गांव को जाने वाले मार्ग पर कीचड़ व अन्य मार्गों पर पानी होने के कारण गांव के लोगों को सामान लाने व ले जाने में दिक्कतें हो रही हैं। कटान को रोकने का कार्य जरूर किया जा रहा है लेकिन नदी कब अपना रुख बदल दे इसको लेकर लोगों में दहशत का माहौल है।
कटान की खबर अमर उजाला में सोमवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित करने के बाद बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता शशिकांत सिंह ने कटान प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया और कार्य करा रहे सहायक अभियंताओं को कटान रोकने में और तेजी लाने के आदेेेश दिए। इस बाबत एसडीएम सिरौलीगौसपुर सुरेंद्र पाल विश्वकर्मा का कहना है कि बाढ़ खंड के अधिकारी कटान रोकने का कार्य कर रहे हैं। जल्द ही कटान पर काबू पा लिया जाएगा।
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जनप्रतिनिधि के न पहुंचने से ग्रामीणों में नाराजगी
विधानसभा रामनगर क्षेत्र के तेलवारी गांव में लगभग एक माह कटान हो रही है। लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा आज तक पीड़ितों की सुध नहीं ली गई। यहां के मनोरथ, घनश्याम, गब्बर, बलराम, दुर्गेश, पुर्नवासी, उमेश आदि ने बताया कि हम लोग सरयू नदी की कटान पिछले डेढ़ माह से झेल हैं मगर अभी तक किसी जनप्रतिनिधि हम लोगों की सुध नहीं ली। वह सिर्फ चुनाव के समय वोट मांगने के लिए गांव आते हैं अब मुसीबत के समय कोई नहीं दिख रहा है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हाल जानने पहुंचे डीएम-एसपी
सूरतगंज। हेतमापुर क्षेत्र में बाढ़ का खतरा भांपते हुए सोमवार को डीएम-एसपी खुद बाढ़ क्षेत्र हेतमापुर के तटबंध पर पहुंचे। उन्होंने नाव से पूरे क्षेत्र का मुआयना किया। बाढ़ पीड़ितों से अलर्ट रहने के लिए कहा और अन्य जानकारी हासिल की। यहां पर तैनात कर्मचारियों को हर समय सतर्क रहने की हिदायत दी। दोपहर बाद डीएम डॉ. आदर्श सिंह, एसपी यमुना प्रसाद व सीडीओ एकता सिंह के साथ हेतमापुर तटबंध पर पहुंचे।
यहां उन्होंने एसडीएम रामनगर राजीव कुमार शुक्ल व तहसीलदार सुरेंद्र कुमार से बाढ़ प्रभावित गांव की जानकारी हासिल की। इसके बाद पीएसी के स्टीमर से गांव का निरीक्षण भी किया। बाढ़ खंड अधिकारी शशिकांत को कटान से बचाव के लिए निर्देशित किया। तटबंध पर बसे लोगों ने बताया कि जलस्तर बढ़ने से सुंदरनगर के पास हेतमापुर मार्ग को नदी का पानी बहा ले गया।
लोगों ने बिजली की व्यवस्था, तिरपाल, सामग्री, भोजन, पेयजल, शौचालय को शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं का तत्काल निराकरण किये जाने का निर्देशित किया। वहीं एसपी ने पीएसी व पुलिसकर्मियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिये हैं। निरीक्षण के दौरान थानाध्यक्ष वीरेंद्र बहादुर सिंह, नायाब तहसीलदार आकाश संत, बीडीओ कमलेश कुमार उपस्थित रहे।
राशन लेने से किया इंकार
आधी अधूरी सूची होने के चलते यहां के बाढ़ पीड़ितों ने राशन लेने से इंकार कर दिया है। राशन किटों का वितरण सुंदरनगर, कोडरी, ललपुरवा गांव के लोगों को होना था। लेकिन लेखपाल व कानूनगो की लापरवाही के चलते अधूरी सूची तैयारी की गई। इसमें करीब 75 बाढ़ पीड़ितों के नाम सूची से गायब थे। आक्रोशित बाढ़ पीड़ितों ने राशन लेने से इंकार कर दिया।
