{"_id":"60c260098ebc3e20266c6b70","slug":"rainfall-barabanki-news-lko581881153","type":"story","status":"publish","title_hn":"झमाझम बारिश से रास्ते जलमग्न, बढ़ीं मुश्किलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झमाझम बारिश से रास्ते जलमग्न, बढ़ीं मुश्किलें
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बाराबंकी। जिले में बृहस्पतिवार को हुई पहली मानसूनी बारिश से शहर से लेकर देहात सब जलमग्न हो गया। कई स्थानों पर हुए जलभराव की वजह से पूरा जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश ने शहर में जलनिकासी की व्यवस्था की पोल भी खोल कर रख दी है। बारिश और तेज हवा के चलने से कई स्थानों पर जहां बिजली आपूर्ति काफी देर तक बाधित रही वहीं बिजली गिरने से एक व्यक्ति और मवेशी की मौत हो गई।
पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से परेशान लोगों को पहली मानसूनी बारिश ने जहां राहत दी वहीं जलनिकासी की व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। शहर के आवास विकास, लखपेड़ाबाग, लक्ष्मणपुरी कॉलोनी, प्रज्ञापुरम, पुलिस लाइन, जीआईसी ऑडीटोरियम, दशहराबाग, नाका पैसार, पलहरी चौराहा, महर्षि नगर, हैदरगढ़ हाईवे निकट फतहाबाद, फतेहपुर तहसील, हसनपुर टांडा, हैदरगढ़ कस्बा और हैदरगढ़ सुल्तानपुर हाईवे के पास समेत कई स्थानों पर जलभराव हो जाने से लोगों को आवागमन में खासी दिक्कतें हुईं।
सुबह से शुरू हुई झमाझम बारिश दोपहर तक रुक-रुककर होती रही। इससे जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। बारिश और जलभराव के चलते लोग घंटों तक अपने-अपने घरों में ही दुबके रहे। शहरवासियों का कहना था कि यदि समय रहते नाले-नालियों की ठीक से सफाई नहीं की गई तो अगली बरसात में लोगों को इससे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार जिले में 58 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मानसून ने दस्तक दे दी है। अभी और बारिश होगी, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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बिजली गिरने से युवक की मौत
बारिश के दौरान बिजली गिरने से आवास विकास कॉलोनी निवासी सुतोष प्रताप (44) की मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार तपन कुमार मिश्रा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही आगे की कार्रवाई के लिए पूरी जांच रिपोर्ट एसडीएम को भेज दी गई है। वहीं हैदरगढ़ के सुबेहा क्षेत्र के बनाकोट गांव में बिजली गिरने से एक गाय की मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे हल्का लेखपाल सौमलिक पांडेय ने बताया कि जांच रिपोर्ट एसडीएम को भेज दी गई है।
केंद्रों पर भीगा सैकड़ों क्विंटल गेहूं
प्रभारियों की लापरवाही की वजह से क्रय केंद्रों पर ट्रालियों में लदा किसानों का सैकड़ों क्विंटल गेहूं बारिश की भेंट चढ़ गया। किसानों का आरोप है कि केंद्र प्रभारियों ने यदि समय से गेहूं की तौल कर ली होती तो शायद गेहूं को भीगने से बचाया जा सकता था। जिसकी वजह से सिरौलीगौसपुर के मधनापुर क्रय केंद्र, उस्मानपुर, त्रिवेदीगंज के साधन सहकारी समिति हुसैनाबाद, गेहूं खरीद केंद्र हरख और बुढ़वल में खुले आसमान के नीचे लगा सैकड़ों क्विंटल गेहूं भीग गया। जिला खाद्य विपणन अधिकारी संतोष कुमार द्विवेदी का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
बारिश से बिखरे किसानों के सपने
मानसून की बारिश से खेत लबालब हो गए। सैकड़ों बीघे खेतों में कटी पड़ी मेंथा की फसल बर्बाद हो गई। वहीं जो किसान मेंथा काटकर धान की रोपाई करने की सोच रखे थे। अब पेराई में विलंब होने को लेकर उनकी धान की रोपाई भी पिछड़ने की उम्मीद है। जिन किसानों के खेत निचले हैं। उसमें जलभराव के चलते कद्दू, लौकी जैसी सब्जी की फसलों को नुकसान होगा।
