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Barabanki News: 101 वीआईपी नंबरों को हथियाने का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार
Thu, 12 Mar 2026 02:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 12 Mar 2026 02:06 AM IST
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बाराबंकी। बीएसएनएल के 101 वीआईपी मोबाइल नंबरों को फर्जी तरीके से ई सिम में स्वैप कर बेचने वाले गिरोह का साइबर पुलिस ने खुलासा करते हुए मास्टरमाइंड समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी फ्रेंचाइजी से एजेंट के रूप में जुड़े थे और गली-मोहल्लों में कैनोपी लगाकर सिम बेचते थे। इसी दौरान उन्होंने संचार आधार ऐप के जरिए मेल करके बीएसएनएल के दो कर्मचारियों की लॉग इन आईडी और पासवर्ड हासिल कर लिए और बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा कर डाला।
मामला 10 फरवरी 2026 को सामने आया, जब गोंडा जिले के परसपुर निवासी उपभोक्ता देवनारायण सिंह का मोबाइल नंबर अचानक बंद हो गया। जांच करने पर पता चला कि उनका नंबर ई सिम के रूप में जारी कर दिया गया है। बीएसएनएल में पड़ताल शुरू हुई तो पता चला कि 99 प्रीपेड और दो पोस्टपेड समेत कुल 101 वीआईपी नंबरों को ई सिम में तब्दील कर दिया गया है। बीएसएनएल की जूनियर टेलीकॉम ऑफिसर रागिनी नाग ने करीब 15 दिन पहले साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि तकनीकी जांच, ईमेल आईडी के प्रयोग और लोकेशन के आधार पर पुलिस ने हरदोई जिले के संडीला थाना क्षेत्र के तिलकखेड़ा के मूल निवासी व वर्तमान में लखनऊ में रह रहे राकेश पाल और सीतापुर के थानगांव निवासी शुभम शुक्ला को गिरफ्तार किया है। राकेश पाल मास्टरमाइंड है। बीएसएनएल के संचार आधार ऐप का इस्तेमाल किया और ऐप संचालित करने वाली कंपनी को ईमेल व फोन कर बाराबंकी बीएसएनएल के दो कर्मचारियों की लॉग इन आईडी और पासवर्ड हासिल कर लिए। इन नंबरों को 10 हजार से लेकर दो लाख रुपये तक में बेच दिया।
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मामला 10 फरवरी 2026 को सामने आया, जब गोंडा जिले के परसपुर निवासी उपभोक्ता देवनारायण सिंह का मोबाइल नंबर अचानक बंद हो गया। जांच करने पर पता चला कि उनका नंबर ई सिम के रूप में जारी कर दिया गया है। बीएसएनएल में पड़ताल शुरू हुई तो पता चला कि 99 प्रीपेड और दो पोस्टपेड समेत कुल 101 वीआईपी नंबरों को ई सिम में तब्दील कर दिया गया है। बीएसएनएल की जूनियर टेलीकॉम ऑफिसर रागिनी नाग ने करीब 15 दिन पहले साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि तकनीकी जांच, ईमेल आईडी के प्रयोग और लोकेशन के आधार पर पुलिस ने हरदोई जिले के संडीला थाना क्षेत्र के तिलकखेड़ा के मूल निवासी व वर्तमान में लखनऊ में रह रहे राकेश पाल और सीतापुर के थानगांव निवासी शुभम शुक्ला को गिरफ्तार किया है। राकेश पाल मास्टरमाइंड है। बीएसएनएल के संचार आधार ऐप का इस्तेमाल किया और ऐप संचालित करने वाली कंपनी को ईमेल व फोन कर बाराबंकी बीएसएनएल के दो कर्मचारियों की लॉग इन आईडी और पासवर्ड हासिल कर लिए। इन नंबरों को 10 हजार से लेकर दो लाख रुपये तक में बेच दिया।
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