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सिरौलीगौसपुर तहसील के तेलवारी और रामनगर के कोरियनपुरवा आदि गांव के पास हो रही कटान रुकने का नाम नहीं ले रही है। यहां पर बाढ़ खंड को भी कार्य कराने में दिक्कतें आ रही हैं। तेलवारी गांव को जाने वाले मार्ग पर कीचड़ व अन्य मार्गों पर पानी होने के कारण गांव के लोगों को सामान लाने व ले जाने में दिक्कतें हो रही हैं। कटान को रोकने का कार्य जरूर किया जा रहा है लेकिन नदी कब अपना रुख बदल दे इसको लेकर लोगों में दहशत का माहौल है।
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कटान की खबर अमर उजाला में सोमवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित करने के बाद बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता शशिकांत सिंह ने कटान प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया और कार्य करा रहे सहायक अभियंताओं को कटान रोकने में और तेजी लाने के आदेेेश दिए। इस बाबत एसडीएम सिरौलीगौसपुर सुरेंद्र पाल विश्वकर्मा का कहना है कि बाढ़ खंड के अधिकारी कटान रोकने का कार्य कर रहे हैं। जल्द ही कटान पर काबू पा लिया जाएगा।
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जनप्रतिनिधि के न पहुंचने से ग्रामीणों में नाराजगी
विधानसभा रामनगर क्षेत्र के तेलवारी गांव में लगभग एक माह कटान हो रही है। लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा आज तक पीड़ितों की सुध नहीं ली गई। यहां के मनोरथ, घनश्याम, गब्बर, बलराम, दुर्गेश, पुर्नवासी, उमेश आदि ने बताया कि हम लोग सरयू नदी की कटान पिछले डेढ़ माह से झेल हैं मगर अभी तक किसी जनप्रतिनिधि हम लोगों की सुध नहीं ली। वह सिर्फ चुनाव के समय वोट मांगने के लिए गांव आते हैं अब मुसीबत के समय कोई नहीं दिख रहा है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हाल जानने पहुंचे डीएम-एसपी
सूरतगंज। हेतमापुर क्षेत्र में बाढ़ का खतरा भांपते हुए सोमवार को डीएम-एसपी खुद बाढ़ क्षेत्र हेतमापुर के तटबंध पर पहुंचे। उन्होंने नाव से पूरे क्षेत्र का मुआयना किया। बाढ़ पीड़ितों से अलर्ट रहने के लिए कहा और अन्य जानकारी हासिल की। यहां पर तैनात कर्मचारियों को हर समय सतर्क रहने की हिदायत दी। दोपहर बाद डीएम डॉ. आदर्श सिंह, एसपी यमुना प्रसाद व सीडीओ एकता सिंह के साथ हेतमापुर तटबंध पर पहुंचे।
यहां उन्होंने एसडीएम रामनगर राजीव कुमार शुक्ल व तहसीलदार सुरेंद्र कुमार से बाढ़ प्रभावित गांव की जानकारी हासिल की। इसके बाद पीएसी के स्टीमर से गांव का निरीक्षण भी किया। बाढ़ खंड अधिकारी शशिकांत को कटान से बचाव के लिए निर्देशित किया। तटबंध पर बसे लोगों ने बताया कि जलस्तर बढ़ने से सुंदरनगर के पास हेतमापुर मार्ग को नदी का पानी बहा ले गया।
लोगों ने बिजली की व्यवस्था, तिरपाल, सामग्री, भोजन, पेयजल, शौचालय को शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं का तत्काल निराकरण किये जाने का निर्देशित किया। वहीं एसपी ने पीएसी व पुलिसकर्मियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिये हैं। निरीक्षण के दौरान थानाध्यक्ष वीरेंद्र बहादुर सिंह, नायाब तहसीलदार आकाश संत, बीडीओ कमलेश कुमार उपस्थित रहे।
राशन लेने से किया इंकार
आधी अधूरी सूची होने के चलते यहां के बाढ़ पीड़ितों ने राशन लेने से इंकार कर दिया है। राशन किटों का वितरण सुंदरनगर, कोडरी, ललपुरवा गांव के लोगों को होना था। लेकिन लेखपाल व कानूनगो की लापरवाही के चलते अधूरी सूची तैयारी की गई। इसमें करीब 75 बाढ़ पीड़ितों के नाम सूची से गायब थे। आक्रोशित बाढ़ पीड़ितों ने राशन लेने से इंकार कर दिया।