हालांकि धान की खेती के लिए यह बारिश फायदेमंद है। बारिश के बाद खेतों में जहां धान की नर्सरी खिलखिला उठी। वहीं कई किसानों ने तो धान की रोपाई का काम भी शुरू कर दिया। हालांकि मौसम की मार से किसान उबर नहीं पा रहा है। जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि बारिश से मेंथा की फसल को नुकसान व पेराई प्रभावित हुई है। इसका असर मेंथा के उत्पादन पर पड़ेगा।
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पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से परेशान लोगों को पहली मानसूनी बारिश ने जहां राहत दी वहीं जलनिकासी की व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। शहर के आवास विकास, लखपेड़ाबाग, लक्ष्मणपुरी कॉलोनी, प्रज्ञापुरम, पुलिस लाइन, जीआईसी ऑडीटोरियम, दशहराबाग, नाका पैसार, पलहरी चौराहा, महर्षि नगर, हैदरगढ़ हाईवे निकट फतहाबाद, फतेहपुर तहसील, हसनपुर टांडा, हैदरगढ़ कस्बा और हैदरगढ़ सुल्तानपुर हाईवे के पास समेत कई स्थानों पर जलभराव हो जाने से लोगों को आवागमन में खासी दिक्कतें हुईं।
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सुबह से शुरू हुई झमाझम बारिश दोपहर तक रुक-रुककर होती रही। इससे जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। बारिश और जलभराव के चलते लोग घंटों तक अपने-अपने घरों में ही दुबके रहे। शहरवासियों का कहना था कि यदि समय रहते नाले-नालियों की ठीक से सफाई नहीं की गई तो अगली बरसात में लोगों को इससे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार जिले में 58 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मानसून ने दस्तक दे दी है। अभी और बारिश होगी, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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बिजली गिरने से युवक की मौत
बारिश के दौरान बिजली गिरने से आवास विकास कॉलोनी निवासी सुतोष प्रताप (44) की मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार तपन कुमार मिश्रा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही आगे की कार्रवाई के लिए पूरी जांच रिपोर्ट एसडीएम को भेज दी गई है। वहीं हैदरगढ़ के सुबेहा क्षेत्र के बनाकोट गांव में बिजली गिरने से एक गाय की मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे हल्का लेखपाल सौमलिक पांडेय ने बताया कि जांच रिपोर्ट एसडीएम को भेज दी गई है।
केंद्रों पर भीगा सैकड़ों क्विंटल गेहूं
प्रभारियों की लापरवाही की वजह से क्रय केंद्रों पर ट्रालियों में लदा किसानों का सैकड़ों क्विंटल गेहूं बारिश की भेंट चढ़ गया। किसानों का आरोप है कि केंद्र प्रभारियों ने यदि समय से गेहूं की तौल कर ली होती तो शायद गेहूं को भीगने से बचाया जा सकता था। जिसकी वजह से सिरौलीगौसपुर के मधनापुर क्रय केंद्र, उस्मानपुर, त्रिवेदीगंज के साधन सहकारी समिति हुसैनाबाद, गेहूं खरीद केंद्र हरख और बुढ़वल में खुले आसमान के नीचे लगा सैकड़ों क्विंटल गेहूं भीग गया। जिला खाद्य विपणन अधिकारी संतोष कुमार द्विवेदी का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
बारिश से बिखरे किसानों के सपने
मानसून की बारिश से खेत लबालब हो गए। सैकड़ों बीघे खेतों में कटी पड़ी मेंथा की फसल बर्बाद हो गई। वहीं जो किसान मेंथा काटकर धान की रोपाई करने की सोच रखे थे। अब पेराई में विलंब होने को लेकर उनकी धान की रोपाई भी पिछड़ने की उम्मीद है। जिन किसानों के खेत निचले हैं। उसमें जलभराव के चलते कद्दू, लौकी जैसी सब्जी की फसलों को नुकसान होगा।
हालांकि धान की खेती के लिए यह बारिश फायदेमंद है। बारिश के बाद खेतों में जहां धान की नर्सरी खिलखिला उठी। वहीं कई किसानों ने तो धान की रोपाई का काम भी शुरू कर दिया। हालांकि मौसम की मार से किसान उबर नहीं पा रहा है। जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि बारिश से मेंथा की फसल को नुकसान व पेराई प्रभावित हुई है। इसका असर मेंथा के उत्पादन पर पड़ेगा।