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झमाझम बारिश से शहर बन गया ताल-तलैया
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बाराबंकी। झमाझम बारिश से शहर ताल-तलैया में बदल गया। मोहल्लों को जाने वाले रास्तों पर पानी भर जाने से लोगों का आवागमन बाधित हो गया। पानी गिरने का सिलसिला रविवार देर रात से शुरू हुआ तो सोमवार की शाम तक जारी रहा। इससे ज्यादातर लोग अपने घरों में ही कैद रहे। सड़कों पर भी बारिश की वजह से लोग काफी कम दिखाई दिए। लोग आवश्यक कार्य से घरों से बाहर निकले तो पूरी तरह से भीग गए।
मौसम विभाग की मानें तो जून में हुई पहली मानसूनी बारिश में अब तक सबसे ज्यादा 66 मिमी. बारिश रिकॉर्ड दर्ज की गई। रविावर देर रात से शुुरू हुई बारिश सोमवार दोपहर तक झमाझम तथा इसके बाद रुक रुककर होती रही। शाम को जाकर बारिश बंद हुई। बारिश इतनी ज्यादा हो गई कि शहर के ज्यादातर रास्ते ताल-तलैया में तब्दील हो गए। जिससे लोग अपने घरों में ही कैद रहे।
मार्गों पर पानी भर जाने की वजह से लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही के वजह से लखपेड़ाबाग, आवास विकास, खलरिया, मुनेश्वर विहार कॉलोनी, जीआईसी मैदान, दशहराबाग, नवीगंज, कांशीराम कॉलोनी, आलापुर, हजाराबाग, पीरबटावन, नाका पैसार, विजय नगर, लक्ष्मणपुरी कॉलोनी समेत कई मोहल्लों के मार्ग नदी व तालाब सरीखे हो गए।
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यदि समय रहते यहां नाले-नालियों की साफ-सफाई का कार्य कराया गया होता तो शायद ये नौबत न आती। लेकिन बार-बार कहने के बाद भी नगर पालिका द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया जिससे बारिश के दौरान हम लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मौसम विभाग की माने तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में मध्यम से घने बादल छाए रहने के साथ बारिश होने और हवा के सामान्य गति से पुरवा चलने के आसार हैं।
धान की रोपाई में आएगी और तेजी
इस बारिश से धान की रोपाई में जहां तेजी आएगी वहीं मेंथा की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है या यूं कहा जाए कि मेंथा की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है जिससे किसानों की रातों की नींद उड़ गई है। किसानों की माने तो पानी इतना ज्यादा गिर गया है कि अब धान की रोपाई के कार्य में और तेजी आएगी। जिन किसानों की बेरन तैयार हो गई वह किसान धान की रोपाई की तैयारी में लग गए हैं।
किसानों ने बताया कि इस बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान मेंथा की फसल को हुआ है। जिन किसानों की मेंथा की फसल खेतों में कटी पड़ी थी वह पूरी तरह से चौपट हो गई है। वहीं जिन किसानों की फसल तैयार है और कटाई न होने तथा खेतों में पानी भर जाने से वह भी पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।
बारिश ने उड़ाई कई मोहल्लों की बिजली
बारिश होने से शहर में कई मोहल्लों की बिजली आपूर्ति ठप रही। शहर में कहीं चार घंटे तो कहीं दो घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ने से लखपेड़ाबाग, बाल विहार, सरस्वती विहार, आनंद विहार मोहल्ले की चार घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे करीब तीस हजार आबादी प्रभावित रही। इंसुलेटर में पानी आने व जंफर उड़ने से मोहारीपुरवा, शिवाजी नगर, जसवंतनगर, कटरा, बारादरी, लक्ष्मणपुरी कॉलोनी, दशहराबाग, कंपनीबाग, सिविल लाइन मोहल्ले में बिजली की आवाजाही लगी रही।
कभी दो घंटे तो कभी बीस मिनट तो कभी आधा घंटा बिजली गुल रही। करीब 40 हजार आबादी प्रभावित रही। पावर कॉर्पोरेशन के अधिशासी अभियंता आरके मिश्र का कहना है कि बारिश के चलते बिजली आपूर्ति में बाधा आई है। कई टीमें कार्य कर रही हैं। ज्यादातर स्थानों पर फाल्ट दुरुस्त कराकर बिजली आपूर्ति शुरू करा दी गई है। एसडीओ व अवर अभियंताओं को फाल्ट को दुरुस्त कराने व सतत मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
