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आफत बनी बारिश, धान की फसल बर्बाद
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बाराबंकी। मौसम की मार से किसान उबर नहीं पा रहे हैं। सितंबर में मूसलधार बारिश से हुए नुकसान के बाद बची धान की फसल रविवार को हुई बारिश से खेत व खलिहान में बर्बाद हो गई। तेज हवा के साथ हुई बारिश से धान की खड़ी फसल भी धराशायी हो गई। वहीं खेतों में जलभराव होने से तिलहन के साथ आलू की फसल की बुआई पर भी संकट खड़ा हो गया है। अब विलंब से ही बुआई हो सकेगी। रविवार को जिले में 26 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।
जिले में एक लाख 83 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की फसल की बुआई होती है। वहीं धान उत्पादन में बीते वर्षों में प्रदेश में जिला दूसरे स्थान पर रहा है। मगर, मौसम की बेरुखी ने किसानों की मेहनत व लागत के साथ उनकी उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है। धान की फसल इस बार काफी अच्छी थी। ऐसे में किसानों को बीते वर्ष हुए नुकसान की भरपाई की इस बार उम्मीद थी।
गौरतलब है कि सितंबर में लगातार तीन दिन की बारिश से धान की करीब 20 फीसदी फसल को नुकसान हुआ। ऐसे में बची हुई फसल से लागत व मेहनत निकलने की संभावना थी। इस समय धान की फसल की कटाई का काम भी किसानों ने शुरू कर दिया था। ऐसे में रविवार को दोपहर बाद से शुरू हुई बारिश से खेतों से लेकर खलिहान तक फसल बर्बाद होने से किसान काफी मायूस हैं।
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बारिश से खेत से लेकर खलिहान तक पानी भर गया। कटी हुई फसल पानी में डूब गई। वहीं तेज हवा के साथ हुई बारिश से खेतों में खड़ी फसल धराशायी हो गई। ऐसे में जहां धान के उत्पादन में लक्ष्य के अनुरूप कमी आएगी, वहीं लागत निकलनी भी मुश्किल होगी। सितंबर में हुई मूसलधार बारिश से खेतों में अभी नमी कम नहीं हुई थी। ऐसे में रविवार को बारिश से हुए जलभराव से तिलहन व आलू की बुुआई में भी अब विलंब होगा।
तेज हवा के बीच हुई बारिश से किसानों के साथ आम जनमानस पर भी काफी असर पड़ा। बारिश से जहां जगह-जगह जलभराव की समस्या पैदा हो गई, वहीं मौसम ने भी गुलाबी ठंड का एहसास कराना शुरू कर दिया। रविवार को बारिश के बीच हवा के तेज झोकों से पेड़ व बिजली के खंभे तक गिर गए। इससे बिजली गुल होने के साथ रास्ता भी अवरुद्ध होने से आवागमन में दिक्कत हुई। इतना ही नहीं, दोपहर में अचानक बिगड़े मौसम में घर से बाहर निकले लोग भीगते हुए गंतव्य तक पहुंच सके।
मौसम विभाग ने बारिश का जो अलर्ट जारी किया है, उसमें रविवार के साथ सोमवार को भी बारिश होने की संभावना है। अगर सोमवार को भी बारिश हुई तो जमीन पर पड़ी फसल सड़ने के साथ अंकुरित होने से पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि तेज हवा के बीच हुई बारिश से धान की फसल को नुकसान हुआ है। पहले हुई बारिश से जहां करीब 15 से 20 प्रतिशत तक नुकसान हुआ था, वहीं रविवार की बारिश में कटी पड़ी धान की फसल के साथ खड़ी फसल गिरने से नुकसान हुआ है। इसका सर्वे कराया जाएगा। फसल बीमा से आच्छादित किसानों को मुआवजा का लाभ मिलेगा।
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जिले में एक लाख 83 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की फसल की बुआई होती है। वहीं धान उत्पादन में बीते वर्षों में प्रदेश में जिला दूसरे स्थान पर रहा है। मगर, मौसम की बेरुखी ने किसानों की मेहनत व लागत के साथ उनकी उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है। धान की फसल इस बार काफी अच्छी थी। ऐसे में किसानों को बीते वर्ष हुए नुकसान की भरपाई की इस बार उम्मीद थी।
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गौरतलब है कि सितंबर में लगातार तीन दिन की बारिश से धान की करीब 20 फीसदी फसल को नुकसान हुआ। ऐसे में बची हुई फसल से लागत व मेहनत निकलने की संभावना थी। इस समय धान की फसल की कटाई का काम भी किसानों ने शुरू कर दिया था। ऐसे में रविवार को दोपहर बाद से शुरू हुई बारिश से खेतों से लेकर खलिहान तक फसल बर्बाद होने से किसान काफी मायूस हैं।
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बारिश से खेत से लेकर खलिहान तक पानी भर गया। कटी हुई फसल पानी में डूब गई। वहीं तेज हवा के साथ हुई बारिश से खेतों में खड़ी फसल धराशायी हो गई। ऐसे में जहां धान के उत्पादन में लक्ष्य के अनुरूप कमी आएगी, वहीं लागत निकलनी भी मुश्किल होगी। सितंबर में हुई मूसलधार बारिश से खेतों में अभी नमी कम नहीं हुई थी। ऐसे में रविवार को बारिश से हुए जलभराव से तिलहन व आलू की बुुआई में भी अब विलंब होगा।
तेज हवा के बीच हुई बारिश से किसानों के साथ आम जनमानस पर भी काफी असर पड़ा। बारिश से जहां जगह-जगह जलभराव की समस्या पैदा हो गई, वहीं मौसम ने भी गुलाबी ठंड का एहसास कराना शुरू कर दिया। रविवार को बारिश के बीच हवा के तेज झोकों से पेड़ व बिजली के खंभे तक गिर गए। इससे बिजली गुल होने के साथ रास्ता भी अवरुद्ध होने से आवागमन में दिक्कत हुई। इतना ही नहीं, दोपहर में अचानक बिगड़े मौसम में घर से बाहर निकले लोग भीगते हुए गंतव्य तक पहुंच सके।
मौसम विभाग ने बारिश का जो अलर्ट जारी किया है, उसमें रविवार के साथ सोमवार को भी बारिश होने की संभावना है। अगर सोमवार को भी बारिश हुई तो जमीन पर पड़ी फसल सड़ने के साथ अंकुरित होने से पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि तेज हवा के बीच हुई बारिश से धान की फसल को नुकसान हुआ है। पहले हुई बारिश से जहां करीब 15 से 20 प्रतिशत तक नुकसान हुआ था, वहीं रविवार की बारिश में कटी पड़ी धान की फसल के साथ खड़ी फसल गिरने से नुकसान हुआ है। इसका सर्वे कराया जाएगा। फसल बीमा से आच्छादित किसानों को मुआवजा का लाभ मिलेगा।