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Barabanki News: फसलों पर आफत की बारिश
Sun, 05 Apr 2026 12:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 05 Apr 2026 12:27 AM IST
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बाराबंकी। जनपद में मौसम के लगातार बदलते मिजाज ने अन्नदाताओं की माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। शनिवार को दिनभर खिली तेज धूप के बाद शाम को अचानक गरज-चमक के साथ हुई बारिश ने गेहूं, सरसों और आलू की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। वर्तमान में गेहूं और सरसों की फसलें पूरी तरह तैयार हैं, ऐसे में यह बारिश फसलों के लिए अमृत नहीं बल्कि आफत बनकर बरसी है।
जिले में वर्तमान में सरसों की लगभग 50 प्रतिशत फसल कट चुकी है, जबकि गेहूं की कटाई और मड़ाई का कार्य अपने चरम पर है। शनिवार दोपहर तक आसमान साफ रहने से किसानों को उम्मीद थी कि वे अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित घर ले आएंगे लेकिन शाम होते ही अचानक आए बादलों और बूंदाबांदी ने पूरी गणना बिगाड़ दी। किसानों का कहना है कि यदि अब तेज बारिश या ओलावृष्टि होती है तो तैयार खड़ी और खेतों में कटी पड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी।
सआदतगंज क्षेत्र के किसान रामपाल यादव बताते हैं कि क्षेत्र में अभी भी 50 प्रतिशत से अधिक गेहूं की फसल खेतों में खड़ी है। नमी के कारण मशीनों से कटाई संभव नहीं हो पा रही है और मजदूरों से कटाई का कार्य भी बारिश की वजह से ठप हो गया है। किसान अब इस जद्दोजहद में जुटे हैं कि किसी तरह फसल को तिरपाल से ढका जाए या ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया जाए।
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कृषि विशेषज्ञों की राय
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय होने वाली बारिश से गेहूं के दाने काले पड़ सकते हैं और उनकी गुणवत्ता खराब हो सकती है, जिससे बाजार में किसानों को सही दाम मिलना मुश्किल हो जाएगा। फिलहाल, किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं और कुदरत से बस इतनी गुहार लगा रहे हैं कि मौसम जल्द साफ हो जाए ताकि उनकी महीनों की मेहनत सुरक्षित घर पहुंच सके।
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जिले में वर्तमान में सरसों की लगभग 50 प्रतिशत फसल कट चुकी है, जबकि गेहूं की कटाई और मड़ाई का कार्य अपने चरम पर है। शनिवार दोपहर तक आसमान साफ रहने से किसानों को उम्मीद थी कि वे अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित घर ले आएंगे लेकिन शाम होते ही अचानक आए बादलों और बूंदाबांदी ने पूरी गणना बिगाड़ दी। किसानों का कहना है कि यदि अब तेज बारिश या ओलावृष्टि होती है तो तैयार खड़ी और खेतों में कटी पड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी।
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सआदतगंज क्षेत्र के किसान रामपाल यादव बताते हैं कि क्षेत्र में अभी भी 50 प्रतिशत से अधिक गेहूं की फसल खेतों में खड़ी है। नमी के कारण मशीनों से कटाई संभव नहीं हो पा रही है और मजदूरों से कटाई का कार्य भी बारिश की वजह से ठप हो गया है। किसान अब इस जद्दोजहद में जुटे हैं कि किसी तरह फसल को तिरपाल से ढका जाए या ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया जाए।
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कृषि विशेषज्ञों की राय
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय होने वाली बारिश से गेहूं के दाने काले पड़ सकते हैं और उनकी गुणवत्ता खराब हो सकती है, जिससे बाजार में किसानों को सही दाम मिलना मुश्किल हो जाएगा। फिलहाल, किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं और कुदरत से बस इतनी गुहार लगा रहे हैं कि मौसम जल्द साफ हो जाए ताकि उनकी महीनों की मेहनत सुरक्षित घर पहुंच सके।