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11 बाढ़ चौकियों को दी 99 गांवों की जिम्मेदारी
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बाराबंकी। हर साल तबाही मचाने वाली सरयू से तराई वासियों को बचाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। बाढ़ से बचाव कार्य के लिए तीन तहसील के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 11 बाढ़ चौकियां स्थापित कर 17 राजस्व निरीक्षक व एडीओ पंचायत को प्रभारी के रूप में तैनात कर दिया है।
इनको 99 गांवों के बचाव की जिम्मेदारी दी गई है। इन गांवों की 67 हजार की आबादी को बाढ़ का खतरा सता रहा है। जिले में सरयू में आने वाली बाढ़ से तीन तहसील क्षेत्र के सैकड़ों गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। ऐसे में बचाव कार्य को लेकर रामसनेहीघाट तहसील में तीन बाढ़ चौकियां पर छह प्रभारी तैनात किए गए हैं जिनको 30 गांवों की जिम्मेदारी दी गई है।
बाढ़ कंट्रोल रूम कलेक्ट्रेट में सक्रिय हो गया है। जिस पर अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। कंट्रोल रूम का नंबर 05248-226017 व 229050 पर सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा सकेगा। इसके अलावा ट्रोल फ्री नंबर 1077 व 18001804133 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है।
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जुलाई के दूसरे सप्ताह में अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत संजय शर्मा तथा तीसरे सप्ताह में जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश कुमार तथा अंतिम सप्ताह में भूमि संरक्षण अधिकारी गोमती केपी सिंह को कंट्रोल रूम का प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा कर्मचारियों की ड्यूटी तीन चरणो में लगाई गई है। जिसमें सुबह छह बजे से अपराह्न दो बजे तक, दो बजे से रात्रि 10 बजे तथा रात्रि 10 बजे छह बजे तक कंट्रोल रूम में मौजूद रहेगे।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि सरयू की बाढ़ से तराई के लोगों को बचाने की तैयारियां पूरी कर ली गई है। बाढ़ चौकिया स्थापित कर उन पर प्रभारी तैनात कर दिए गए है। जिनकों बाढ़ से संभावित गांवों के बचाव की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ गांवों में लेखपाल व ग्राम प्रधान इनकी सुरक्षा को लेकर सक्रिय है। कलेक्ट्रेट में स्थापित कंट्रोल रूम भी 24 घंटे सक्रिय है। इस पर अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है।
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इनको 99 गांवों के बचाव की जिम्मेदारी दी गई है। इन गांवों की 67 हजार की आबादी को बाढ़ का खतरा सता रहा है। जिले में सरयू में आने वाली बाढ़ से तीन तहसील क्षेत्र के सैकड़ों गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। ऐसे में बचाव कार्य को लेकर रामसनेहीघाट तहसील में तीन बाढ़ चौकियां पर छह प्रभारी तैनात किए गए हैं जिनको 30 गांवों की जिम्मेदारी दी गई है।
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बाढ़ कंट्रोल रूम कलेक्ट्रेट में सक्रिय हो गया है। जिस पर अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। कंट्रोल रूम का नंबर 05248-226017 व 229050 पर सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा सकेगा। इसके अलावा ट्रोल फ्री नंबर 1077 व 18001804133 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है।
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जुलाई के दूसरे सप्ताह में अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत संजय शर्मा तथा तीसरे सप्ताह में जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश कुमार तथा अंतिम सप्ताह में भूमि संरक्षण अधिकारी गोमती केपी सिंह को कंट्रोल रूम का प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा कर्मचारियों की ड्यूटी तीन चरणो में लगाई गई है। जिसमें सुबह छह बजे से अपराह्न दो बजे तक, दो बजे से रात्रि 10 बजे तथा रात्रि 10 बजे छह बजे तक कंट्रोल रूम में मौजूद रहेगे।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि सरयू की बाढ़ से तराई के लोगों को बचाने की तैयारियां पूरी कर ली गई है। बाढ़ चौकिया स्थापित कर उन पर प्रभारी तैनात कर दिए गए है। जिनकों बाढ़ से संभावित गांवों के बचाव की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ गांवों में लेखपाल व ग्राम प्रधान इनकी सुरक्षा को लेकर सक्रिय है। कलेक्ट्रेट में स्थापित कंट्रोल रूम भी 24 घंटे सक्रिय है। इस पर अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है।