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Barabanki News: दो मदरसों की मान्यता खत्म, पांच पर कार्रवाई जल्दी
Thu, 26 Sep 2024 04:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 26 Sep 2024 04:38 AM IST
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बाराबंकी। मदरसा बोर्ड की ओर से संचालकों की मांग पर दो मदरसों की मान्यता खत्म कर दी गई है। वहीं पांच अन्य मदरसों की मान्यता समाप्त करने के लिए भी बोर्ड को प्रस्ताव भेजा गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही इनकी भी मान्यता भी खत्म हो जाएगी।
शहर के पीरबटावन स्थित मदरसा इस्लामिया मजहरूल उलूम, जैदपुर के मदरसा मर्कजुल उलूम निस्वां, मदरसा खालितुल उलूम देवा, मदरसा बुशरा इस्लामिया फैजुलउलूम दतौली रामनगर, मदरसा इस्लामिया सैय्यदना हजरत उमर रजी अल्लाहु अनहुपूरे जमाशाह, मदरसा वारसिया रहमतुल उलूम करीमिया देवा और मदरसा शेख सखावतुल उलूम देवा के संचालकों ने मान्यता सरेंडर करने का प्रस्ताव दिया था। इनमें शहर के पीरबटावन स्थित मदरसा इस्लामिया मजहरूल उलूम, जैदपुर के मदरसा मर्कजुल उलूम निस्वां की मान्यता मदरसा बोर्ड ने रद्द कर वापस ले ली है। बाकी पांच मदरसों की मान्यता समाप्त करने के लिए बोर्ड को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की ओर से प्रस्ताव भेजा गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही इन सभी की मान्यता भी समाप्त हो जाएगी।
गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के लिए बनीं समिति
शासन के निर्देश पर अल्पसंख्यक विभाग की ओर से अभियान चलाकर जिले भर में 169 मदरसों को चिह्नित किया गया था, जिनके पास मान्यता नहीं थी। इन मदरसों में वर्तमान में करीब 10 हजार बच्चे अध्ययनरत हैं। इन मदरसों में पढ़ने वाले हिंदू बच्चों का पता लगाने के लिए शासन के आदेश पर सभी ब्लॉकों में एक समिति बनाई गई है, जिनके द्वारा जांच की जा रही। गैर मुस्लिम समुदाय के बच्चे मिलने पर इनका दूसरे स्कूलों में नामांकन कराया जाएगा।
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सात मदरसा संचालकों की ओर से मान्यता सरेंडर करने के लिए आवेदन किया गया था। इनमें दो की मान्यता रद्द करने को मंजूरी मिल गई है, शेष प्रक्रियाधीन है। इसी के साथ मदरसों में गैर मुस्लिम बच्चों का पता लगने के लिए समिति बनाई गई है।
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शहर के पीरबटावन स्थित मदरसा इस्लामिया मजहरूल उलूम, जैदपुर के मदरसा मर्कजुल उलूम निस्वां, मदरसा खालितुल उलूम देवा, मदरसा बुशरा इस्लामिया फैजुलउलूम दतौली रामनगर, मदरसा इस्लामिया सैय्यदना हजरत उमर रजी अल्लाहु अनहुपूरे जमाशाह, मदरसा वारसिया रहमतुल उलूम करीमिया देवा और मदरसा शेख सखावतुल उलूम देवा के संचालकों ने मान्यता सरेंडर करने का प्रस्ताव दिया था। इनमें शहर के पीरबटावन स्थित मदरसा इस्लामिया मजहरूल उलूम, जैदपुर के मदरसा मर्कजुल उलूम निस्वां की मान्यता मदरसा बोर्ड ने रद्द कर वापस ले ली है। बाकी पांच मदरसों की मान्यता समाप्त करने के लिए बोर्ड को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की ओर से प्रस्ताव भेजा गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही इन सभी की मान्यता भी समाप्त हो जाएगी।
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गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के लिए बनीं समिति
शासन के निर्देश पर अल्पसंख्यक विभाग की ओर से अभियान चलाकर जिले भर में 169 मदरसों को चिह्नित किया गया था, जिनके पास मान्यता नहीं थी। इन मदरसों में वर्तमान में करीब 10 हजार बच्चे अध्ययनरत हैं। इन मदरसों में पढ़ने वाले हिंदू बच्चों का पता लगाने के लिए शासन के आदेश पर सभी ब्लॉकों में एक समिति बनाई गई है, जिनके द्वारा जांच की जा रही। गैर मुस्लिम समुदाय के बच्चे मिलने पर इनका दूसरे स्कूलों में नामांकन कराया जाएगा।
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सात मदरसा संचालकों की ओर से मान्यता सरेंडर करने के लिए आवेदन किया गया था। इनमें दो की मान्यता रद्द करने को मंजूरी मिल गई है, शेष प्रक्रियाधीन है। इसी के साथ मदरसों में गैर मुस्लिम बच्चों का पता लगने के लिए समिति बनाई गई है।