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मौसम विभाग की मानें तो जून में हुई पहली मानसूनी बारिश में अब तक सबसे ज्यादा 66 मिमी. बारिश रिकॉर्ड दर्ज की गई। रविावर देर रात से शुुरू हुई बारिश सोमवार दोपहर तक झमाझम तथा इसके बाद रुक रुककर होती रही। शाम को जाकर बारिश बंद हुई। बारिश इतनी ज्यादा हो गई कि शहर के ज्यादातर रास्ते ताल-तलैया में तब्दील हो गए। जिससे लोग अपने घरों में ही कैद रहे।
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मार्गों पर पानी भर जाने की वजह से लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही के वजह से लखपेड़ाबाग, आवास विकास, खलरिया, मुनेश्वर विहार कॉलोनी, जीआईसी मैदान, दशहराबाग, नवीगंज, कांशीराम कॉलोनी, आलापुर, हजाराबाग, पीरबटावन, नाका पैसार, विजय नगर, लक्ष्मणपुरी कॉलोनी समेत कई मोहल्लों के मार्ग नदी व तालाब सरीखे हो गए।
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यदि समय रहते यहां नाले-नालियों की साफ-सफाई का कार्य कराया गया होता तो शायद ये नौबत न आती। लेकिन बार-बार कहने के बाद भी नगर पालिका द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया जिससे बारिश के दौरान हम लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मौसम विभाग की माने तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में मध्यम से घने बादल छाए रहने के साथ बारिश होने और हवा के सामान्य गति से पुरवा चलने के आसार हैं।
धान की रोपाई में आएगी और तेजी
इस बारिश से धान की रोपाई में जहां तेजी आएगी वहीं मेंथा की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है या यूं कहा जाए कि मेंथा की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है जिससे किसानों की रातों की नींद उड़ गई है। किसानों की माने तो पानी इतना ज्यादा गिर गया है कि अब धान की रोपाई के कार्य में और तेजी आएगी। जिन किसानों की बेरन तैयार हो गई वह किसान धान की रोपाई की तैयारी में लग गए हैं।
किसानों ने बताया कि इस बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान मेंथा की फसल को हुआ है। जिन किसानों की मेंथा की फसल खेतों में कटी पड़ी थी वह पूरी तरह से चौपट हो गई है। वहीं जिन किसानों की फसल तैयार है और कटाई न होने तथा खेतों में पानी भर जाने से वह भी पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।
बारिश ने उड़ाई कई मोहल्लों की बिजली
बारिश होने से शहर में कई मोहल्लों की बिजली आपूर्ति ठप रही। शहर में कहीं चार घंटे तो कहीं दो घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ने से लखपेड़ाबाग, बाल विहार, सरस्वती विहार, आनंद विहार मोहल्ले की चार घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे करीब तीस हजार आबादी प्रभावित रही। इंसुलेटर में पानी आने व जंफर उड़ने से मोहारीपुरवा, शिवाजी नगर, जसवंतनगर, कटरा, बारादरी, लक्ष्मणपुरी कॉलोनी, दशहराबाग, कंपनीबाग, सिविल लाइन मोहल्ले में बिजली की आवाजाही लगी रही।
कभी दो घंटे तो कभी बीस मिनट तो कभी आधा घंटा बिजली गुल रही। करीब 40 हजार आबादी प्रभावित रही। पावर कॉर्पोरेशन के अधिशासी अभियंता आरके मिश्र का कहना है कि बारिश के चलते बिजली आपूर्ति में बाधा आई है। कई टीमें कार्य कर रही हैं। ज्यादातर स्थानों पर फाल्ट दुरुस्त कराकर बिजली आपूर्ति शुरू करा दी गई है। एसडीओ व अवर अभियंताओं को फाल्ट को दुरुस्त कराने व सतत मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।